आगरा जिले के खेरागढ़ क्षेत्र में सरकारी राशन की कालाबाजारी का बड़ा मामला सामने आया है। राजस्थान सीमा से सटे इलाके में पुलिस और आपूर्ति विभाग की संयुक्त कार्रवाई से 29 कुंतल सरकारी चावल से लदी एक मैक्स वाहन को पकड़ा गया। यह चावल पीडीएस के तहत गरीबों को वितरित किया जाना था, लेकिन इसे अवैध रूप से दूसरे राज्य में ले जाने की कोशिश की जा रही थी।
सोमवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि खेरागढ़ क्षेत्र से होकर सरकारी राशन को राजस्थान की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस और आपूर्ति विभाग की टीम ने इलाके में घेराबंदी कर जांच अभियान शुरू किया। इसी दौरान राजस्थान सीमा से लगे कुल्हाड़ा गांव के पास एक मैक्स वाहन रो रोक गया। जांच करने पर उस में चावल की बोरी लदी हुई थी।
53 कट्टों में भरा मिला सरकारी चावल
वाहन की तलाशी लेने पर उसमें 53 कट्टों में भरा करीब 29 कुंतल सरकारी चावल बरामद हुआ। सभी कट्टों पर सरकारी राशन से जुड़े निशान और मार्किंग मौजूद थी, जिससे साफ हो गया कि यह चावल सार्वजनिक वितरण प्रणाली का है। मौके पर मौजूद टीम ने तुरंत चावल और वाहन को कब्जे में ले लिया। जांच के दौरान एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया जिसकी पहचान सुमित अग्रवाल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सुमित अग्रवाल पहले भी राशन की कालाबाजारी के मामलों में जेल जा चुका है। वहीं वाहन चालक मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। जिसकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है।
राजस्थान ले जाने की थी तैयारी
चावल को राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में ऊंचे दामों पर बेचने की योजना थी। सरकारी राशन को कम कीमत पर उठाकर दूसरे राज्यों में बढ़कर बेचते थे जिससे इनको मोटा मुनाफ होता था। बेचने वालों का नेटवर्क लंबे समय से एक्टिव बताया जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में लगी है कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल है।
आपूर्ति विभाग भी मौके पर पहुंचा
सूचना मिलने पर आपूर्ति विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। विभागीय अधिकारियों ने बरामद चावल की गुणवत्ता और मात्रा की जांच की। जांच के बाद चावल को जब्त कर स्थानीय राशन विक्रेता को दे दिया गया। ताकि इसे पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि सरकारी राशन गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए होता है। इसकी कालाबाजारी करना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
माफिया नेटवर्क की जांच शुरू
पुलिस अब इस पूरे मामले को एक बड़े नेटवर्क से जोड़कर देख रही है। यह भी जांच की जा रही है कि चावल किस राशन दुकान से निकला, किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया और इसमें किन-किन लोगों की मिलीभगत है। फरार चालक की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में राशन की कालाबाजारी को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है। सीमावर्ती इलाकों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ गलत हाथों में न जाए।
जल्द दर्ज होगी एफआईआर
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए आरोपी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। फरार चालक और अन्य सप्लायर लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
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