Agra News: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के किरावली क्षेत्र के जाजऊ गांव में पुलिस ने जलती हुई चिता से एक युवती का शव बाहर निकाला। आरोपी है कि युवती की हत्या कर चोरी-छिपे अंतिम संस्कार किया जा रहा था। मृतका के पिता की शिकायत पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चिता की आग बुझाई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। यह मामला प्रेम संबंध, नाबालिग अवस्था में घर से भगाने, धर्म परिवर्तन और हत्या जैसे गंभीर आरोपों से जुड़ा हुआ है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
जलती चिता पर पहुंची पुलिस, शव को बाहर निकाला
घटना बुधवार दोपहर की बताई जा रही है। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल गांव के श्मशान घाट पहुंची, जहां युवती का अंतिम संस्कार किया जा रहा था। पुलिस टीम ने बिना देर किए पानी डालकर चिता की आग बुझाई और युवती के शव को बाहर निकलवाया। शव को बॉडी बैग में रखकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
पांच साल से लिव-इन रिलेशनशिप में रहने का दावा
मामले में मृतका की पहचान सना (21 वर्ष) के रूप में हुई है। सना आगरा के किरावली क्षेत्र की रहने वाली थी। आरोप है कि वह पिछले करीब पांच वर्षों से अजीत सिंह नामक युवक के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। बताया जा रहा है कि अजीत सिंह फाइनेंस से जुड़ा काम करता था और उसका सना के घर आना-जाना था। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में युवती उसके साथ रहने चली गई।
मृतका के पिता निजाम ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि जब सना नाबालिग थी, तभी आरोपी अजीत सिंह उसे बहला फुसलाकर उसे अपने साथ भगा ले गया था। पिता का कहना है कि उस समय बेटी की उर्म कम थी और वह उसकी समझ से बाहर थी। निजाम के अनुसार बेटी के घर से जाने के बाद परिवार ने काफी उसे तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बाद में पता चला कि वह आरोपी अजीत सिंह के साथ रह रही है।

चोरी छिपे अंतिम संस्कार करने की कोशिश
परिजनों का आरोप है कि युवती की मौत के बाद आरोपी अजीत सिंह ने बिना परिवार को सूचना दिए गांव के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी। जैसे ही परिवार को इस बारे में जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस के पहुंचने तक चिता जल चुकी थी, लेकिन समय रहते शव को बाहर निकाल लिया गया। यदि सूचना में थोड़ी भी देरी होती, तो शायद सबूत पूरी तरह नष्ट हो जाते।
मृतका के पिता निजाम ने साफ तौर पर कहा है कि उनकी बेटी की मौत स्वाभाविक नहीं है, बल्कि उसकी हत्या की गई है। उन्होंने अजीत सिंह पर बेटी की हत्या कर सबूत मिटाने के इरादे से अंतिम संस्कार करने का आरोप लगाया है। पिता ने पुलिस को दी गई शिकायत में नाबालिग अवस्था में ले जाने, कथित विवाह, धर्म परिवर्तन, मारपीट और हत्या जैसे आरोप दर्ज कराए हैं।
पुलिस का पक्ष: पोस्टमार्ट रिपोर्ट का इंतजार (Agra News)
किरावली के इंस्पेक्टर आनंदवीर सिंह ने बताया कि आरोपी पक्ष का कहना है कि युवती पिछले कुछ समय से बीमार थी और बीमारी के कारण उसकी मौत हुई है। हालांकि इस दावे की सच्चाई जानने के लिए पोस्टमार्टम किया गया। उन्होंने कहा कि मामला बेहद संवेदनशील है और हर पहलू से जांच की जा रही है। नाबालिग अवस्था में साथ ले जाने, लिव-इन रिलेशनशिप, धर्म परिवर्तन और मौत के कारणों की गंभीरता से जांच होगी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कॉल डिटेल, मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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