Agra News: आगरा से एक बार फिर पुलिस की बर्बरता का गंभीर मामला सामने आया है। जीवनी मंडी चौकी क्षेत्र में दूध बेचने वाले एक युवक के साथ कथित रूप से पुलिसकर्मियों ने न सिर्फ मारपीट की, बल्कि उसके पैर के अंगूठे का नाखून तक उखाड़ दिया। मामला सामने आने के बाद चौकी इंजार्च को निलंबित कर दिया गया है। पीड़ित युवक का कसूर सिर्फ इतना था कि वह अपने भाई के टेंपों में बैठा हुआ था, जबकि उसे टेपों चलाना नहीं आता था।
Agra News: कौन है पीड़ित युवक?
पीड़ित युवक की पहचान नरेंद्र कुशवाह के रूप में हुई है, जो आगरा के सैयां क्षेत्र के गांव वीरई का रहने वाला है। नरेंद्र और उसका भाई धीरज कुशवाह आगरा शहर में टेंपो के जरिए दूध सप्लाई कर अपना घर चलाते है। शनिवार को रोज की तरह दोनों भाई दूध देने आगरा आए थे। दूध वितरण के दौरान धीरज गली में दूध देने चला गया और नरेंद्र टेपों में बैठा हुआ उसका इंताज कर रहा था।
झगड़े के बाद पहुंची पुलिस
इसी दौरान इलाके में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। सूचना मिलने पर जीवनी मंडी चौकी इंजार्च रविन्द्र कुमार पुलिस बल से साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया और सभी को चौकी ले जाने के लिए टेंपों चलाने को कहा। नरेंद्र ने पुलिस को साफ-साफ बताया कि उसे टेपों चलाना नहीं आता और उसका भाई ही ड्राइवर है।
इसी बात पर भड़क गई पुलिस पीड़ित के अनुसार, टेंपों न चला पाने की बात सुनते ही पुलिसकर्मी भड़क गए। आरोप है कि चौकी इंचार्ज और सिपाहियों ने नरेंद्र को थप्पड़ मारे और जबरन टेंपों में बैठकर चौकी ले गए। चौकी पहुंचते ही उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई।
नाखून उखाड़े, मोबाइल और 1800 रूपये छीने का आरोप
नरेंद्र का आरोप है कि चुकी में पुलिस ने उसके पैरों के तलवों पर डंडे मारे और इसी दौरान उसके पैर के अंगूठे का नाखून उखाड़ दिया गया। चोट इतनी गंभीर थी कि वह ठीक से चल भी नहीं पा रहा है। पीड़ित के पैरों की तस्वीरें सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उसका मोबाइल फोन और जेब में रखे 1800 रूपये भी छीन लिए। इसके बाद उसके खिलाफ शांति भंग की धाराओं में चालान कर दिया गया। टेंपों को भी सीज कर दिया गया।

भाजपा नेता के जरिए डीसीपी से शिकायत
पीड़ित के भाई ने परिचित रिश्तेदार और भाजपा नेता प्रेम सिंह कुशवाह को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद मामला पुलिस लाइन तक पहुंचा। पीड़ित ने सीडीपी सीटी सैयद अली अब्बास से लिखित शिकात की। जमानत के बाद जब पीड़ित और उसके परिजन मोबाइल और पैसे वापस लेने थाने पहुंचे, तो आरोप है कि पुलिस ने कुछ भी लौटाने से इनकार कर दिया।
जांच के बाद कड़ी कार्रवाई
मामले को गंभीरता से लेते हुए डीसीपी सिटी ने जांच कराई। प्रारंभिक जांच में पुलिस की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसके बाद जीवनी मंडी चौकी इंचार्ज रविन्द्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। उनकी जगह गौरव राठी को नया चौकी प्रभारी नियुक्त किया गया है।
अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की की जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते है, तो आगे और भी करवाई संभव है।
आगरा की यह घटना न सिर्फ पुलिस प्रशासन के लिए शर्मनाक है, बल्कि यह दिखाती है कि आम नागरिक आज भी पुलिसिया अत्याचार से कितना असुरक्षित है। हालांकि समय रहते की गई कार्रवाई से लोगों में न्याय की उम्मीद जरूर जागी है। अब देखना होगा कि जांच के बाद दोषियों पर कितनी सख्त कार्रवाई होती है।







