Agra News: आगरा जनपद में मौसम साफ होने के बावजूद वायु प्रदूषण का असर लोगों की सेहत पर लगातार देखने को मिल रहा है। खासकर सांस से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। जिला अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे है, जिससे अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी पर अतिरिक्त दबाव बन गया है।
रोज 200 से अधिक सांस रोगी पहुंच रहे अस्पताल
जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, हर दिन 200 से अधिक मरीज सांस की समस्या को लेकर इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें दमा, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, सीओपीडी और एलर्जी से पीड़ित मरीज शामिल हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इन मरीजों में बड़ी संख्या बच्चों और बुजुर्गों की है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, करीब 80 बच्चे ऐसे हैं जिनकी उम्र 12 वर्ष से कम है और वे सांस लेने में तकलीफ की शिकायत लेकर आ रहे हैं
शनिवार को जिला हॉस्पिटल में मरीजों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। एक ही दिन में कुल 1175 मरीज के आसपास लोग हॉस्पिटल पहुंचे, जिनमें सांस रोगियों के अलावा वायरल बुखार और डायरिया से पीड़ित मरीजों की भी बड़ी संख्या रही। आंकड़ों के अनुसार, केवल वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या करीब 260 रही, जबकि डायरिया के मरीज की संख्या 45 से 50 के बीच नए मामले सामने आए।
बदलते मौसम और प्रदूषण से बढ़ी दिक्कत ( Agra News )
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि बदलते मौसम सुबह-शाम के तापमान में अंतर और बढ़ते प्रदूषण के कारण सांस से जुड़ी बीमारियों का असर बढ गया है। उन्होंने कहा कि भले ही दिन में मौसम साफ नजर आ रहा हो, लेकिन हवा में मौजूद सूक्ष्म प्रदूषक कण सांस के मरीजों के लिए खतरा बने हुए हैं। डॉक्टरों के अनुसार, प्रदूषण का असर सीधे फेफड़ों पर पड़ता है, जिससे पुराने मरीजों की हालत बिगड़ रही है और नए मरीजों में भी सांस संबंधी समस्याएं आ रही हैं।
जिला अस्पताल में बढ़ती भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। डॉक्टरों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासतौर पर सांस के मरीजों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने, मास्क का उपयोग करने और धूल-धुएं से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। इसके अलावा बच्चों और बुजुर्गों को ठंडी हवा से बचाने, गर्म कपड़े पहनाने और किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की अपील की गई है।
अस्पताल में बढ़ा दबाव, डॉक्टर कर रहे अतिरिक्त ड्यूटी
मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते जिला अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर भी दबाव बढ़ गया है। ओपीडी में लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं और डॉक्टर अतिरिक्त समय देकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जाएंगी। आम लोगों से अपील की है कि सांस लेने में तकलीफ, लगातार खासी, बुखार या कमजोरी जैसे लक्षण दिखने पर लापरवाही न करें। समय रहते जांच और इलाज कराने से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।
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