आगरा में चर्चित राज चौहान हत्याकांड के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अरबाज खान उर्फ मंसूरी को मुठभेड़ में मार गिराया है। इस दौरान दो अन्य आरोपी आशु तिवारी और मोहित पंडित पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल हो गए, जबकि तीन आरोपी मौके से फरार हो गए थे। घटना के बाद पूरे यमुना पार इलाके में पुलिस अलर्ट पर है और लगातार दबिश दी जा रही है।
जेल से छूटते ही हुई थी हत्या
घटना 23 जनवरी की है। थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र स्थित एसएन स्टे गेस्ट हाउस के पास देर रात सादाबाद निवासी राज चौहान की सात गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। बताया गया कि राज चौहान कुछ दिन पहले ही जेल से जमानत पर बाहर आया था। जेल से बाहर आने के बाद उसका क्षेत्र में वर्चस्व को लेकर कुछ लोगों से विवाद चल रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या पूरी तरह सोची-समझी साजिश के तहत की गई थी। हत्या से तीन दिन पहले एक गुट ने खुले तौर पर ऐलान किया था कि “जो जिंदा रहेगा, वही राज करेगा।”
पुलिस की तलाश और पहली गिरफ्तारी
हत्या के बाद पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में लगाई गई थीं। सबसे पहले रात करीब 1 बजे थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र में खत्ता घर के पास पुलिस ने आरोपी मोहित पंडित को पकड़ने का प्रयास किया। आरोपी बाइक से जा रहा था और पुलिस को देखते ही फायरिंग करने लगा। जवाबी कार्रवाई में मोहित पंडित के पैर में गोली लगी और उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद की गई।
डौकी क्षेत्र में दूसरी मुठभेड़
इसके बाद पुलिस टीम ने डौकी थाना क्षेत्र में आरोपी आशु तिवारी को घेर लिया। आरोपी ने बचने के लिए पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
गिरफ्तारी के दौरान छीन ली सरकारी पिस्टल
इसी बीच तीसरे आरोपी अरबाज खान उर्फ मंसूरी को पुलिस ने देर रात दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस उसे तमंचे की बरामदगी के लिए टेढ़ी बगिया क्षेत्र में कांशीराम आवास के पास लेकर जा रही थी, तभी आरोपी ने अचानक उपनिरीक्षक की सरकारी पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अरबाज ढेर
अचानक हुई फायरिंग में आरक्षी मनोज कुमार और उपनिरीक्षक ऋषि घायल हो गए। वहीं थाना ट्रांस यमुना प्रभारी हरेंद्र गुर्जर और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भानु प्रताप की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगीं, जिससे वे बाल-बाल बच गए। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें अरबाज खान के सीने और दाहिने पैर में गोली लगी। उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद अरबाज को मृत घोषित कर दिया।
फरार आरोपियों की तलाश तेज
मुठभेड़ के दौरान तीन आरोपी विष्णु पंडित, आकाश प्रजापति और कुलदीप मौके से फरार हो गए। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। उनके सम्भावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
25-25 हजार का इनाम घोषित
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि हत्याकांड में शामिल कुल पांच बदमाशों की पहचान की गई थी। सभी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। मुख्य आरोपी अरबाज का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है और उसके खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज थे।
34 से ज्यादा दबंग पुलिस के रडार पर
राज चौहान हत्याकांड के बाद यमुना पार इलाके में सक्रिय 34 से अधिक दबंगों और अपराधियों को चिन्हित किया गया है। पुलिस ने उनकी सूची तैयार कर ली है और जल्द ही उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एक-एक कर सभी को जेल भेजने की तैयारी है। सूची में शिवम, भोला, मलिक, दीपक, करण, रोहित फौजी, आर्यन, राज, कन्हैया, उदय, समता, हिमांशु, विशाल, सनी परमार, दीपु सूखा, विशाल जाटव सहित कई नाम शामिल हैं।
राज चौहान हत्याकांड: पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राज चौहान की हत्या वर्चस्व और आपराधिक रंजिश का नतीजा थी। मामले की हर कड़ी की जांच की जा रही है। फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और पूरे नेटवर्क को तोड़ा जाएगा।
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