Agra News: लखनऊ और यमुना एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार से वाहन दौड़ने वालों के लिए रास्ता आसान नहीं रहा। स्पीड कैमरों को चकमा देकर निकलने वाले चालकों पर अब आरटीओ की इंटरसेप्टर गाड़ियों की पैनी नजर रहेगी। आगरा क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए आरटीओ को चार नई इंटरसेप्टर गाड़ियां उपलब्ध कराई है, जिन्हें एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों पर तैनात किया जाएगा।
अब तक देखा गया है कि अधिकांश वाहन चालक स्पीड रडार कैमरे देखते ही गति धीमी कर लेते है और कैमरा पार करते ही दोबारा तेज रफ्तार पकड़ लेते है। यही कारण है कि एक्सप्रेसवे की दूरी तय करने में निर्धारित समय से अधिक वक्त लग रहा है और दुघर्टनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है। इस प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए इंटरसेप्टर गाड़ियों को सक्रिय किया जा रहा है।
स्पीड कैमरों को चकमा देना पड़ेगा भारी
लखनऊ और यमुना एक्सप्रेसवे पर लगे स्पीड कैमरे लंबे समय से निगरानी कर रहे है, लेकिन अब ओवरस्पीड करने वाले वाहन चालकों पर केवल कैमरों से ही नहीं, बल्कि चलती-फिरती निगरानी के जरिए कार्रवाई होगी। इंटरसेप्टर गाड़ियों हाइवे पर लगातार गश्त करेंगी और तय गति सीमा से अधिक रफ्तार वाले वाहनों को मौके पर ही रोक जाएगा। इन गाड़ियों में आधुनिक स्पीड डिटेक्शन सिस्टम कैमरे और चालान मशीन लगी होंगी, जिससे नियम तोड़ने वालों पर तुरंत जुर्माना लगाया जा सकेगा।
आगरा आरटीओ को मिलीं चार इंटरसेप्टर
परिवहन आयुक्त द्वारा आगरा आरटीओ को कुल चार इंटरसेप्टर गाड़ियां प्रदान की गई है। इन्हें लखनऊ और यमुना एक्सप्रेसवे के साथ-साथ राष्ट्रीय राजमार्गों अलग-अलग हिस्सों में तैनात किया जाएगा। इनका मुख्य उद्देश्य ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग और यातायात नियमों की अनदेखी करने वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई करना है। आरटीओ अधिकारियों के अनुसार, इन इंटरसेप्टर गाड़ियों की तैनाती से हाइवे पर अनुशासन बढ़ेगा और दुघर्टनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
दुर्घटनाओं के आंकड़े चिंता बढ़ने वाले
आगरा देश के उन 100 शहरों में शामिल है, जहां सड़क हादसों की संख्या सबसे अधिक है। वर्ष 2025 में आगरा में 1350 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई, जिनमें 700 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। राज्य सरकार ने आगरा को दुघर्टना मुक्त जिला बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
हादसों के कारणों पर हुए अध्धयन में सामने आया कि
- ओवरस्पीडिंग
- नशे में वाहन चलाना
- सड़क इंजीनियरिंग में कमियां
- गोल्डन ऑवर में घायलों को समय पर इलाज न मिलना
- यातायात नियमों का कमजोर प्रवर्तन
जैसे कारण प्रमुख है। इन्हीं कारणों को ध्यान में रखते हुए प्रवर्तन को मजबूत किया जा रहा है।

Agra News: मथुरा हादसे ने बढ़ाई सख्ती
हाल ही में मथुरा के बलदेव क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे ने प्रशासन को और सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। 16 दिसंबर की सुबह कोहरे के बावजूद एक ट्रैवल एजेंसी की बस 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही थी, जो दुर्घटना का कारण बनी। इस हादसे में तेज गति को मुख्य वजह माना गया। इस घटना के बाद परिवहन विभाग ने एक्सप्रेसवे और हाइवे पर ओवरस्पीडिंग के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया।
अरतौनी स्थित ईटीसी में हुआ प्रशिक्षण
शुक्रवार को सिकंदरा के पास स्थित अरतौनी प्रवर्तन प्रशिक्षण केंद्र (ईटीसी) में इंटरसेप्टर गाड़ियों के प्रयोग को लेकर एक दिवसीय प्रतिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 10 जिलों के आरटीओ और प्रवर्तन अधिकारियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण में अधिकारियों को इंटरसेप्टर गाड़ियों की तकनीकी जानकारी, स्पीड मापने की प्रक्रिया, डिजिटल चालान प्रणाली और सुरक्षित प्रवर्तन के तरीकों से अवगत कराया गया।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत कार्रवाई
शासन द्वारा 1 से 31 जनवरी तक राष्ट्रीय सुरक्षा माह मनाया जा रहा है। इस दौरान आरटीओ आरटीओ द्वारा ओवरलोड वाहनों, बिना हेलमेट और सीट बेल्ट वाहन चालकों, मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पिछले तीन महीनों में केवल ओवरस्पीडिंग के मामलों में ही 2200 से अधिक चालान किए जा चुके है। परिवहन आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि नियम तोड़ने वालों के प्रति किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
आरटीओ प्रवर्तक ने दी जानकारी
आरटीओ प्रवर्तन अखिलेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों के अलावा लखनऊ और यमुना एक्सप्रेसवे पर भी इंटरसेप्टर गाड़ियां तैनात की जाएंगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आरटीओ प्रशासन अरुण कुमार, ए आरटीओ विनय कुमार, आलोक अग्रवाल, सतेंद्र कुमार, ए आरटीओ मथुरा शिवम यादव, ए आरटीओ मैनपुरी राजेश वर्मा, ए आरटीओ झांसी सहित ईटीसी निदेशक संजीव प्रजापति व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करना है।
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