Agra News: आगरा शहर में पुलिस ने एक ऐसे हनी ट्रैप गैंग का पर्दाफाश किया है, जो साधारण से मिस्ड कॉल के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाता था। यह गैंग पहले युवक से दोस्ती बढ़ता, फिर होटल में बुलाकर उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लेता और इसके बाद लाखों रूपये की वसूली शुरू कर देता था। पुलिस ने इस मामले में एक युवती और उसके साथी को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपियों की तलाश जारी है।
मिस्ड कॉल से शुरू होती थी ब्लैकमेलिंग की साजिश
पीड़ित युवक ने पुलिस को बताया कि 6 अक्टूबर को उसके मोबाइल पर एक मिस्ड आई थी। जब उसने वापस कॉल किया तो एक युवती ने मीठी आवाज में बात की और धीरे-धीरे उससे दोस्ती बढ़ा ली। कुछ दिनों तक दोनों के बीच बातचीत होती रही। युवती ने उसे विश्वास में लेकर मिलने का प्रस्ताव रखा। पीड़ित उसके बताए स्थान पर पहुंच गया। उसने बताया कि युवती ने उसे कोल्ड ड्रिंक दी, जिसमें नशीला पदार्थ मिला था। थोड़ी देर बाद वह बेहोश हो गया। इसी दौरान गैंग के सदस्य उसके साथ अश्लील वीडियो और फोटो बनाते रहे। जब वह होश में आया तो उसे पूरी घटना का अंदाजा नहीं था।
कुछ दिन बाद आया ब्लैकमेलिंग का फोन
घटना के कुछ दिन बाद पीड़ित के मोबाइल पर एक व्यक्ति ने कॉल किया और अपना नाम प्रवेश बताया। उसने धमकी दी कि उसके पास युवक का आपत्तिजनक वीडियो है, जिसे वायरल कर दिया जाएगा। इसके गैंग ने 20 लाख रूपये की मांग की। पीड़ित ने पैसे देने से मना किया तो युवती गैंग थाने पहुंच गई और फर्जी नाम से रेप की तहरीर दे दी। पुलिस द्वारा मामले में पूछताछ शुरू होने पर युवक और अधिक दबाव में आ गया।

Agra News: 4 लाख रूपये लेकर कराया समझौता
युवती और उसके साथियों ने थाने में झूठा आरोप लगाकर दबाव बढ़ाया। बाद में उन्होंने युवक से 4 लाख रूपये में समझौता कर लिया। जब समझते का कागज जमा हुआ तो उसमें दिए आधार कार्ड और दस्तावेजों में कई चीजें संदिग्ध मिली। पुलिस को शक हुआ तो जांच गहराई से की गई। मामला खुला तो पता चला कि युवती पिछले कई महीनों से इसी तरह लोगों को ब्लैकमेल कर रही थी। उसके मोबाइल की जांच में कई अन्य लोगों के वीडियो भी मिले।
गिरफ्तार हुई बीएससी पास युवती, देवरिया से आए साथी की भी गिरफ्तारी
सीसीपी ने बताया कि गिरफ्तार हुई युवती बीएससी पास है और मूलरूप से मैनपुरी की रहने वाली है। वह कुछ समय से अपने मामा के घर रह रही थी। पूछताछ में उसने कबूला कि वह ऑनलाइन गेम में रूपये हार चुकी थी, इसके बाद उसे पैसे की जरूरत थी। इसी दौरान उसकी पहचान एक युवक प्रविन्द्र से हुई। प्रविंद्र ने उसे ब्लैकमेलिंग के धंधे में उतारा और अपने साथी रियाज और प्रवेश से मिलवाया।
रियाज खुद को यूपी पुलिस का सिपाही बताकर लोगों को डरता था। गिरोह अब तक कई लोगों से 12 लाख रूपये से अधिक वसूल चुका है। पुलिस ने इस गैंग में शामिल एक अन्य सदस्य गणेश को भी पकड़ा है, जबकि रियाज, प्रवेश और प्रविंद्र फरार बताए जा रहे है।
कई लोग पहले ही शिकार बन चुके है
पुलिस जांच में सामने आया है कि
- एक व्यक्ति से 12 लाख रूपये वसूले गए
- दूसरे से 5 लाख
- तीसरे केस में 18 लाख रूपये की मांग की गई
- एक मामले में समझौता हो चुका था तभी पुलिस ने गैंग को धर-दबोचा
गैंग के पास पीड़ितों के कई संवेदनशील वीडियो मिले है, जिन्हें वे वसूली के लिय हथियार की तरह इस्तेमाल करते थे।
पुलिस ने दिया सावधान रहने की सलाह
आगरा पुलिस ने लोगों से अपील की है
- अंजान नंबर की मिस्ड कॉल पर तुरंत कॉल बैक न करें
- बिना पहचान के किसी व्यक्ति से दोस्ती न बढ़ाएं
- होटल या निजी जगहों पर मिलने से बचें
- किसी भी ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें
पुलिस का कहना है कि ऐसे गिरोह सोशल मीडिया और फोन का गलत इस्तेमाल कर लोगों से मोती रकम ठगते है। जल्द ही फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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