Agra News: ताजनगरी की हवा एक बार फिर खतरे की ओर बढ़ रही है। पिछले कुछ दिनों से वायु की गुणवत्ता AQI लगातार खराब श्रेणी की ओर झुक रहा है। गुरुवार की सुबह के आंकड़ों ने शहरवासियों की चिंता और बढ़ा दी। कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर 200 के पार पहुंच गया, जबकि शहर का औसत AQI भी मॉडरेट से ऊपर बना हुआ है।
इस दौरान शहर में सबसे खराब स्थिति रोहता क्षेत्र में देखने को मिली, जहां गुरुवार की सुबह का AQI 212 दर्ज किया गया जो सीधे पुअर श्रेणी में आता है। वहीं दूसरी ओर मनोहरपुर शहर का सबसे कम प्रदूषित इलाका रहा, जहां सुबह का AQI 120 दर्ज किया गया, जो कि सेटिस्फेक्ट्री श्रेणी की सीमा के आसपास रहा। पिछले कुछ समय पहले मनोहरपुर का AQI सबसे ज्यादा था।
रोहता बना सबसे ज्यादा प्रदूषित इलाका
आगरा का रोहता क्षेत्र गुरुवार को पूरे शहर में सबसे अधिक प्रदूषित रहा। यहां का AQI 212 दर्ज किया गया, जो सीखे पुअर कैटेगरी में आता है। यह स्तर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है। ऐसी स्थिति में सांस लेने में तकलीफ आंखों में जलन, सिरदर्द, गले में खराश और कमजोरी जैसी समस्याएं बढ़ सकती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह से ही क्षेत्र में हल्की धुंध, धुआं और धूल स्पष्ट देख रही थी।
आवास विकास दूसरा प्रदूषित क्षेत्र
रोहता के बाद आवास विकास कॉलोनी शहर का दूसरा सबसे प्रदूषित क्षेत्र रहा। गुरुवार सुबह यहां का AQI 194 पहुंच गया, जो कि पुअर श्रेणी की सीमा को छूता हुआ मॉडरेट और खराब के बीच है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में निर्माण कार्य, ट्रैफिक और बढ़ती धूल ने यहां की हवा को लगातार खराब किया है। प्रदूषण के बढ़ते से लोगो को सुबह की वॉक और बाहर निकलने में भी परेशानी होने लगी है।
शास्त्रीपुरम की हवा भी खराब
शास्त्रीपुरम का AQI 185 दर्ज किया गया। यह मॉडरेट श्रेणी के ऊपरी स्तर पर आता है। यहां धूलकण ( PM.10 ) aur सूक्ष्म कण ( PM2.5 ) की मात्रा लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि खुले मौदान, सड़कों पर उड़ती धूल, अनियंत्रित वाहन गतिविधि और ठंड के शुरुआती दौर का मौसम इस क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ाने का कारण बन रहे है।
संजय प्लेस और शाहजहां गार्डन क्षेत्र भी प्रभावित
आगरा के संजय प्लेस, जो शहर का सबसे भीड़भाड़ और व्यस्त कारोबारी इलाका है, यहां गुरूवार का AQI 180 रहा। ट्रैफिक का दबाव, सड़कों पर धूल, और डीजल वाहनों की आवाजाही प्रदूषण स्टार को और बढ़ा रही है।
वहीं शाहजहां गार्डन में AQI 173 दर्ज किया गया, जो मॉडरेट कैटेगरी में आता है। यहां हरियाली के बावजूद आसपास की सड़कों से उठती धूल और स्थानीय गतिविधियां प्रदूषण को बढ़ा रही है।
Agra News: मनोहरपुर में सबसे साफ हवा
आगरा के पूरे शहर में अगर कहीं राहत मिली, तो वो है मनोहरपुर क्षेत्र। गुरुवार का AQI 120 दर्ज किया गया, जो सेटिस्फेक्ट्री श्रेणी के करीब माना जाता है। यह क्षेत्र यमुना किनारे स्थित होने और आसपास अधिक हरियाली होने के कारण शहर के अन्य इलाकों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करता है। यहां ग्रामीण वातावरण और ट्रैफिक की कम मौजूदगी ने हवा को हल्का स्वस्थ बनाया रहा है।
देखें किस क्षेत्र का कितना रहा AQI
| आगरा का स्थान | AQI ( प्रदूषण ) |
| रोहता | 212 |
| आवास विकास | 194 |
| शास्त्रीपुरम | 185 |
| संजय प्लेस | 180 |
| शाहजहां गार्डन | 173 |
| मनोहरपुर | 120 |
यह है AQI ( प्रदूषण ) लेवल और श्रेणियां
| AQI याकि प्रदूषण | श्रेणी |
| 0-50 | गुड |
| 51-100 | सेटिस्फेक्ट्री |
| 101-200 | मॉडरेट |
| 201-300 | पुअर |
| 301-400 | वेरी पुअर |
| 400+ | सीरियस |
आगरा में क्यों बढ़ रहा है प्रदूषण?
