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Agra News: ताजनगरी में प्रदूषण चरम पर! आवास विकास सबसे जहरीला इलाका

Published On: November 26, 2025
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Agra News: आगरा में फिर बढ़ा AQI
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Agra News: ताजनगरी की हवा लगातार खराब होती जा रही है। शहर का AQI पुअर श्रेणी में पहुंच गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ( CPCB ) की रिपोर्ट के अनुसार शहर के छह में से चार मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI पुअर श्रेणी में पहुंच गया है। सबसे खराब स्थिति आवास विकास की रही, जहां का AQI 226 दर्ज किया गया। दूसरा सबसे प्रदूषित क्षेत्र शाहजहां गार्डन 219 रहा, जहां ताजमहल के आसपास की हवा भी खराब मिली। रोहता, संजय प्लेस और शास्त्रीपुरम के भी हालत चिंताजनक रही।

आगरा के स्थान AQI स्तर
आवास विकास226
शाहजहां गार्डन 219
रोहता 212
संजय प्लेस201
शास्त्रीपुरम196
मनोहरपुर 188

इन आंकड़ों से साफ है कि आगरा शहर का ज्यादातर हिस्ता पुअर श्रेणी में है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारण मन जाता है खास कर बच्चों और बुजुर्ग पर इसका ज्यादा असर हो सकता है।

Agra News: आगरा में फिर से बढ़ा प्रदूषण

आगरा में इन दिनों कई बड़े निर्माण प्रॉजेक्ट एक साथ चल रहे है

  1. मेट्रो का निर्माण
  2. एसएन मेडिकल कॉलेज में नई बिल्डिंग
  3. मुख्य सड़कों पर मरम्मत

इस सभी जगहों से बड़ी मात्रा में रेत, मिट्टी और सीमेंट के बारीक कण हवा में उड़ रहे है। वहीं मेट्रो निर्माण स्थल पर तो पानी का छिड़काव कराया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद धूल उड़ना बंद नहीं हो रहा। विशेषकर एमजी रोड, भगवान टॉकीज और फतेहाबाद रोड पर निर्माण की वजह से धुंध जैसा वातावरण बना हुआ है।

नवंबर-दिसंबर में तापमान गिरने से हवा का प्रवाह धीमा हो जाता है। जानकारी के अनुसार

  1. ठंडी हवा ऊपर उठने के बजाय नीचे की ओर बैठती है
  2. धूल और PM 10/ PM 2.5 कण हवा में फंस जाते है
  3. सुबह-शाम स्मॉग जैसा नजारा बनता है
  4. खेतों में जलाई जा रही परली और कूड़ा भी बढ़ता है AQI

इस मौसम में हवा में मौजूद प्रदूषक कण तेजी से नहीं बिखरते, जिससे AQI लगातार बढ़ता रहता है।

डॉक्टरों के अनुसार जब AQI 200-300 के बीच हो जाता है, तो यह पुअर श्रेणी मन जाता है। इस दौरान मानव शरीर पर काई तरह के खतरे पैदा कर सकता है।

सांस लेने में तकलीफ

PM 2.5 कण इतने छोटे होते है कि वे सीधे फेफड़ों तक पहुंच जाते है। और ये कण बुजुर्गों, बच्चों और दमा रोगियों के लिए ये स्थिति बेहद खतरनाक बन सकती है।

आंखों में जलन और गले में खराश

हवा में मौजूद NO₂ और SO₂ गैसे आंखों की नमी को सुख देती है, जिससे लालपन और जलन होती है।

दमा और COPD रोगियों को खतरा

डॉक्टरों के अनुसार प्रदूषित हवा पुरानी सांस संबंधी बीमारियों को बढ़ती है और इन मरीजों को अधिक दिक्कतें हो सकती है।

दिल के मरीज खास ध्यान रखें

हवा में धूल और रासायनिक कण ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकते है, जिससे दिन के मरीजों को ज्यादा खतरा है।

AQI का स्तर श्रेणी
0-50अच्छा
50-100संतोषजनक
100-200मॉडरेट
200-300खराब
300-400बहुत खराब ( very Poor )
400+गंभीर ( Severe )

वर्तमान में आगरा के कई इलाकों का AQI 200 से ऊपर है, यानी साफ तौर पर देखा जाए तो यह स्थिति खराब श्रेणी में है।

नगर निगम और प्रदूषण विभाग द्वारा सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। साथ ही निर्माण स्थलों पर गीली मिट्ठी फैलाने का निर्देश दिए है, और कूड़ा जलाने पर सख्ती कर दी गई है। लेकिन निर्माण स्थलों की भरी संख्या और मौसम के कारण हवा साफ होती नहीं दिख रही है। ऐसे में शहर का प्रदूषण स्टार लगातार बढ़ रहा है।

डॉक्टरों ने खराब AQI में ये सुझाव दिए है

  1. N 95 मास्क लगाकर ही बाहर जाएं
  2. सुबह और शाम के समय बाहर जाना अवॉयड करें
  3. घर में पौधे लगाएं जैसे एलोवेरा, स्नेक प्लांट, मानी प्लांट
  4. Asthma मरीज इनहेलर साथ रखें
  5. बच्चों और बुजुर्गों को बाहर कम लेकर जाएं
  6. वातावरण को साफ रखने के लिए कूड़ा न जलाएं
  7. पानी ज्यादा पिएं

मौसम विभाग और पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार

. तापमान कम होने के साथ प्रदूषण कण नीचे बैठते जाएंगे
. हवा की रफ्तार कमजोर रहने से AQI कम होने की संभावना कम है
. निर्माण कार्य बंद या नियंत्रित न हुए तो हवा और भी खराब हो सकती है

अगर वर्तमान में ऐसी ही गति रही तो आने वाले दिनों में AQI 250-300 तक पहुंच सकता है। अगर AQI 250-300 के पास पहुंचा तो सांस लेने में बहुत तक़लीफ हो सकती है।

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Manoj Sharma

मनोज शर्मा एक डिजिटल न्यूज़ राइटर हैं, जो आगरा और उत्तर प्रदेश की ताज़ा खबरें, क्राइम अपडेट्स और स्थानीय मुद्दों पर लिखते हैं। इनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है।

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