Agra Weather: आगरा में ठंड बढ़ते ही हवा की गुणवत्ता लगातार गिरने लगी है। आगरा में शनिवार को कुल AQI 172 दर्ज किया गया, जो कि मॉडरेट श्रेणी में आता है। लेकिन कुछ शहरों ऐसे भी रहे जिनकी हवा बहुत खराब पाई गई। सबसे ज्यादा हवा संजय प्लेस की रही, जहां शनिवार सुबह AQI 203 दर्ज हुआ। जोकि पुअर श्रेणी में आता है और यहां की हवा लोगो में सांस लेना की परेशानी खड़ी कर सकती है।
किस इलाके में कितना रहा AQI? यहां देखें पूरी रिपोर्ट
नीचे दिए गए आंकड़े शनिवार सुबह 9 बजे के आसपास दर्ज किए गए
| जगह | AQI |
| संजय प्लेस | 203 |
| मनोहरपुर | 178 |
| आवास विकास | 171 |
| शाहजहां गार्डन | 166 |
| शास्त्रीपुरम | 164 |
इन आंकड़ों से साफ दिखाई देता की आगरा का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं बचा जहां हवा पूरी तरह साफ बताई जा सके। आगरा का शहर हर कोना प्रदूषण की चपेट में आ रहा है।
Agra Weather: आगरा का AQI बढ़ क्यों रहा है?
सर्दी आते ही आगरा में धुंध, वाहन प्रदूषण, निर्माण कार्यों की धूल और खेतों में परली का धुआं हवा को बहुत ज्यादा प्रदूषित करने लगते है। ये इसीलिए होता है कि तापमान कम होते ही हवा ठंडी और भारी हो जाती है। प्रदूषक कण ऊपर नहीं उठते जिससे AQI बढ़ने लगता है। इसके अलावा ट्रैफिक, फैक्टरी से निकाने वाला धुंआ, सड़कों पर उड़ती धूल आगरा की हवा को और भी खराब बना रही है।
AQI स्तर और उसकी श्रेणियां जानना जरूरी है
| AQI लेबल | श्रेणी |
| 0-50 | गुड |
| 51-100 | सेटीसफैक्ट्री |
| 101-200 | मॉडरेट |
| 201-300 | पुअर |
| 301-400 | वेरी पुअर |
| 400+ | सेवियर |
संजय प्लेस के 203 और मनोहरपुर के 178 के आंकड़े साफ बताते है कि आगरा की हवा अब गंभीर और चिंता का विषय बन चुका है। सरकार और प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए आने वाले समय में यही हाल रहा तो लोगों सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।
पिछले पांच दिनों में AQI की स्थिति
| डेट | AQI |
| 22 नवंबर | 172 |
| 21 नवंबर | 168 |
| 20 नवंबर | 204 |
| 19 नवंबर | 169 |
| 18 नवंबर | 184 |
20 नवंबर को शहर का AQI 200 पार कर गया था, जो इस समय की अब तक की सबसे चिंताजनक स्थिति रही। ये स्थिति सामान्य नहीं है सरकार को जल्द-जल्द एक्शन लेना चाहिए।
मॉडरेट श्रेणी में क्या खतरा होता है?
AQI 101-200 तक की हवा को मॉडरेट माना जाता है। इसमें आम लोगों पर बहुत बड़ा असर नहीं होता, लेकिन कुछ लोगों पर ये हवा इतनी खतरनाक होती है जैसे कि
- सांस लेने में हल्की परेशानी
- आंखों में जलन
- गले में खराश
- दमा ( Asthma ) ke मरीजों के लिए खतरा
- बुजुर्गों और बच्चों को ज्यादा असर
ऐसे में सुबह और शाम के समय ठंड ज्यादा होती है ऐसे में खतरा ज्यादा होता है।
पुअर श्रेणी में हवा कितनी खतरनाक होती है?
संजय प्लेस का AQI 203 रहा, जो पुअर श्रेणी में आता है इस स्तर पर हवा स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक मानी जाती है। जैसे
- सांस लेने में कठिनाई
- सीने में दर्द
- आंखों में जलन
- दिल और फेफड़ों के मरीजों के लिय बहुत ज्यादा खतरा
- Asthma और COPD पर होने पर बाहर बिना मास्क निकला हानिकारक हो सकता है।
संजय प्लेस क्यों बना सबसे प्रदूषित क्षेत्र?
संजय प्लेस आगरा का सबसे भीड़भाड़ इलाका और कमर्शियल क्षेत्र है। यहां
- ट्रैफिक जाम
- लगातार चलने वाले डीजल वाहन
- निर्माण प्रक्रिया की धूल
- सड़कों की सफाई
ये सभी कारण संजय प्लेस इलाकों को प्रदूषण को और बढ़ता है। सुबह शाम यहां सांस लेना भी परेशानी भरा हो सकता है।
मनोहरपुर: नदी किनारा होते हुए भी प्रदूषण में दूसरा नंबर क्यों?
आगरा प्रदूषण के मामले में दूसरे नंबर पर रहा, मनोहरपुर यमुना किनारे होने के बावजूद प्रदूषण में दूसरे स्थान पर रहा। कारण
- सड़क निर्माण
- भारी वाहन
- धूल उड़ना
- आसपास की खेतों से आने वाला धुंआ
यहां शनिवार सुबह AQI 178 दर्ज किया गया, जो कि मॉडरेट की श्रेणी में आता है, जो बहुत ही खराब स्थिति है।
क्या किया जा रहा है प्रदूषण रोकने के लिए?
नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा
- सड़कों पर पानी का छिड़काव
- धूल रोकने के लिए एंटी-स्मॉग गन
- निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग
- खुले में कूड़ा जलाने पर रोक
फिर भी हवा की स्थिति में अभी सुधार नहीं दिखा रहा है।
लोगों को क्या सावधानियां रखनी चाहिए?
- N 95 मास्क लगाकर ही बाहर जाएं
- सुबह और शाम के समय बाहर जाना अवॉयड करें
- घर में पौधे लगाएं जैसे एलोवेरा, स्नेक प्लांट, मानी प्लांट
- Asthma मरीज इनहेलर साथ रखें
- बच्चों और बुजुर्गों को बाहर कम लेकर जाएं
- वातावरण को साफ रखने के लिए कूड़ा न जलाएं
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