Agra Crime: आगरा में साइबर अपराध का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें आधार कार्ड में नाम और पता बदलकर कई बैंकों से अवैध लोग लेने का खुलासा हुआ है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने करीब 200 से 250 लोगों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लगभग 2.50 करोड़ रूपये का अवैध लोग हासिल किया।
डीसीपी सिटी और साइबर प्रभारी की मौजूदगी में इस पूरे मामले का सुलझा किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी लंबे समय से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, इंटरनेट बैंकिंग और ई-मेल के जरिए लोगों की पहचान संबंधी जानकारी जुटाकर ठगी को अंजाम दे रहा था।
ऐसे करता था ठगी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी वर्ष 2021 से एक्टिव था। वह पहले नए पते पर अस्थायी रूप से किराए पर रहता था। इसके बाद उसी पते के आधार पर फर्जी आधार कार्ड तैयार कराता था। आधार में नाम और पता बदलने के बाद बैंक खाता खुलवाया जाता और केवाईसी दस्तावेज भी तैयार किए जाते थे। इसके बाद कई बैंकों और फाइनेंस कंपनियों में ऑनलाइन लोन के लिए आवेदन किया जाता। दस्तावेजों की जांच के दौरान सब कुछ सही प्रतीत होता था, क्योंकि आधार, पैन और बैंक खाता एक ही पते पर लिंक रहते थे। लोन स्वीकृत होते ही रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर लिया जाता था।
200 से 250 लोग बने शिकार
पुलिस के मुताबिक, आरोपी और उसके साथियों ने करीब 200 से 250 लोगों के नाम का इस्तेमाल किया। इन लोगों को तब ठगी का पता चला जब उनके पास बैंक की रिकवरी कॉल या नोटिस पहुंचे। कई पीड़ितों ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जांच शुरू की गई। जांच के दौरान डिजिटल ट्रांजैक्शन, आईपी एड्रेस और बैंक खातों की पड़ताल की गई। तकनीकी सबूतों के आधार पर पुलिस मुख्य आरोपी तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि ठगी से प्राप्त रकम का उपयोग स्कूटी, मोटरसाइकिल, एसी और महंगे मोबाइल फोन खरीदने में किया गया। कुछ सामान बेचकर नकद रकम भी हासिल की गई। आरोपी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर रकम को अलग-अलग तरीके से निकालकर खर्च किया। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह में दिल्ली निवासी एक सहयोगी और एक अन्य साथी भी शामिल हैं। दोनों की तलाश के लिए टीम गठित कर दी गई है और जल्द गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
चार अलग-अलग नामों का इस्तेमान
आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग नामों का इस्तेमाल किया। जांच में उसके चार नाम सामने आए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह अलग-अलग दस्तावेजों में अलग पहचान दिखाकर ठगी को अंजाम देता था। इससे जांच एजेंसियों को भ्रमित करने की कोशिश की जाती थी। पुलिस ने आरोपी को 17 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया। उसके पास से कई फर्जी दस्तावेज, आधार कार्ड की प्रतियां, बैंक संबंधी कागजात और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। जब्त मोबाइल और लैपटॉप की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि और पीड़ितों की जानकारी सामने आ सके।
पुलिस की अपील (Agra Crime)
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे आधार नंबर, पेन कार्ड डिटेल और बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध कॉल, मैसेज या ई-मेल प्राप्त हो तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस ने यह भी कहा कि जिन लोगों के नाम पर बिना जानकारी के लोन स्वीकृत हुआ है, वे संबंधित बैंक और साइबर थाने से संपर्क करें। समय पर शिकायत करने से धनराशि की रिकवरी और कानूनी कार्रवाई में मदद मिल सकती है।











