Agra News: आगरा में इन दिनों हवा का स्तर लगातार बिगड़ता जा रहा है। सोमवार सुबह जारी हुए एयर क्वालिटी इंडेक्स ( AQI ) के ताजा आंकड़ों ने साफ कर दिया कि आगरा शहर की हवा अभी भी सामान्य से ऊपर, यानी प्रदूषण की श्रेणी में है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति रोहता क्षेत्र की दर्ज की गई, जहां सुबह 8 बजे AQI 172 दर्ज किया गया। दूसरी ओर शहर का संपूर्ण औसत AQI 142 रिकॉर्ड किया गया, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिय खतरे की घंटी है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ( UPCB ) की रिपोर्ट के अनुसार, रोहता के बाद संजय प्लेस और आवास विकास को सबसे ज्यादा प्रदूषित क्षेत्रों की सूची में शामिल किया गया है। दोनों इलाकों में AQI 154-154 दर्ज किया गया, जो साफ दिखाता है कि यहां हवा की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है।
Agra News: कौन-कौन से क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रदूषित रहे?
| आगरा के क्षेत्र | AQI ( प्रदूषण ) |
| रोहता | 172 |
| संजय प्लेस | 154 |
| आवास विकास | 154 |
| शाहजहां गार्डन | 139 |
| शास्त्रीपुरम | 130 |
| मनोहरपुर | 103 |
स्पष्ट है कि आगरा शहर का कोई भी बड़ा इलाका बेहतर हवा की श्रेणी में नहीं आ पाया। मनोहरपुर का AQI 103 रहा, जो बाकी क्षेत्रों की तुलना में बेहतर सही है, लेकिन अभी भी संतोषजनक नहीं।

हवा खराब क्यों हो रही है? जानिए असली वजहें
आगरा में पिछले एक-दो महीनों से लगातार निर्माण कार्यों में तेजी आई है, जिसने हवा में धूल के कणों का स्तर बढ़ा दिया है। आगरा शहर भर में कई बड़े प्रोजेक्ट चल रहे है जैसे
मेडिकल कॉलेज से सिकंदरा तक मेट्रो निर्माण
मेट्रो के निर्माण के कारण बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई हो रही है। सड़क किनारे जमा धूल हवा में लगातार उड़ रही है।
आगरा कैंट से ट्रांस यमुना तक मेट्रो लाइन का काम
इस पूरे रूट पर भारी मशीनें और ट्रक धूल को ज्यादा फैलाते है।
एसएन मेडिकल कॉलेज परिसर में निर्माण कार्य
कॉलेज परिसर में बिल्डिंग निर्माण से लगातार धूल उठ रही है, जिसका असर आसपास के इलाकों में भी दिखाई दे रहा है।
शिल्पग्राम में मल्टीलेवल पार्किंग बन रही है
यहां निर्माण सामग्री सड़क के किनारे डंप रहती है, जिससे हवा में पार्टिकुलेट मैटर बढ़ रहा है।
नाले-नाली एवं सड़कों की मरम्मत
पूरे आगरा शहर में छोटे-बड़े निर्माण कार्य एक साथ चलने के कारण प्रदूषण अचानक बढ़ गया है। और आसपास के घर निर्माण से भी प्रदूषण पर प्रभाव पड़ रहा है।
इन सबके चलते हवा में लगातार प्रदूषण के कण बढ़ रहे है। यही वजह है कि सुबह उठते ही लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश, खांसी, सिरदर्द की शिकायत होने लगी है।
धूल रोकने के लिए छिड़काव, लेकिन यह काफी नहीं
आगरा नगर निगम द्वारा कई इलाकों पर पानी का छिड़काव लगातार किया जा रहा है ताकि धूल कम उड़ सके। जहां-जहां निर्माण कार्य चल रहा है, वाहन नियमित रूप से छिड़काव नहीं हो पा रहा। इस कारण धूल की मात्रा नियंत्रण में नहीं आ पा रही है।
वास्तविकता यह है कि जब तक
- सड़क किनारे जमा मिट्टी हटाई नहीं जाएगी
- निर्माण सामग्री ढकी नहीं जाएगी
- रात में नियमित सफाई नहीं होगी
तब तक आगरा शहरों की हवा में सुधार की उम्मीद करना बहुत मुश्किल है।
हवा की यह श्रेणी कितनी खरनाक है? समझिए AQI के मायने
AQI यानी AIR Quality index ko पांच प्रमुख श्रेणियों में बांटा जाता है
| 0-50 | बेहतर |
| 51-100 | संतोषजनक |
| 101-200 | सामान्य ( लोगों के लिए हानिकारक ) |
| 201-300 | खराब |
| 301-400 | बहुत खराब |
| 401-500 | गंभीर |
आगरा का औसत 142 और कई क्षेत्रों का 150+ होना बताता है कि हवा सामान्य से खराब की श्रेणी में है। यह वह स्तर है जहां शुरुआती लक्षण दिखाई देना हो जाते है।
किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा?
AQI जब 100 से ऊपर जाता है, तो निम्न लोगों के लिए जोखिम बढ़ जाता है
- दमा ( Asthma ) से पीड़ित
- बुजुर्ग
- 10 साल से कम उर्म के बच्चे
- गर्भवती महिलाएं
- सांस से संबंधित बीमारियों वाले लोग
- जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर है
इनमें गले में जलन, सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द और खांसी जैसी दिक्कतें बढ़ सकती है। और लोगों को सलाह भी दी जा रही है कि सुबह-शाम के समय बाहर ज्यादा देर तक न घूमें।
प्रदूषण बढ़ने से क्या बदला शहर में?
- सुबह के समय हवा में धुंध और स्मॉग की हल्की परत दिखाई देने लगी है।
- कई इलाकों में धूल की मोटी परत गाड़ियों और दुकानों पर जमा दिख रही है।
- स्कूल जाने वाले बच्चों को सांस लेने में दिक्कत की शिकायतें बढ़ी है।
- सुबह दौड़ने या टहलने वाले लोग शिकायत कर रहे है कि हवा भारी लग रही है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि पॉल्यूशन का स्तर अचानक नहीं बढ़ा है, बल्कि पिछले सप्ताह से लगातार बढ़ रहा है। यानी समस्या लंबी चल सकती है।
लोगों को क्या सावधानियां रखनी चाहिए?
- सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें।
- एन.95 मास्क का इस्तेमाल करें।
- घर के अंदर पौधे रखें: जैसे मनी प्लांट, स्पाइडर प्लांट, स्नेक प्लांट।
- गाड़ी की खिड़कियां बंद करके गाड़ी चलाए।
- बच्चों और बुजुर्गों को प्रदूषण वाले स्थानों पर ले जाने से बचें।
अगर किसी को लगातार खांसी, सीने में दर्द या सांस फुलने की समस्या हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
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