Agra News: आगरा के कालिंदी विहार क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से भीषण पेयजल संकट बना हुआ है। इलाके में बनी पुरानी पानी की टंकी को गिराए जाने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। महज 5 सेकंड में टंकी जमीनदोज हो गई, लेकिन उसकी तेज धमक और मलबे की चपेट में नीचे बना अंडरग्राउंड पानी का टैंक क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना के बाद पूरे कालिंदी विहार की जलापूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।
टंकी गिराने का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह पुरानी और जर्जर पानी की टंकी को गिराया गया। हालांकि, टंकी गिराने से पहले वैकल्पिक जलापूर्ति की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
Agra News: तीन दिन से एक बूंद पानी नहीं
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कालिंदी विहार के किसी भी घर में बीते तीन दिनों से नल से पानी नहीं आया है। पीने के पानी से लेकर जरूरतों के कामों तक के लिए लोग परेशान है। सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को हो रही है। कई परिवारों को बाहर से पानी टैंकरों से मंगवाना पड़ रहा है, जबकि कुछ लोग आसपास के घरों में लगी समर से पानी लाने को मजबूर है।
टंकी गिरने से अंडरग्राउंड टैंक में भर गया मलबा
पुरानी पानी की टंकी गिराने के दौरान उसका भारी मलबा नीचे बने अंडरग्राउंड टैंक में जा गिरा। मलबे और धमके के कारण टैंक की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं और पानी दूषित होने की आशंका बढ़ गई। इसी वजह से जलकल विभाग ने पूरी तरह से जलापूर्ति रोक दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहले से तकनीकी जांच और सुरक्षा उपाय किए जाते तो यह स्थिति पैदा नहीं होती। टंकी गिराने की जल्दबाजी ने पूरे इलाके को पानी के संकट में डाल दिया है।
मौके पर पहुंचे निगम और जलकल विभाग के अधिकारी
नगर निगम और जलकल विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया, लेकिन जलापूर्ति का तुरंत समाधान नहीं हो सका। फिलहाल अधिकारी और कर्मचारी अंडरग्राउंड टैंक की सफाई में जुटे हुए है। टंकी गिरने के बाद उसका मलबा को हटाने का काम लगातार जारी है। अधिकारियों का कहना है कि टैंक की पूरी तरह सफाई और मरम्मत के बाद ही जलापूर्ति चालू की जाएगी, ताकि दूषित पानी की सप्लाई न हो। हालांकि, इसमें अभी और समय लग सकता है।
प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग
कालिंदी विहार के लोग प्रशासन से जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सिर्फ अस्थायी मरम्मत से काम नहीं चलेगा, बल्कि जलापूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह से सही करना जरूरी है। साथ ही भविष्य में इस तरह की लापरवाही न हो, इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। फिलहाल पूरे इलाके में पानी को लेकर हाहाकार की स्थिति बनी हुई है। लोग प्रशासन की ओर उम्मीद लगाए बैठे हैं कि कब उनके घरों में फिर से पानी आएगा और यह संकट खत्म होगा।






