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Agra News: पानी के बढ़े बिलों पर आगरा में बवाल, जलकल विभाग पर मनमानी के आरोप

Published On: January 25, 2026
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Agra News: जलकल विभाग आगरा
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Agra News: आगरा नगर निगम क्षेत्र में जलकल विभाग द्वारा भेजे जा रहे बढ़े हुए पानी के बिलों को लेकर निगम के पार्षद नाराज है। शहर के विभिन्न वार्डों से सामने आ रही शिकायतों के बाद अब यह मामला नगर निगम सदन तक पहुंच गया है। जलकल विभाग पर मनमानी वसूली के आरोप लगाते हुए 23 पार्षदों ने महापौर हेमलता दिवाकर को पत्र लिखकर विशेष सदन बुलाने की मांग की है। पार्षदों का कहना है कि जलकल विभाग द्वारा बिना पूर्व सूचना और सदन की मंशा के विपरीत जाकर लोगों पर भारी-भरकम बिल थोपे जा रहे है, जिससे आम लोग परेशान है।

शहरवासियों का आरोप है कि जलकल विभाग द्वारा कई वर्षों के बकाया को एकसाथ जोड़कर नए बिल भेजे जा रहे हैं। कई मामलों में बिल की राशि इतनी अधिक है कि मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए भुगतान करना मुश्किल हो गया है। पार्षदों का कहना है कि उनके वार्डों में रोजाना लोग शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन जलकल विभाग की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा।

पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर निगम सदन में पहले ही जलकर से जुड़े मुद्दों पर प्रस्ताव पास किए जा चुके है, लेकिन जलकर विभाग उन फैसलों को नजरअंदाज कर रहा है। पार्षद प्रकाश केसवानी, रवि माथुर सहित अन्य पार्षदों का कहना है कि विभाग सदन के अधिकारों को चुनौती देता नजर आ रहा है। उनका कहना है कि यदि विभाग इसी तरह मनमानी करता रहा, तो नगर निगम की गरिमा और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल खड़े होंगे।

जलकल विभाग का तर्क है कि नगर निगम द्वारा एआरवी (एनुअल रेंटल वैल्यू) में वृद्धि किए जाने के बाद जलकर की नई दरें लागू की गई है। विभाग का दावा है कि पहले एआरवी लागू न होने के कारण बिल संशोधित नहीं जा सके थे, लेकिन अब नियमानुसार बकाया वसूली की जा रही है। वहीं पार्षदों का कहना है कि एआरवी बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि वषों पुराने बिलों को एक साथ जोड़कर जनता पर आर्थिक बोझ डाला जाए।

कई पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि जलकल विभाग द्वारा गलत बिल भेजे जा रहे हैं। कहीं मीटर रीडिंग गलत है तो कहीं ऐसे मकानों का भी जलकर भेज दिया गया है, जिनमें पानी का कनेक्शन ही नहीं है। पार्षदों का कहना है कि इससे जनता में भारी आक्रोश है और लोग विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

23 पार्षदों द्वारा लिखे गए पत्र के बाद अब सभी की निगाहें महापौर हेमलता दिवाकर के निर्णय पर टिकी है। यदि महापौर विशेष सदन बुलाने की अनुमति देती है, तो जलकल विभाग के अधिकारियों को सदन में जवाब देना पड़ सकता है। ऐसे में विभाग की कार्यप्रणाली पर विस्तार चर्चा होने और बड़े फैसले लिए जाने की संभावना है।

नगर निगम की पिछली सामान्य बैठक में भी जलकर विभाग के बढ़े हुए बिलों का मुद्दा उठा था। उस दौरान जलकल विभाग के महाप्रबंधक ने एआरवी के आधार पर बकाया वसूली की बात स्वीकार की थी। हालांकि, पार्षदों ने उस समय भी स्पष्ट किया था कि किसी भी प्रकार की वसूली सदन की सहमति और स्पष्ट नीति के तहत ही होनी चाहिए।

शहर के कई इलाकों में लोग जलकल विभाग के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। कुछ जगहों पर तो लोगों ने सामूहिक रूप से बिल जमा न करने की चेतावनी तक दी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में अचानक इतना बड़ा आर्थिक बोझ डालना अनुचित है।

पार्षदों का कहना है कि विशेष सदन बुलाकर ही इस पूरे मामले का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है। सदन में सभी पहलुओं पर चर्चा कर यह तय किया जाना जरूरी है कि जलकर की वसूली किस आधार पर और किस सीमा तक की जाए, ताकि न तो नियमों की अनदेखी हो और न ही जनता पर अनावश्यक बोझ पड़े।

Agra News: आगरा में पानी-सीवर बिल पर बड़ी राहत, लागू हुई जलकल OTS योजना

Manoj Sharma

मनोज शर्मा एक डिजिटल न्यूज़ राइटर हैं, जो आगरा और उत्तर प्रदेश की ताज़ा खबरें, क्राइम अपडेट्स और स्थानीय मुद्दों पर लिखते हैं। इनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है।

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