Agra Accident News: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलबार की दोपहर अचानक ऐसा मंजर बन गया जिसने लोगों को दहला दिया। किलोमीटर 18 के पास चल रहे मेंटेनेश कार्य के बीच तीन करें एक-दूसरे से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिय यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
कैसे हुआ ये दर्दनाक हादसा?
मंगलवार दोपहर लभभग 11:30 बजे कुशी नगर निवासी निकेत तिवारी अपने पिता दिनेश तिवारी और वहन इशिता के साथ मथुरा से कुशी नगर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी कार थाना फतेहाबाद क्षेत्र के किलोमीटर 18 पर पहुंची, सामने चल रही एक गाड़ियों ने अचानक ब्रेक ले लिया। मेंटेनेंस कार्य के कारण सड़क पर खाली ड्रम और कई जगह बैरिकेड्स लगे थे। इसी बीच पीछे से आ रही एक अन्य कार के चालक अनियंत्रित हो गया और उसने निकेत तिवारी की कार को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि निकेत की कार डिवाइडर से जा टकराई और बुरी तहत क्षतिग्रस्त हो गई। उसी समय बड़ोदरा, गुजरात निवासी गौरत की कार भी आकर इन गाड़ियों से भीड़ गई। लेकिन अचानक बने ब्लाइंड स्पॉट और मेंटेनेंस जोन की लापरवाही ने हादसे को और बढ़ा बना दिया।
दो की मौत, पांच घायल
हादसे में निकेत तिवारी (19) और उनके पिता दिनेश तिवारी (55) अस्पताल ले जाते समय दोनों ने दम तोड़ दिया। दिनेश तिवारी कोसी में एक निजी कॉलेज के डायरेक्टर थे। वहीं, निकेत की बहन इशिता, दूसरी कार में सवार अनुज और उनके दोस्त इंद्रेश गंभीर रूप से घायल हो गए। तीसरी कार में बैठे गौरंत और उनके साथी हादसे से बाल-बाल बच गए, हालांकि उनकी गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी।
मेंटनेंस कंपनी पर सवाल
स्थानीय लोगों और मौके पर पहुंचे यात्रियों का कहना है कि हादसे की सबसे बड़ी वजह मेंटेनेंस कंपनी की लापरवाही है।
- सड़क के बीच-बीच में जगह-जगह खाली ड्रम रखे गए थे।
- चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर्स और प्रॉपर साइन नहीं लगाए गए
- कई जगह सड़क का काम अधूरा छोड़कर बैरिकेड्स ऐसे ही छोड़ दिए गए
- कोहरा और कम विजिबिलिटी में मेंटेनेंस एरिया बेहद खतरनाक हो गया
यात्रियों ने कहा कि अगर मेंटेनेंस से पहले चेतावनी साइन और रिफ्लेक्टर लगाए जाते तो शायद इतना बड़ा हादसा नहीं होता।
पुलिस और UPIDA की टीम मौके पर
हादसे की जानकारी मिलते ही
- फतेहाबाद थाने की पुलिस
- यूपी एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलमेंट अथॉरिटी ( UPIDA )
- सुरक्षा अधिकारी प्रमोद राठौर
- प्रभारी निरीक्षक फतेहाबाद
तुरंत मौके पर पहुंचे। क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त गाड़ियों को हटाया गया और एक घंटे के भीतर यातायात सुचारु कराया गया।

बारिश, कोहरा और मेंटेनेंस एक खतरनाक कॉमिनेशन
दिसंबर के पहले हफ्ते में घना कोहरा कम विजिबिलिटी और गड्ढों को भरने का काम एक साथ चल रहा है। लोगों का कहना है कि मेंटेनेंस हमेशा दिन में और क्लियर विजिबिलिटी में होना चाहिए़ ड्रम और रिटर्न बैरिकेड्स पर रिफ्लेक्टर्स जरूरी होते है लंबी दूरी चेतावनी बोर्ड लगाए जाने चाहिए इनमें से कोई भी व्यवस्था पूरी तरह नहीं दिखाई दी, जिसने हादसे का खतरा बढ़ा दिया।
यात्रियों को सावधान रहने की जरूरत
पुलिस ने अपील की है कि
- मेंटेनेंस जोन में स्पीड कम रखें
- रिफ्लेक्टर या बोर्ड दिखते ही दूरी बनाएं
- फ्रंट और बैक फॉग लाइट जरूर ऑन करें
- कोहरे में लंबी यात्रा से बचें
Agra Accident News: शोध का अंतिम भाग
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुआ यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही की बड़ी मिसाल है। दो परिवारों ने अपने प्रयोजनों को खो दिया, और पांच लोग अब भी अस्पताल में जिंदगी से लड़ रहे है। जरूरी है कि मेंटेनेंस कंपनी पर सख्त कार्रवाई हो और एक्सप्रेसवे पर काम करते समय सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाए, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हो।
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