Agra News: आगरा शहर के लिए एक ऐतिहासिक पल सामने आया है। वर्षों से जिस मेट्रो परियोजना का इंतजार किया जा रहा था, वह अब धीरे-धीरे जमीन पर उतरती दिखाई दे रही है। मनकामेश्वर मेट्रो स्टेशन से ISBT तक मेट्रो का ट्रायल रन शुरू होना न सिर्फ तकनीकी सफलता है, बल्कि यह आगरा के भविष्य की परिवहन व्यवस्था की झलक भी देता है। ताज नगरी में बढ़ते ट्रैफिक दबाव, प्रदूषण और समय की बर्बादी के बीच मेट्रो को एक स्थायी समाधान के रूप में देख जा रहा है।
मनकामेश्वर से ISBT तक मेट्रो ट्रायल की शुरुआत
मंगलवार को पहली बार मनकामेश्वर मेट्रो स्टेशन से ISBT तक मेट्रो का सफल ट्रायल किया गया। यह ट्रायल अपलाइन ट्रैक पर किया गया, जिसमें मेट्रो ट्रेन ने तय रूट पर सभी तकनीकी मानकों के अनुसार संचालन किया। अधिकारियों के अनुसार, यह ट्रायल पूरी तरह संतोषजनक रहा और ट्रेन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम, सिगनलिंग तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की गई।
यह ट्रायल इसीलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले ताज ईस्ट गेट से मनकामेश्वर स्टेशन तक मेट्रो का संचालन पहले से जारी था। अब इस नए हिस्से के जुड़ने से पूरे कॉरिडोर को एक मजबूत आकार मिल रहा है।
यूपी मेट्रो के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
इस अहम ट्रायल रन के दौरान यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। प्रबंध निदेशक सुशील कुमार, निदेशक रोलिंग एवं सिस्टम नवीन कुमार, निदेशक कार्य एवं संरचना सीपी सिंह और आगरा मेट्रो परियोजना के निदेशक अरविंद कुमार राय ने ट्रायल की निगरानी की। अधिकारियों ने मेट्रो ट्रेन के संचालन, स्टेशन संरचना और ट्रैक की स्थिति का निरीक्षण किया। साथ ही इंजीनियरों और तकनीकी टीम से फीडबैक लिया गया ताकि आगे की तैयारियों में किसी भी तरह की कमी न रह जाए।
नया साल, नई सौगात: आगरा को मिलेगी मेट्रो
आगरा के नागरिकों के लिए नया साल एक बड़ी सौगात लेकर आने वाला है। अधिकारियों के अनुसार, मार्च 2026 तक मनकामेश्वर से ISBT तक यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा शुरू किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद दिसंबर 2026 तक शहर के दोनों कॉरिडोर पर मेट्रो संचालन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे न केवल स्थानीय लोगों को फायदा होगा, बल्कि हर साल लाखों की संख्या में आने वाले पर्यटकों को भी राहत मिलेगी।
आगरा मेट्रो का पूरा नेटवर्क: 29.4 किलोमीटर सपना
UPMRC आगरा में दो प्रमुख कॉरिडोर पर मेट्रो नेटवर्क विकसित कर रहा है। पहला कॉरिडोर ताजमहल पूर्वी गेट से सिकंदरा के बीच लगभग 15 किलोमीटर लंबा है। इस कॉरिडोर में 7 भूमिगत और 6 एलिवेटेड स्टेशन शामिल है। दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट स्टेशन से कालिंदी विहार के बीच लगभग 14.4 किलोमीटर लंबा है। दोनों कॉरिडोर शहर के प्रमुख इलाकों को जोड़ते है, जिससे रोजाना सफल करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

Agra News: भूमिगत स्टेशनों की खासियत
फिलहाल मेट्रो का प्राथमिक 6 किलोमीटर का हिस्सा ताज ईस्ट गेट से मनकामेश्वर मंदिर तक यात्रियों के लिए पहले ही खोला जा चुका है। इस रूट पर एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजा की मंडी और आरबीएस कॉलेज जैसे प्रमुख भूमिगत स्टेशन बनकर तैयार है। ये सभी स्टेशन आधुनिक सुविधाओं से लैस है, जहां यात्राओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगमता का विशेष ध्यान रखा गया है। एस्केलेटर, लिफ्ट, सीसीटीवी कैमरे और डिजिटल साइन बोर्ड जैसी सुविधाएं यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाती है।
ट्रायल के दौरान क्या-क्या परखा गया
मनकामेश्वर से ISBT तक हुए ट्रायल के दौरान मेट्रो की गति, सिग्नल सिस्टम, ट्रैक अलाइनमेंट और ड्राइवर ट्रेनिंग पर निशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि ड्राइव लाइन लगभग पूरी तरह तैयार है और आने वाले दिनों में लगातार ट्रायल जारी रहेगा। इन ट्रायल्स के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि यात्राओं के लिए मेट्रो सेवा पूरी तरह सुरक्षित और मारोसमंद हो।
ट्रैफिक और प्रदूषण से मिलेगी राहत
आगरा में बढ़ती आबादी और बहनों की संख्या ने ट्रैफिक समस्या को गंभीर बना दिया है। मेट्रो के शुरू होने से सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा, जिससे जाम और प्रदूषण दोनों में कमी आने की उम्मीद है। खासतौर पर ताजमहल, आगरा कैंट, राजा की मंडी और ISBT जैसे व्यस्त इलाकों में मेट्रो एक गेम चेंजर साबित हो सकती है।
दिसंबर 2026 तक दौड़ेगी मेट्रों
UPMRC ने स्पष्ट किया है कि दिसंबर 2026 तक आगरा के दोनों कॉरिडोर पर मेट्रो संचालन शुरू करने का लक्ष्य है। इसके लिए निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और तकनीकी टीमें लगातार निगरानी कर रही है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो आने वाले समय में आगरा मेट्रो शहर की पहचान का एक अहम हिस्सा बन जाएगी।










