Agra News: शहर के बाह क्षेत्र स्थित कस्बा जरार के टंकी मोहल्ला में स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। बढ़े हुए बिजली बिलों से परेशान स्थानीय निवासियों ने बाह बिजली घर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली के बिलों में अचानक कई गुना बढ़ोतरी हो गई है, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
बिजली घर पर किया प्रदर्शन
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पहले जहां बिजली बिल सामान्य स्तर पर आते थे, वहीं अब स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिलों की राशि उम्मीद से ज्यादा बढ़ गई है। कई परिवारों का कहना है कि उनकी खपत पहले जैसी ही है, लेकिन बिल पहले के मुकाबले दो से तीन गुना तक आ रहे है। इससे लोगों में गहरी नाराजगी है और वे इसे तकनीकी कमी या विभाग की लापरवाही बता रहे है।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग बाह बिजली घर के बाहर एकत्र हुए और अपनी समस्याओं को लेकर अधिकारियों से जवाब मांगा। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। ऐसे में उनके पास विरोध प्रदर्शन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही बढ़े हुए बिजली बिलों की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे अपने घरों से स्मार्ट मीटर उखाड़ने के लिए मजबूर होंगे। उनका कहना है कि जब तक बिलों में सुधार नहीं होता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
इस दौरान स्थानीय निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगाने से पहले उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी गई ना ही इसके संभावित प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। अब जब बिल बढ़ रहे है, तो विभाग जिम्मेदारी लेने से बच रहा है। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बिजली विभाग से मांग की है कि बड़े हुए बिलों की जांच कराई जाए और जिन उपभोक्ताओं के बिल गलत तरीके से अधिक आए है, उन्हें तुरंत राहत दी जाए। साथ ही उन्होंने स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
वहीं, बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह पारदर्शी और सटीक तकनीक पर आधारित है। यदि किसी उपभोक्ता को बिल को लेकर शिकायत है, तो वह विभाग में आवेदन कर सकते है, जिसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहात, इस पूरे मामले ने स्थानीय स्तर पर बड़ा मुद्दा बना लिया है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो यह विरोध और तेज हो सकता है। स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ता असंतोष प्रशासन के लिए चुनौती बनता जा रहा है।





