Agra News: उत्तर भारत में सर्दी के साथ ही घना कोहरा लोगो की राजमार्ग की जिंदगी को पूरी तरह प्रभावित करने लगा है। खासकर हाइवे और एक्सप्रेसवे पर चलने वाले वाहनों के लिए कोहरा सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। इसी को ध्यान में रखते हुए रोडवेज प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। कोहरे के कारण रात में चलने वाली रोडवेज बसों की टाइमिंग में बदलाव किया गया है और बसों की संख्या भी कम करने का निर्णय लिया गया है।
कोहरे के कारण क्यों लिया गया फैसला
पिछले कुछ दिनों में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और अन्य प्रमुख मार्गों पर कोहरे के चलते कई दुर्घटनाएं सामने आई है। विजिबिलिटी कम होने से तेज रफ्तार वाहन हादसों का शिकार हो रहे है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रोडवेज ने यह फैसला लिया है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
रात में चलने वाली बसों की संख्या में 25 प्रतिशत तक कटौती
रोडवेज अधिकारियों के अनुसार, रात के समय लंबी दूरी की बसों की संख्या में लगभग 25 प्रतिशत तक कमी की जाएगी। जिस रूट्स पर जोखिम अधिक है, वहां बसों को अस्थायी रूप से रोक जाएगा या उनका समय बदला जाएगा। इससे ड्राइवरों को सुरक्षित तरीके से बस संचालन में मदद मिलेगी और यात्रियों को भी अनावश्यक खतरे का सामना नहीं करना पड़ेगा।
बसों की टाइमिंग में किया गया बदलाव
कोहरे के दौरान बसों को देर रात या अत्यधिक कोहरे वाले समय में चलाने से बचा जाएगा। कई रूट्स पर बसें अब देर से रवाना होंगी या सुबह कोहरे के कम होने के बाद ही चलाई जाएंगी। सोमवार से नई टाइमिंग लागू करने की तैयारी की जा रही है, ताकि यात्राओं को पहले से जानकारी मिल सके।
Agra News: ड्राइवरों को सख्त दिए निर्देश
रोडवेज और आरटीओ विभाग की ओर से सभी बस चालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए है कि
- निर्धारित गति सीमा का सख्ती से पालन करें
- कोहरा अधिक होने और विजिबिलिटी शून्य होने पर बस को सुरक्षित स्थान पर रोकें
- ढाबों, पेट्रोल पंप या होटल के पास बस खड़ी करें
- हाइवे के बीच बस खड़ी न करें, क्योंकि इससे दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है
इस निर्देश को प्रत्येक डिपो के व्हाट्सएप ग्रुप में साझा किया गया है और चालकों की काउंसलिंग भी की जा रही है।
लगभग 800 बसों का बेड़ा, फिर भी सतर्कता जरूरी
रोडवेज के पास करीब 800 बसों का बेड़ा है, जिसमें से लभभग 50 बसें लंबी दूरी के रूट्स पर संचालित होती है। अधिकारियों का कहना है कि बसों की संख्या अधिक होने के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर और भी बसों को अस्थायी रूप से रोका जा सकता है
यात्रियों के लिए क्या जरूरी है जानना
इस फैसले का सीधा असर यात्रियों पर भी पड़ेगा। ऐसे में यात्राओं को सलाह दी गई है कि
- यात्रा से पहले बस की टाइमिंग की जानकारी जरूर लें
- देर रात यात्रा करने से बचें
- कोहरे के दौरान वैकल्पिक साधनों पर भी विचार करें
- बस स्टैंड या हेल्पलाइन से अपडेट लेते रहें
थोड़ी सी सावधानी यात्रियों को बड़ी परेशानी से बचा सकती है।
सुरक्षा पहले, सुविधा बाद में
रोडवेज प्रशासन का साफ कहना है कि यह फैसला अस्थायी है और पूरी तरह यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। जैसे ही मौसम साफ होगा और कोहरे का असर कम होगा, बसों का संचालन सामान्य कर दिया जाएगा। फिलहाल सुरक्षा पहले सुविधा बाद में की नीति पर काम किया जा रहा है। कुछ यात्राओं को असुविधा हो, लेकिन यह कदम कई जिंदगियों को सुरक्षित रखने में मददगार साबित हो सकता है। यात्रियों और चालकों दोनों की सतर्कता ही इस मौसम में सबसे बड़ा बचाव है।
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