Agra News: आगरा में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच जिले में मतदाता सूची को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश पर कराई गई जांच में जिले के विभिन्न विकास खंडों में कुल 8.78 लाख डुप्लीकेड मतदाता चिन्हित किए गए है। इस कार्रवाई के बाद चुनावी समीकरणों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
जिले में वर्तमान में 15 ब्लॉकों में कुल 20.44 लाख मतदाता दर्ज है। डुप्लीकेट नामों की छंटनी पूरी होने के बाद यह संख्या घटकर करीब 11.66 लाख रहने का अनुमान है। प्रशासन के अनुसार अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 28 मार्च को किया जाएगा। इसके बाद न तो किसी नए नाम को जोड़ा जाएगा और न ही किसी नाम को हटाया जाएगा।
1502 बीएलओ घर-घर कर रहे सत्यापन
जिले में 1502 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को सत्यापन कार्य में लगाया गया है। ये अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी की पुष्टि कर रहे हैं। विशेष अभियान 20 फरवरी तक चलेगा। प्रशासन का कहना है कि डुप्लीकेट मतदाता वे हैं जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाए गए हैं या जिनकी प्रविष्टियों में समान विवरण मिला है। कई मामलों में मतदाता के स्थानांतरण के बाद भी पुराने पते पर नाम दर्ज रह गया था।
40 वर्षों में सबसे कम मतदाता संख्या का अनुमान
डुप्लीकेट नाम हटने के बाद जिले में मतदाताओं की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज हो सकती है। अधिकारियों का दावा है कि यह आंकड़ा पिछले चार दशकों में सबसे कम हो सकता है। इससे पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों की रणनीति पर सीधा असर पड़ेगा। चुनावी विशेषज्ञों का मानना है कि मतदाता सूची में पारदर्शिता आने से वास्तविक मतदान प्रतिशत में वृद्धि हो सकती है। वहीं कई क्षेत्रों में राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना भी जताई जा रही है।
ब्लॉकवार डुप्लीकेट मतदाताओं की स्थिति
प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार विभिन्न विकास खंडों में डुप्लीकेट मतदाताओं की संख्या इस प्रकार है
- एत्मादपुर – 50,953
- खंदौली – 58, 519
- अकोला – 58127
- बिचपुरी – 49,833
- बरौली अहीर – 98,162
- फतेहपुर सीकरी – 50,299
- अछनेरा – 65,084
- खेरागढ़ – 57,626
- सैया – 65,948
- जगनेर – 40,114
- शमसाबाद – 71, 477
- फतेहाबाद – 71,421
- बाह – 51,510
- पिनाहट – 48,318
- जैतपुरकलां – 40,719
बरौली अहीर और शमशाबाद जैसे ब्लॉकों में सबसे अधिक डुप्लीकेट मतदाता पाए गए है। इन क्षेत्रों में चुनावी प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है।
कैसे हुई पहचान? (Agra News)
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पिछले वर्षों की मतदाता सूची की डिजिटल जांच कराई गई। आधारभूत विवरण, नाम, आयु, परिवार विवरण और अन्य पहचान सूचनाओं का मिलान कर संदिग्ध प्रविष्टियों को चिन्हित किया गया। इसके बाद इन नामों की सूची संबंधित बीएलओ को सौंप दी गई। अब फील्ड स्तर पर वास्तविक सत्यापन किया जा रहा है। सत्यापन के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा कि कौन-सा नाम हटाया जाए और कौन-सा बरकरार रखा जाए।
मतदाता सूची में इतनी बड़ी संख्या में डुप्लीकेट नाम सामने आने के बाद राजनीतिक दल भी सक्रिय हो गए हैं। विभिन्न दल अपने कार्यकर्ताओं को सूची का अध्ययन करने और वास्तविक मतदाताओं से संपर्क बनाए रखने के निर्देश दे रहे हैं। कुछ दलों ने प्रशासन से पारदर्शिता बरतने की मांग की है, ताकि किसी पात्र मतदाता का नाम गलती से न कटे। वहीं प्रशासन का कहना है कि हर स्तर पर सावधानी बरती जा रही है और आपत्तियां दर्ज कराने का पूरा अवसर दिया जाएगा।
आपत्ती दर्ज कराने की प्रक्रिया
यदि किसी मतदाता को लगता है कि उसका नाम गलत तरीके से डुप्लीकेट सूची में शामिल किया गया है, तो वह संबंधित बीएलओ या ब्लॉक कार्यालय में संपर्क कर सकता है। निर्धारित प्रारूप में आवेदन देकर अपनी स्थिति स्पष्ट की जा सकती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना सत्यापन किसी भी नाम को अंतिम रूप से नहीं हटाया जाएगा। सभी दावों और आपत्तियों की जांच के बाद ही सूची का अंतिम प्रकाशन होगा।
28 मार्च को अंतिम सूची
प्रशासन के अनुसार 20 फरवरी तक सत्यापन अभियान पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद प्राप्त दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। 28 मार्च को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। अंतिम सूची जारी होने के बाद पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होने की संभावना है। ऐसे में सभी संभावित प्रत्याशी और राजनीतिक दल मतदाता सूची के अंतिम आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं।
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