Agra News: आगरा पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई में नकली अंग्रेजी शराब बनाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने घर के अंदर चल रही अवैध फैक्ट्री पर छापा मारते हुए भारी मात्रा में केमिकल, नकली शराब, खाली बोतलें और पैकिंग सामग्री बरामद की है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
यह अवैध फैक्ट्री आगरा जिले की तहसील खेरागढ़ क्षेत्र के कागारौल थाना अंतर्गत अकोला गांव में संचालित की जा रही थी। यहां घर के अंदर नकली अंग्रेजी शराब तैयार कर उसे असली ब्रांड के नाम से बाजार में खपाने की तैयारी थी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस नकली शराब की सप्लाई आगरा के अलावा अन्य जिलों और बिहार तक किए जाने की योजना थी।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अकोला गांव में एक मकान के अंदर अवैध रूप से अंग्रेजी शराब बनाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से छापा मारा। छापेमारी के दौरान आरोपी पुलिस को देखकर शराब बनाने में इस्तेमाल हो रहे केमिकल और अन्य सामग्री में आग लगाने का प्रयास करने लगे, लेकिन टीम ने तुरंत फूर्ति दिखाते हुए हालात पर काबू पा लिया।
भारी मात्रा में सामग्री बरामद
छापेमारी में पुलिस ने करीब 50 लीटर तरल केमिकल स्प्रिट, 74 पेटी अपमिश्रित शराब (3552 क्वार्टर), 89 खाली कांच की बोतलें, 62 रेपर इम्पीरियल ब्लू ब्रांड के, ढक्कन, स्टिकर और अन्य पैकिंग सामग्री बरामद की है। इसके अलावा घटना में प्रयुक्त एक कार भी जब्त की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है। बरामद सामग्री से साफ है कि आरोपी पूरी तरीके से नकली अंग्रेजी शराब तैयार कर रहे थे और उसे असली ब्रांड का रूप देकर बाजार में बेचने की योजना थी।
Agra News: चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मौके सेe चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नरेश, उम्मेद, प्रशांत और सत्यप्रकाश के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सत्यप्रकाश अपने दो बेटों और अन्य साथियों के साथ मिलकर नकली शराब की फैक्ट्री चला रहा था। नकली शराब को पानी, स्प्रिट और अन्य केमिकल के जरिए तैयार किया जाता था, जिसके बाद उस पर अंग्रेजी शराब के फर्जी स्टिकर और रेपर लगाकर बिक्री के लिए भेजा जाता था।
बिहार तक सप्लाई की थी तैयारी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी नकली शराब की सप्लाई सिर्फ आगरा तक सीमित नहीं रखना चाहते थे। गिरोह की योजना इसे अन्य राज्यों, विशेष रूप से बिहार, तक भेजने की थी। पुलिस का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो बड़ी संख्या में नकली शराब बाजार में पहुंच सकती थी, जिससे लोगों को पीने बाद शरीर पर हानिकारक हो सकता था।
डीसीपी ने दी जानकारी
इस मामले में डीसीपी आदित्य ने बताया कि नकली शराब को अंग्रेजी ब्रांड बनाकर बेचने का यह एक सही तरीका अपनाया था। आरोपी असली ब्रांड के नाम से रेपर और स्टिकर लगाकर शराब की पेटियों को बाजार में उतारने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह के तार किन-किन जिलों और राज्यों से जुड़े है।

प्रशासन की अपील
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे सस्ती शराब के सेवन से बचें और किसी भी तरह की अवैध शराब की जानकारी तुरंत पुलिस या आबकारी विभाग को दें। समय रहते सूचना मिलने से न केवल अपराध पर रोक लगाई जा सकती है, बल्कि कई लोगों की जान भी बचाई जा सकती है।
आगे की जांच जारी
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम और संबधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए है तथा नकली शराब की सप्लाई किन रास्तों से की जानी थी। पुलिस का कहना है कि गिरोह के पास ये असली ब्रांड की सामग्री कहा से आई, पुलिस इसका भी पता लगा रही है। अन्य लोगों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
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