Agra News: आगरा जिले के बरहन थाना क्षेत्र में कैफे संचालक हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। यह मामला पहले सड़क हादसा समझा जा रहा था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और पुलिस की गहन जांच में यह एक सोची-समझी हत्या निकली। इस हत्याकांड में पुलिस ने पिता-पुत्र समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में जो कहनी सामने आई, उसने हर किसी को हैरान कर दिया।
सड़क किनारे मिला था युवक का खून से लथपथ शव
बरहन थाना क्षेत्र में 19 दिसंबर की सुबह सड़क किनारे एक युवक का शव खून से लथपथ हालत में मिला था। मृतक की पहचान पुनीत सिसौदिया के रूप में हुई थी। शव मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। शुरूआत में मामला सड़क हादसे का माना जा रहा था। मृतक के भाई मुकेश चौहान ने भी थाने में हादसे की आशंका जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने उसी आधार पर जांच शुरू की थी।
सीसीटीवी फुटेज ने बदली पूरी कहानी
मामला तब पलटा, जब पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। फुटेज में साफ दिखाई दिया कि जिस समय पुनीत उस रस्ते से गुजर रहा था, उसके आसपास कोई दूसरी वाहन नहीं था। इससे हादसे की थ्योरी कमजोर पड़ गई। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस को शक हुआ कि यह हादसा नहीं, बल्कि हत्या का मामला है। इसके बाद पुलिस ने मामले की दोबारा जांच शुरू की और संदिग्धों से पूछताछ का दायरा बढ़ाया।

शक के आधार पर भानु प्रताप को हिरासत में लिया गया
पुलिस को जांच के दौरान भानु प्रताप नामक व्यक्ति पर शक हुआ। उसे हिरासत में लेकर जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने जो खुलासा किया, उसने पूरे मामले की परतें खोल दी। भानु प्रताप ने बताया कि वह दरअसल किसी और युवक की हत्या करना चाहता था, लेकिन पहचान में हुई गलती के चटकाते पुनित सिसौदिया की जान चली गई।
शादीशुदा बेटी की वजह से रची थी हत्या की साजिश
पूछताछ में भानु प्रताप ने पुलिस को बताया कि उसका एक कैफे है। वह हत्या मुकेश की करना चाहते थे, लेकिन गलती से पुनीत को मौत के घाट उतार दिया। आरोप है कि मुकेश उसकी शादीशुदा बेटी को परेशान कर रहा था। मुकेश बेटी की तस्वीरें वायरल करने की धमकी दे रहा था, जिससे परिवार की प्रतिष्ठा पर खतरा मंडरा रहा था। बेटी की शादी को करीब दो साल हो चुके थे और इस कारण से घर में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा था। इसी डर और गुस्से में भानु प्रताप ने मुकेश की हत्या की योजना बना डाली।
Agra News: रेकी के बाद बनाई गई हत्या की योजना
भानु प्रताप ने अपने बेटे अनुज धाकरे और दो कर्मचारियों मोहित व अनिरुद्ध के साथ मिलकर पूरी योजना बनाई। सबसे पहले मुकेश की गतिविधियों पर नजर रखी गई और उसके आने-जाने के रास्तों की रेकी की गई। 19 दिसंबर को चारों आरोपी हथियार लेकर मुकेश को मारने के इरादे से निकले थे। उस दिन मुकेश की बाइक लेकर ममेरा भाई पुनीत कैसे से निकला था।
पुनीत ने सर्दी की वजह से अपने चेहरे पर मफलर बांध रखा था। अंधेरा होने के कारण आरोपियों ने उसे मुकेश समझ लिया। उन्होंने बीच रास्ते में पुनित को रोक लिया और लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। इतनी बुरी तरह पिटाई की गई कि मौके पर ही पुनीत की मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी शव को सड़क किनारे फेंफकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने पिता-पुत्र समेत चार को किया गिरफ्तार
आरोपियों ने इस वारदात को सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की। शव इस तरह से रखा गया, जिससे दुर्घटना का आभास हो। इसी वजह से शुरू में पुलिस और परिजन भी इसे हादसा ही मान बैठे।
पूछताछ के बाद पुलिस ने भानु प्रताद, उसके बेटे अनुज और दोनों कर्मचारियों मोहित व अनिरुद्ध को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किए गए डंडे भी बरामद कर लिए है। चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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