Agra News: उत्तर प्रदेश में सड़क और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। आगरा जनपद के कागारौल क्षेत्र में लंबे समय से प्रस्तावित बाईपास निर्माण को आखिरकार मंजूरी मिल गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 52.96 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले 5 किलोमीटर लंबे कागारौल बाईपास को हरी झंडी दे दी है। इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्रीय लोगों को वर्षों पुरानी जाम की समस्या से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।
कागारौल कस्बे के बीच से गुजरने वाले भारी वाहनों के कारण आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती थी। इससे न केवल स्थानीय लोगों को परेशानी होती थी, बल्कि राहगीरों, व्यापारियों और विद्यार्थियों को भी घंटों जाम में फंसना पड़ता था। अब नए बाईपास के निर्माण से भरी वाहनों का दबाव कस्बे से बाहर हो जाएगा और यातायात सुगम हो सकेगा।
लंबे समय से थी बाईपास की मांग
कागारौल क्षेत्र में जाम की समस्या कोई नई नहीं है। यहां से गुजरने वाली मुख्य सड़क पर दिनभर भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। ट्रक, डंपर और अन्य भारी वाहन कस्बे के अंदर से गुजरते है, जिससे अक्सर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी। ग्रामीणों और व्यापारियों द्वारा लंबे समय से बाईपास निर्माण की मांग की जा रही थी।
क्षेत्रीय सांसद राजकुमार चाहर और खेरागढ़ विधायक भगवान सिंह कुशवाहा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर बाईपास निर्माण की आवश्यकता को प्रमुखता से रखा था। उन्होंने बताया था कि बाईपास बनने से न केवल जाम की समस्या खत्म होगी, बल्कि क्षेत्र का समग्र विकास भी संभव होगा।
52.96 करोड़ की लागत से बनेगा 5 कम लंबा बाईपास
सरकारी प्रस्ताव के अनुसार कागारौल में बनने वाला बाईपास लगभग 5 किलोमीटर लंबा होगा। इस पर कुल 52.96 करोड़ रूपये की लागत आएगी। बाईपास का निर्माण आधुनिक मानकों के अनुसार किया जाएगा। ताकि भविष्य में बढ़ने ट्रैफिक का दबाव भी आसानी से संभाला जा सके। बाईपास के दोनों ओर मजबूत सड़क, जल निकासी की व्यवस्था और आवश्यक संकेतक लगाए जाएंगे। इससे यातायात व्यवस्था और अधिक सुरक्षित बनेगी और दुघर्टनाओं में भी कमी आएगी।
भारी वाहनों को मिलेगा वैकल्पिक मार्ग
नए बाईपास के बनने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि भारी वाहन अब कागारौल कस्बे के अंदर प्रवेश नहीं करेंगे। इससे स्थानीय सड़कों पर दबाव कम होगा और आम नागरिकों को राहत मिलेगी। स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और बुजुर्गों को रोजाना जाम से जूझना नहीं पड़ेगा। व्यापारियों का कहना है कि जाम की वजह से समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती थी। बाईपास बनने से व्यापारियों गतिविधियों को भी गति मिलेगी और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
दुर्घटनाओं में आएगी कमी
कस्बे के अंदर संकरी सड़कों और भारी ट्रैफिक के कारण सड़क दुर्घटनाएं आम हो गई थी। काई बार तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने से लोग घायल हो जाते थे। बाईपास बनने के बाद यातायात नियंत्रित रहेगा और दुघर्टनाओं की संभावना में कमी आएगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह बाईपास क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी साबित होगा और आने वाले वर्चों में विकास का नया रास्ता खोलेगा।
ग्रामीणों और राहगीरों को मिलेगी बड़ी राहत
कागारौल और आसपास के गांवों के लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए मुख्य सड़क का इस्तेमाल करना पड़ता है। जाम के कारण उन्हें घंटों फंसे रहना पड़ता था। अब बाईपास बनने से कस्बे के अंदर यातायात सामान्य रहेगा और ग्रामीणों को आवागमन में आसानी होगी। राहगीरों को भी आगरा और आसपास के इलाकों में पहुंचने में कम समय लगेगा। इससे यात्रा अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगी।
Agra News: जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
सूत्रों के अनुसार बाईपास निर्माण से जुड़ी औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाएंगी और इसके बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए है कि परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। क्षेत्रीय लोग उम्मीद कर रहे है की बाईपास जल्द बनकर तैयार होगा और उन्हें वर्षों पुरानी जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी।
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