Agra News: खेड़ागढ़ कस्बे में पिछले कई महीनों से बढ़ती यातायात समस्या ने स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए बड़ी परेशानी पैदा कर दी थी। सुबह और शाम के समय भरी वाहनों की आवाजाही से मुख्य बाजार, भीड़भाड़ वाले इलाकों और स्कूल स्थानों पर जाम की स्थिति बन जाती थी। लगातार बढ़ती शिकायतों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भरी वाहनों पर लगे प्रतिबंध के समय में संशोधन करते हुए नया नियम लागू किया है।
नया नियम सिर्फ दो घंटे का प्रतिबंध
पुलिस प्रशासन ने पहले 4 दिसंबर से सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक भारी ट्रकों के प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया था। इससे व्यापारियों में नाराजगी बड़ी,क्योंकि लंबी अवधि के प्रतिबंध से सामान की आपूर्ति बाधित हो रही थी। व्यापारियों की मांग को देखते हुए 7 दिसंबर से फैसले में संशोधन किया गया। अब भारी वाहनों का प्रवेश दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक ही प्रतिबंधित रहेगा। यानी कुल दो घंटे तक ट्रक, ट्रोले और बड़े मालवाहन नगर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
स्कूल के समय को ध्यान में रखकर फैसला
थाना प्रभारी खेड़ागढ़ मदन सिंह ने बताया कि नया समय विशेष रूप से स्कूलों की छुट्टी होने की भीड़भाड़ को देखते हुए निर्धारित किया गया है। मुख्य बाजार और चौराहों पर दबाव सबसे अधिक होने के कारण यह समय चुना गया है। पुलिस की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रतिबंध के दौरान स्कूल बसें और यात्री वाहन बिना किसी रोक-टोक के चलेंगे। इसके अलावा अगर कोई भारी वाहन निर्धारित समय में प्रवेश करता है, तो मोटर वाहन अधिनियम ( एम.वी.एक्ट ) के तहत चालान और वाहन सीज जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Agra News: नियम लागू होते ही शुरू हुई बहस
जैसे ही नया नियम लागू हुआ, कस्बे में इस पर चर्चा शुरू हो गई कि क्या केवल दो घंटे का प्रतिबंध यातायात की समस्या को हल कर पाएगा? स्थानीय निवासियों का कहना है कि भारी वाहन पूरे दिन यातायात पर दबाव डालते है, ऐसे में केवल दो घंटे का प्रतिबंध बहुत प्रभावी नहीं होगा। खासकर स्कूलों के खुलने और बंद होने के समय होने वाला जाम कम होगा या नहीं, यह देखने वाली बात होगी। दूसरी ओर व्यापारियों का मानना है कि पुराना 12 घंटे वाला प्रतिबंध अत्यधिक था और इससे माल की आपूर्ति में बाधा आती थी। उनके अनुसार, दो घंटे का प्रतिबंध सही संतुलन बना सकता है यातायात भी नियंत्रित रहेगा और कारोबार भी प्रभावित नहीं होगा।
भीड़-जाम पर कितना नियंत्रण होगा?
खेड़ागढ़ का मुख्य बाजार संकरी गलिया और लगातार बढ़ते यातायात के कारण अक्सर जाम से जूझता रहता है। खासकर सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक बाजार क्षेत्र में वाहन रेंगते हुए चलते है। विशेषज्ञों का मानना है कि दो घंटे का प्रतिबंध तभी असर दिखाएगा जब
- ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए
- प्रमुख चौराहों पर पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाए
- अनावश्यक खड़ी गाडियों और अवैध पार्किंग पर कार्रवाई हो
- वैकल्पिक मार्गो को सक्रिय किया जाए
अगर प्रशासन इन बिंदुओं पर भी ध्यान देता है, तो भीड़भाड़ में निश्चित रूप से सुधार देखते को मिल सकता है।
व्यापारियों की की राहत
व्यापारियों के लिए नया फैसला राहत लेकर आया है। उनका कहना है कि सामान आने-जाने पर पहले की तरह रोक नहीं रहेगी, जिससे स्टॉक की कमी नहीं होगी। लंबे प्रतिबंध से दुकानों में माल की आपूर्ति प्रभावित होती थी, लेकिन अब दो घंटे के प्रतिबंध से यह समस्या काफी हद तक का हो जाएगी। और सभी अर्थ व्यवस्था बनी रहेगी। इस नियम के किसी को परेशानी नहीं होगी।
क्या दो घंटे काफी है?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दो घंटे का प्रतिबंध खेड़ागढ़ के जाम को कम कर पाएगा? इसका जवाब आने वाले दिनों में सड़क की स्थिति देखकर ही मिलेगा। यदि भीड़भाड़ में सुधार होता है तो यह फैसला सफल माना जाएगा, वरना प्रशासन को पुन: समय में संशोधन करना पड़ सकता है। फिलहाल, यह देखना होगा कि नया नियम कस्बे की यातायात व्यवस्था को कितना नियंत्रित कर पाता है और क्या इससे स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के जाम से राहत मिलती है या नहीं।







