Agra News: भारत सरकार की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना ( PM-JAY ) लाखों परिवारों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रही है। खास बात यह है कि अब आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया और ज्यादा आसान हो गई है। आप सिर्फ दो मिनट में अपने मोबाइल से आयुष्मान कार्ड बना सकते है, और जिनके पास इंटरनेट या मोबाइल की सुविधा नहीं है, वे QR कोड स्कैन करके भी कार्ड जनरेट कर सकते है।
सरकार और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है जिसमें उन सभी लाभार्थियों का कार्ड बनाया जा रहा है, जिनका अब तक आयुष्मान कार्ड नहीं बन पाया है। इस योजना के माध्यम से कैंसर, किडनी, लीवर, दिल की बीमारियों सहित लगभग सभी गंभीर रोगों का इलाज 5 लाख रूपये तक बिल्कुल निःशुल्क मिलता है।
आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया कितनी आसान हुई?
स्वास्थ्य विभाग की नई व्यवस्था के तहत अब कार्ड बनाने के लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं। मोबाइल से ही कुछ सेकंड में रजिस्ट्रेशन पूरा हो जाएगा।
फटाफट कार्ड बनाने के लिए आपको सिर्फ ये कदम फॉलो करने होंगे
- आधिकारिक वेबसाइट खोलें: beneficiary.nha.gov.in
- अपना मोबाइल नंबर डालें और OTP वेरिफाई करें
- आधार-नंबर डालकर e-KYC पूरी करें
- आपकी जानकारी सिस्टम से मैच होते ही आयुष्मान कार्ड तुरंत जनरेट हो जाएगा
- चाहे तो QR कोड स्कैन करके भी कार्ड बनवाया जा सकता है
कई स्थानों पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर भी कार्ड बनवा रहे है ताकि किसी भी पात्र लाभार्थी को योजना से बाहर न रखा जाए।

Agra News: 101 अस्पतालों में मिलेगा फ्री इलाज
इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को कुल 101 पंजीकृत अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। इनमें
- 78 निजी अस्पताल
- 23 सरकारी अस्पताल
शामिल है, जहां कार्डधारक बिना किसी खर्च के भर्ती हो सकते है और इलाज करवा सकते है। इसके अलावा, 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ( CHC ), 45 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ( PHC ), एसएन मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, लेडी लॉयल अस्पताल और कई मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों में भी आयुष्मान कार्ड आधारित सेवाएं मि रही है। योजना का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक परिवार इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
किस रोग का कितना इलाज मिलता है?
आयुष्मान कार्ड के तहत 5 लाख रूपये तक का कैशलेश इलाज शामिल है। यही शशि पूरे परिवार के लिए होती है।
इसमें शामिल है:
- कैंसर
- किडनी के मरीज ( डायलिसिस सहित )
- लिवर संबधित रोग
- हृदय रोग
- बोन सर्जरी
- न्यूरो सर्जरी
- प्रसूति संबंधी इलाज
- बच्चों के गंभीर रोग
- दुर्घटना में चोट
- अन्य विभिन्न प्रकार की बड़ी सर्जरी
इस योजना का असली उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को महंगे इलाज से राहत देना है, क्योंकि बड़ी बीमारियों पर लाखों रूपये खर्च हो जाते है।
कितने लोगों को मिल रहा है फायदा?
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अब तक प्रदेश में 8,95,270 लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बन चुके है। इनमें से 70 वर्ष से ऊपर की उर्म के लगभग 42 हजार से अधिक लाभार्थी शामिल है। नोडल अधिकारी के अनुसार अब तक 1.60 लाख लोगों को मुफ्त इलाज मिल चुका है, जिसमें गंभीर बीमारियों के मरीज भी शामिल है। योजना की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है क्योंकि लाभार्थी कैंसर, दिल की बीमारी, किडनी के ऑपरेशन जैसे बड़े खर्चों से बच जाते है और इलाज समय पर शुरू हो जाता है।
QR कोड से कार्ड बनाने की सुविधा क्यों खास है?
कई बार लोगों को वेबसाइड या मोबाइल पर रजिस्ट्रेशन में दिक्कत आती है। इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एक सरल ऑप्शन दिया है
- बस दिए गए QR कोड को स्कैन करें
- लिंक खुलते ही मोबाइल नंबर डालें
- OTP वेरिफाई करें
- आधार-नंबर डालते ही आपका आयुष्मान कार्ड तैयार
यही फीचर खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो तकनीक का कम उपयोग करते है।
कहाँ-कहाँ बन रहे है कार्ड?
योजना को व्यापक तौर पर लागू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कई लोकेशन निर्धारित की है
- सभी CHC और PHC
- एसएन मेडिकल कॉलेज
- जिला अस्पताल
- लेडी लॉयल हॉस्पिटल
- मानसिक स्वास्थ्य संस्थान
- 60 शहरी स्वास्थ्य केंद्र
- 93 आयुष्मान आरोग्य मंदिर
इसके अलावा, पंचायत सहायकों, आशा वर्कर्स, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से भी लाभार्थियों के कार्ड बनाए जा रहे है।
किसी समस्या के लिए हेल्पलाइन नंबर
आयुष्मान कार्ड या इलाज से संबंधित किसी भी समस्या के लिए लाभार्थी टोल-फ्री नंबर 180018004444 पर कॉल कर सकते है। यह नंबर 24 x 7 उपलब्ध रहता है और कार्ड संबधी सभी जानकारी देता है। आयुष्मान भारत योजना देश के हर गरीब और निम्न-आय वर्ग के परिवार के लिय सुरक्षा कवच जैसी है।
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