Agra News: आगरा शहर में बंदरों का बढ़ता आतंक एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। शाहगंज थाना क्षेत्र के बेस्ट अर्जुन नगर इलाके में बंदरों के झुंड के हमले से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। महिला छत पर कपड़े उतारने गई थी, तभी अचानक बंदरों ने उस पर झपट्टा मार दिया। जान बचाने के प्रयास में महिला संतुलन खो बैठी और तीसरी मंजिल से नीचे गिर गई। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक महिला की पहचान विरमा देवी के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदरों का आतंक लंबे समय से बना हुआ है, लेकिन कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
छत पर कपड़े उतारते समय हुआ हमला
बुधवार दोपहर विरमा देवी रोज की तरह छत पर कपड़े उतारने गई थीं। उस समय छत पर पहले से ही करीब 15 से 20 बंदरों का झुंड मौजूद था। जैसे ही महिला छत पर पहुंची, बंदरों ने अचानक हमला कर दिया और उन पर झपट्टा मार दिया। बंदरों को देखकर महिला घबरा गईं और खुद को बचाने के लिए पीछे हटने लगीं। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वे तीसरी मंजिल से नीचे पड़ोसी की छत पर गिर पड़ीं। गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।

खून से लथपथ हालत में मिली महिला
घटना के बाद जब पड़ोसी ऊपर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि विरमा देवी खून से लथपथ पड़ी थी और गंभीर रूप से घायल थी। तुरंत परिजनों को सूचना दी गई। इसके बाद आनन-फानन में महिला जो नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने महिला की हालत गंभीर बताई और इलाज शुरू किया, लेकिन सिर और शरीर में गंभीर चोटों के चलते इलाज के दौरान विरमा देवी ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
इलाके में पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। करीब एक साल पहले भी इसी इलाके में बंदरों के हमले से एक महिला की जान जा चुकी है। उस समय भी बंदरों ने महिला पर झपट्टा मारा था, जिससे वह छत से नीचे गिर गई थी और उसकी मौत हो गई थी। लोगों का आरोप है कि बंदरों का आतंक दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। सुबह से लेकर शाम तक बंदरों के झुंड गलियों, छतों और घरों में घूमते रहते हैं। कई बार बच्चों और बुजुर्गों पर भी हमला कर चुके हैं।
बेस्ट अर्जुन नगर के निवासियों ने बताया कि बंदरों के डर से बच्चे घर से बाहर नहीं निकल पा रहे है। बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग छत पर जाने से भी डरने लगे है।
प्रशासन और नगर निगम पर उठे सवाल
इस घटना के बाद प्रशासन और नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते बंदरों को पकड़ने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर छोड़ने की व्यवस्था की जाती, तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इलाके में जल्द से जल्द बंदरों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
लगातार बढ़ रहा है खतरा
आगरा में बंदरों के आतंक की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। आए दिन लोग बंदरों के हमले में घायल हो रहे हैं। कई मामलों में गंभीर चोटें भी आई हैं। इसके बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक लोग बंदरों के आतंक का शिकार होते रहेंगे। प्रशासन अगर समय रहते ठोस कदम उठाए, तभी भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाई जा सकती है।
Agra News: छत के रास्ते घुसे चोर, फैक्ट्री की तिजोरी तोड़कर ले गए कैश और जेवरात






