Agra News: एत्मादपुर क्षेत्र में विद्युत विभाग द्वारा लगाए जा रहे प्रीपेड बिजली मीटरों के खिलाफ अब ग्रामीण इलाकों में विरोध तेज होता जा रहा है। किसान यूनियन और स्थानीय संगठनों ने इस व्यवस्था को आम जनता के लिए बोझ बताते हुए इसके खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। इसी मुड़े को लेकर एत्मादपुर स्थित अधिशासी अभियंता कार्यालय पर एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक के दौरान किसानों ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रीपेड मीटर प्रणाली उनके लिए आर्थिक बोझ साबित हो रही है। उनका कहना है कि पहले ही ग्रामीण क्षेत्र के किसान और मजदूर आर्थिक तंगी से जूझ रहे है, ऐसे में बिजली का उपयोग करने से पहले पैसा जमा करने की व्यवस्था उन पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है।
किसानों ने जताई गहरी नाराजगी
किसान यूनियन के नेताओं ने बैठक में कहा कि प्रीपेड मीटर लागू करने से गरीब और मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह व्यवस्था बिना हमारी मर्जी की थोपी जा रही है। किसानों का कहना है कि पोस्टपेड व्यवस्था में जहां उपभोक्ता उपयोग के बाद भुगतान करना था, वहीं प्रीपेड प्रक्रिया में पहले ही भुगतान करना पड़ता है, जिससे कई बार जरूरी समय पर बिजली का उपयोग बाधित हो सकता है।
बैठक में मौजूद किसानों ने यह भी कहा कि गांवों में पहले से ही आय के सीमित साधन है, ऐसे में प्रीपेड मीटर प्रक्रिया उनके लिए असुविधाजनक है। उन्होंने मांग की कि इस व्यवस्था को तुरंत बंद किया जाए और पहले की तरह पोस्टपेड मीटर ही लगाए जाएं।
आंदोलन की दी चेतावनी
किसान यूनियन ने साफ शब्दों में कहा कि यदि जल्द ही इस व्यवस्था को वापस नहीं लिया गया तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि इस मुद्दे को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग को जनता की समस्याओं को समझना होगा और एकतरफा फैसले लेने से बचना होगा। यदि विभाग ने समय रहते कोई समाधान नहीं निकाला तो यह विरोध और भी तेज हो सकता है।
विद्युत अधिनियम 2003 का हवाला
बैठक केe दौरान किसान यूनियन के प्रतिनिधियों ने विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस प्रावधान के तहत उपभोक्ता को यह अधिकार है कि वह अपनी सुविधा के अनुसार प्रीपेड या पोस्टपेड मीटर लगा सकता है। ऐसे में किसी भी उपभोक्ता पर जबरन प्रीपेड मीटर लागू करना कानून के खिलाफ है। संगठन का कहना है कि कानून उपभोक्ता को विकल्प देता है, इसलिए विभाग को भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए और किसी पर भी जबरदस्ती नई व्यवस्था नहीं थोपनी चाहिए।
सरकार से पुनर्विचार की मांग (Agra News)
बैठक के अंत में किसान यूनियन ने सरकार और विद्युत विभाग से इस मुद्दे पर फिर से विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही इस निर्णय को वापस नहीं लिया गया तो किसान यूनियन अन्य संगठनों और ग्रामीणों को साथ लेकर बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।







