Agra News: आगरा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सराफा कारोबारी को उनकी ही पत्नी की सहेली और उसके परिजनों ने करोड़ों रूपये की ठगी का शिकार बना लिया। मामला न सिर्फ आर्थिक अपराध से जुड़ा है, बल्कि इसमें भरोसे, रिश्तों और धमकी तक की परतें भी खुलकर सामने आई है। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
भरोसे का सौदा बना धोखाधड़ी की कहानी
कमला नगर क्षेत्र निवासी सराफा कारोबारी गौरव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपनी पत्नी संगीता के साथ मोती कटरा क्षेत्र में शिव शक्ति ट्रेडर्स के नाम से सोना-चांदी का कारोबार करते है। गौरव का कहना है कि पत्नी की सहेली पिंकी झा और उसके परिवार से घरेलू और सामाजिक संबंध थे, जिसके चलते आपसी भरोसा बना हुआ था।
इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपियों ने पहले उधार पर व्यापार करने का प्रस्ताव रखा और मोटा मुनाफ दिलाने का भरोसा दिलाया। शुरुआती लेन-देन सामान्य रहा, जिससे कारोबारी को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ।
Agra News: करोड़ों का माल, अधूरा भुगतान
पीड़ित के अनुसार 17 अक्टूबर 2025 को पिंकी झा की फर्म, किनारी बाजार स्थित एए इंटरप्राइजेज को सोने-चांदी के आभूषण भेजे गए। इस खेप की कीमत लगभग 11 करोड़ 58 लाख रूपये थी। इसके बदले आरोपियों ने केवल 4 करोड़ 83 लाख रूपये का भुगतान किया, जबकि 6 करोड़ 75 लाख रूपये बकाया रह गए।
जब बकाया राशि की मांग की गई तो आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे। कभी व्यापार में नुकसान का हवाला दिया गया, तो कभी कुछ दिन का समय मांगा गया। समय बीतने के साथ कारोबारी को ठगी की आशंका होने लगी।
फर्जी एग्रीमेंट से दिलाया झूठा भरोसा
भुगतान का दबाव बढ़ने पर आरोपियों ने एक प्लॉट की संपत्ति दिखाकर बकाया रकम चुकाने का आश्वासन दिया। इसके लिए एक एग्रीमेंट और बैनामा भी दिखाया गया, जिससे कारोबारी को लगा कि रकम सुरक्षित है और जल्द भुगतान हो जाएगा। हालांकि बाद में जांच में सामने आया कि यह एग्रीमेंट पूरी तरह फर्जी था। न तो संपत्ति आरोपियों की थी और न ही दस्तावेज वैध पाए गए। इस खुलासे के बाद मामला और गंभीर हो गया।
जान से मारने की धमकी और मारपीट
पीड़ित का आरोप है कि जब उसने कानूनी कार्रवाई की बात कही, तो आरोपियों का रवैया आक्रामक हो गया। 31 अक्टूबर 2025 को जब वह दुकान पर बकाया रकम मांगने पहुंचे, तो पिंकी झा के पति रोहित झा, देवर मोहित झा, ननद कंचन झा और सास उमा रानी सहित अन्य लोगों ने उसके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर किसी तरह स्थिति को संभाला, लेकिन कारोबारी मानसिक रूप से टूट गया।
पुलिस आयुक्त के निर्देश पर FIR
घटना के बाद पीड़ित ने सभी दस्तावेज, बिल, रसीदें और लेन-देन से जुड़े कागजात पुलिस आयुक्त दीपक कुमार को सौंपे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त के निर्देश पर कमला नगर पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, मारपीट और धमकी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी तथ्यों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त करवाई कि जाएगी।
जांच के दायरे में संपत्ति और बैंक खाते
पुलिस अब आरोपियों की संपत्तियों और बैंक खातों की भी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि ठगी की रकम कहाँ-कहां खर्च की गई और क्या किसी अन्य व्यक्ति की भी इसमें भूमिका है। जरूरत पड़ने पर आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जा सकती है। फिलहाल पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
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