आगरा में हाल ही में बढ़ते प्रदूषण के पीछे कई कारण सामने आ रहे है
. सड़कों पर उड़ती धूल
. बढ़ती वाहन संख्या
. डीजल जनरेटर और पुराने वाहन
. कचरा और पत्तियां का जलाना
. मेट्रो निर्माण की धूल
. बदलता मौसम, ठंडी हवा और नमी
ठंड के मौसम में हवा की गति कम होने से प्रदूषक नीचे ही जमा हो जाते है, जिससे AQI याकि प्रदूषण तेजी से खराब होता है।
खराब हवा से बाद सकता है स्वास्थ्य खतरा
डॉक्टरों के अनुसार जब AQI 200-300 के बीच हो जाता है, तो यह पुअर श्रेणी मन जाता है। इस दौरान मानव शरीर पर काई तरह के खतरे पैदा कर सकता है।
सांस लेने में तकलीफ
PM 2.5 कण इतने छोटे होते है कि वे सीधे फेफड़ों तक पहुंच जाते है। और ये कण बुजुर्गों, बच्चों और दमा रोगियों के लिए ये स्थिति बेहद खतरनाक बन सकती है।
आंखों में जलन और गले में खराश
हवा में मौजूद NO₂ और SO₂ गैसे आंखों की नमी को सुख देती है, जिससे लालपन और जलन होती है।
दमा और COPD रोगियों को खतरा
डॉक्टरों के अनुसार प्रदूषित हवा पुरानी सांस संबंधी बीमारियों को बढ़ती है और इन मरीजों को अधिक दिक्कतें हो सकती है।
दिल के मरीज खास ध्यान रखें
हवा में धूल और रासायनिक कण ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकते है, जिससे दिन के मरीजों को ज्यादा खतरा है।
लोगों को क्या सावधानियां रखनी चाहिए?
डॉक्टरों ने खराब AQI में ये सुझाव दिए है
- N 95 मास्क लगाकर ही बाहर जाएं
- सुबह और शाम के समय बाहर जाना अवॉयड करें
- घर में पौधे लगाएं जैसे एलोवेरा, स्नेक प्लांट, मानी प्लांट
- Asthma मरीज इनहेलर साथ रखें
- बच्चों और बुजुर्गों को बाहर कम लेकर जाएं
- वातावरण को साफ रखने के लिए कूड़ा न जलाएं
- पानी ज्यादा पिएं
प्रशासन और पर्यावरण विभाग की चेतावनी
CPCB की रिपोर्ट के अनुसार, आगरा में प्रदूषण का स्तर लगातार खराब हो रहा है। ऐसे में प्रशासन ने कचरा जलाने पर सख्ती, निर्माण स्थलों पर कवर अनिवार्य करना और पानी का छिड़काव बढ़ाने के निर्देश दिए है। यूपीपीसीबी द्वारा कई प्रमुख सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है, ताकि धूलकणों को नियंत्रित किया जा सके।
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