Agra Crime News: आगरा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया जिसने न सिर्फ कानून बल्कि इंसानियत को भी झकझोर कर रख दिया | सिकंदरा क्षेत्र की एक झुग्गी में रहने वाली किशोरी के साथ उसके ही सगे भाई और उसके दोस्त ने कई बार दुष्कर्म किया | मामला अदालत तक पहुंचा, और आखिरकार आगरा कोर्ट ने दोनों दोषियों की 20-20 साल के कठोर कारावास और 20-20 हजार रूपये के जुर्माने की सजा सुनाई है | यह फैसला अपर जिला जज शिवकुमार की अदालत ने सुनाया | न्यायालय ने कहा कि ऐसी अपराध समाज और पारिवारिक मूल्यों पर गहरा प्रहार है दोषियों को किसी भी तरह की राहत नहीं दी जा सकती |
मामला कब और कैसे सामने आया
यह पूरा मामला 5 मई 2022 का है | एनजीओ की महिला सदस्य जब सिकंदरा हाईवे के पास कार्य कर रही थी, तभी उन्हें सड़क पर एक किशोरी बदहवास हालत में घूमती मिली | किशोरी मानसिक रूप से बहुत परेशान थी और उसके कपड़े अस्त-व्यस्त थे | पुलिस ने उसे तत्काल नारी निकेतन भेजा, जहां अगले दिन उसकी तबियत पर मेडिकल जांच कराई गई | डॉक्टरों ने बताया कि किशोरी गर्भवती है | जब उससे पूछताछ की गई, तो उसने चौंकाने वाला खुलासा किया, किशोरी ने बताया कि उसका सगा भाई भरत और उसका दोस्त मोहन, दोनों उसे झुग्गी में अकेला पाकर कई बार उसके साथ जबरन दुष्कर्म करते थे |
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गवाही
किशोरी की तहरीर पर सिकंदरा थाना पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज किया | दोनों आरोपियों भरत और मोहन को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया | मामले की जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट दाखिल की गई | अदालत में पीड़ित समेत 10 गवाहों की गवाही हुई | गवाहों में लेडी लॉ ऑफिसर डॉ. विजय लक्ष्मी, एसएन मेडिकल कॉलेज की डॉ. शिक्षा और जांच अधिकारी मोनिका राणा के बयान अहम रहे | सभी ने अपने-अपने बयान में पीड़ित की बातों की पुष्टि की और मेडिकल रिपोर्ट ने अपराध को प्रमाणित किया |

अदालत का निर्णय
सभी सबूतों और गवाहियों के आधार पर अपर जिला जज शिवकुमार ने कहा कि यह अपराध न केवल कानून के खिलाफ है बल्कि समाज की आत्मा को झकझोर देने वाला है | कोर्ट ने दोनों दोषियों भरत और मोहन को 20-20 साल की कठोर सजा और 20-20 हजार रूपये के जुर्माने की सजा सुनाई | सजा सुनाते वक्त दोनों आरोपी अदालत में मौजूद थे |
अदालत की टिप्पणी – “ऐसा अपराध समाज के लिय कलंक”
“ऐसा अपराध न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों को भी कलंकित करते है | नाबालिग के साथ हुई दरिंदगी को समाज में सहन नहीं किया जा सकता |”
न्यायालय ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाओं के खिलाफ सख्त सजा से ही समाज को जागरूक किया जा सकता है | यह फैसला समाज में एक चेतावनी है कि किसी भी रिश्ते की मर्यादा को तोड़ने की कीमत बहुत भारी पड़ती है |
समाज पर असर और जागरूकता की जरूरत
इस तरह की घटनाएं सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे समाज की सोच पर प्रश्न उठती है | जब अपने ही रिश्ते के लोग इस हद तक गिर जाते है, तो यह पारिवारिक सुरक्षा और नैतिक शिक्षा दोनों की कमी को दर्शाता है | समाज में आज भी कई ऐसे मामले दबे रहते है क्योंकि पीड़ित और उसका परिवार बदनामी के डर से चुप रह जाते है | जरूरत है कि हर परिवार में बेटियों को जागरूक किया जाए, और ऐसी घटनाओं की तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जाए |
लोगों की प्रतिक्रिया
इस फैसले के बाद स्थानीय लोगों ने अदालत के निर्णय का स्वागत किया | लोगों का कहना है कि ऐसे अपराधियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसा अपराध करने से पहले सौ बार सोचे | महिला सुरक्षा से जुड़े एनजीओ ने भी कहा कि आगरा कोर्ट का यह फैसला समाज में महिलाओं के अधिकारों को और मजबूत करेगा |
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