Agra News: आगरा जिले में जीएसटी विभाग ने मंगलवार की सुबह 11 बजे एक नामी गुटखा फर्म के गोदाम सहित 15 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। इस छापे में कारोबार के जुड़े कागजों अपने कब्जे में ले लिया। टीम को कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, उत्पादन रिकॉर्ड और कई संदिग्ध दस्तावेज मिले है, जिनके आधार पर कर चोरी का बड़ा मामला सामने आ सकता है।
इस ऑपरेशन को विभाग ने पूरी राहत गुप्त में तैयार किया। कैसे ही सुबह हुई टीम ने पहले ठिकाने पर दस्तक दी, उसके बाद टीमों ने अगलग-अगल ठिकानों पर छापा मारा, उसके बाद पूरे दिन और देर रात तक कार्रवाई का सिलसिला चलता रहा। यह सिर्फ एक फर्म पर नहीं मारा बल्कि उनसे जुड़े डिस्ट्रीब्यूटर्स, सप्लायर और बिक्री जो भी उस फर्म से जुड़ा था उन सभी के यह पर विभाग ने छापा मारा।
Agra News: कैसे शुरू हुई कार्रवाई?
मंगलवार सुबह जीएसटी की कई टीमें शहर के अगल-अगल इलाकों में तैनात की गई। विभाग अधिकारियों ने पहले गुटखा फर्म के मुख्य गोदाम में प्रवेश किया, जहां टीम ने करीब एक घंटे तक दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। जांच में सामने आया कि गोदाम में रखे कच्चे स्टॉक, तैयार स्टॉक और ब्रिक के हिसाब-किताब में बड़ी गड़बड़ी मिली। इसके बाद जांच टीम उन सभी डिस्ट्रीब्यूटर्स और व्यापारिक ठिकानों तक पहुंची, जहां से गुटखा की बड़े स्तर पर सप्लाई की जाती थी। जीएसटी टीम सुबह से शाम तक लगातार सभी स्थानों पर छापा मारी करी रही, और वहां से मिले बिक्री-खरीद रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर, ऑनलाइन लेनदेन विवरण और बिलिंग बुक को कब्जे में लिया गया।
दस्तावेजों की जांच में मिले कई गंभीर सुराग
अधिकारियों को जांच के दौरान उत्पादन में दिखाए गए आंकड़ों और वास्तविक बिक्री में बड़ा फर्क नजर आया। कई चालान ऐसे पाए गए जिनमें बिना जीएसटी नंबर वाले खरीदार, फर्जी बिलिंग, बिना रजिस्ट्रेशन वाले सप्लायर, गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट, वास्तविक उत्पादन से कम मात्रा दिखाना जैसी शामिल थी। दस्तावेजों की इस गड़बड़ी से यह साफ होता है कि लंबे समय से कर चोरी को वास्तविक तरीके से अंजाम दिया जा रहा था।
नकदी भी बरामद – व्यापारियों से पूछताछ जारी
इस छापे के दौरान टीम को कई ठिकानों पर बड़ी मात्रा में नकदी भी मिली। यह नगदी किस उद्देश्य से रखी गई थी, और इसका रिकॉर्ड किताबों में क्यों नहीं था। इस बारे में विभाग ने संबंधित व्यापारियों से पूछताछ भी शुरू की जा रही है। अधिकारियों का अनुमान है कि नगदी मिलने का मतलब यह हो सकता है कि बिना बिल के उत्पाद भेजे गए, ऑफ-बुक लेनदेन किए गए, टैक्स से बचने के लिए नगद बिक्री छिपाई गई हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आधिकारिक रूप से कुछ कहा जा सकता है।
अधिकारी क्या कहते है?
जीएसटी विभाग की ओर से आधिकारिक बयान अभी नहीं दिया गया है, लेकिन विभागीय सूत्रों के मुताबिक
- जांच पूरी होने के बाद ही कुछ आधिकारिक कहा जाएगा
- सभी बरामद दस्तावेजों की डिजिटल और फिजिकल जांच की जाएगी
- बैंक खातों की लेनदेन गतिविधि का मिलान किया जाएगा
- गुटखा उत्पादन इकाई के कच्चे स्टॉक की खपत की जांच होगी
- बिक्री नेटवर्क के सभी बिंदुओं से बयान लिए जाएंगे
अगर कर चोरी बड़ी निकली तो ये कार्रवाई कई हफ्तों या दिनों तक चल सकती है।
जिले के व्यापार जगत में खलबली
इस बड़ी कार्रवाई ने गुटखा कारोबार से जुड़े और भी व्यापारियों को सतर्क कर दिया है। आगरा शहर के कई क्षेत्रों में चर्चा है कि इस तरह की बड़ी कार्रवाई से बाजार में नकली बिलिंग और बिना रजिस्ट्रेशन वाले कारोबार पर भी लगाम लगेगी। कुछ कारोबारी इस बात से चिंतित भी है कि विभाग आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों में भी जांच बड़ा सकता है






