Agra News: राज्य में संपत्ति की खरीद-फरोख्त और दस्तावेज पंजीकरण प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब बिना आधार कार्ड के रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी। स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के फर्जीवाड़ा, जालसाजी और बेनामी लेनदेन पर रोक लगाने के लिए यह नई व्यवस्था लागू कर दी है। नई प्रणाली के तहत पंजीकरण से पहले पक्षकारों और गवाहों का आधार आधारित बायोमेट्रिक या ई केवाईसी सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है।
ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से दर्ज होगा दस्तावेज विवरण
नई प्रक्रिया के अनुसार अब रजिस्ट्री से जुड़े सभी दस्तावेज़ों का विवरण सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। इसके बाद आवेदक को ऑनलाइन अपॉइंटमेंट दिया जाएगा, जिसमें तारीख और समय पहले से तय किया जाएगा। तय समय पर रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचने पर पक्षकारों और गवाहों की पहचान आधार कार्ड से बायोमेट्रिक या ई-केवाईसी के जरिए सत्यापित की जाएगी।
फोटो और अंगूठे के निशान से आगे बढ़ी प्रक्रिया
अब तक रजिस्ट्री के समय केवल फोटो खींचना या अंगूठे का निशान लेना तय माना जाता था, लेकिन नई व्यवस्था में यह प्रक्रिया बदली गई है। सत्यापन सफल होने के बाद ही फोटो और अंगूठे के निशान के साथ पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि रजिस्ट्री दस्तावेज में दर्ज व्यक्ति वही है, जो वास्तविक रूप से संपत्ति का पक्षकार है।
फर्जी रजिस्ट्रियों की शिकायतें बनी कारण
स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग को लंबे समय से फर्जी व्यक्तियों के जरिए रजिस्ट्री कराने की शिकायतें मिल रही थीं। कई मामलों में यह शिकायतें उच्च स्तर तक पहुंची थीं। इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने आधार आधारित सत्यापन प्रणाली को अनिवार्य करने का निर्णय लिया है। महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा ने इस संबंध में सभी सब-रजिस्ट्रार को आवश्यक आदेश जारी कर दिए हैं। विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था से फर्जी नामों पर रजिस्ट्री कराने की प्रवृत्ति पर पूरी तरह से रोक लगेगी।
आधार बनेगा डिजिटल सुरक्षा कवच
सहायक महानिरीक्षक निबंधन योगेश कुमार ने बताया कि आधार कार्ड को डिजिटल सुरक्षा कवच के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि रजिस्ट्री दफ्तर में खड़ा व्यक्ति वही है, जिसका नाम दस्तावेजों में दर्ज है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन विभाग के पोर्टल को आधार पोर्टल से लिंक यही जोड़ा जाएगा, जिससे फर्जीवाड़ा पर ब्रेक लगेगी।
सभी कार्यालयों में उपलब्ध कराई गई आधुनिक आरडी डिवाइस
नई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सभी उप-निबंधक कार्यालयों में आधुनिक आरडी (Registered Device) डिवाइस उपलब्ध करा दी गई हैं। इन डिवाइस के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। विभाग के अनुसार आधार के जरिए अब ई-हस्ताक्षर को भी ई-निष्पादन की श्रेणी में मान्यता दे दी गई है।
आम लोगों को क्या होगा फायदा
इस नई व्यवस्था से आम लोगों को कई स्तर पर फायदा मिलने की उम्मीद है।
- संपत्ति खरीदते समय धोखाधड़ी की संभावना कम होगी
- फर्जी दस्तावेजों के जरिए होने वाली रजिस्ट्री रूकेगी
- रजिस्ट्री प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनेगी
- भविष्य में संपत्ति विवादों की संख्या घटेगी
डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और कदम
यह योजना डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूती देने वाला कदम है। ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, आधार सत्यापन और ई-केवाईसी जैसी व्यवस्थाएं रजिस्ट्री प्रक्रिया को आधुनिक और भरोसेमंद बनाएंगी। कई लोगों का कहना ये व्यवस्थाएं सरकार पहले कर देती तो कई लोगों को फजीर्वाड़े से रोक जा सकता था। लेकिन लोगो ने इस व्यवस्था बहुत फायदेमंद बताया है।
Agra News: सोमवार से पूरी तरह लागू
विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह नई व्यवस्था सोमवार से पूरी तरह लागू कर दी गई है। बिना आधार कार्ड के अब किसी भी प्रकार की रजिस्ट्री नहीं की जाएगी। लोगों से अपील की गई है कि रजिस्ट्री के लिए आने से पहले अपना आधार कार्ड और उससे जुड़े मोबाइल नंबर अपडेट रखें, ताकि सत्यापन प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो।
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