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Agra News: बुलेट ट्रेन की रफ्तार से आगरा का विकास, दिल्ली 1 घंटे और वाराणसी ढाई घंटे में

Published On: February 2, 2026
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Agra News: अब आगरा में दौड़ेगी बुलेट ट्रेन
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Agra News: आगरा के लिए रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक पल जुड़ने जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा घोषित नई दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर आगरा के विकास को नई रफ्तार देगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद आगरा से नई दिल्ली का सफर महज एक घंटे, जेवर एयरपोर्ट तक 40 मिनट, लखनऊ एक घंटे और वाराणसी तक ढाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा।

रेल बजट में घोषित इस हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को वर्ष 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। करीब 865 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में 12 आधुनिक रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे। इस परियोजना से न केवल यात्रियों को समय की बचत होगी, बल्कि आगरा और आसपास के इलाकों में आर्थिक, औद्योगिक और रियल एस्टेट विकास को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।

आगरा पहले से ही देश के प्रमुख पर्यटन शहरों में शामिल है। ताजमहल, आगरा किला और फतेहपुर सीकरी जैसे विष प्रसिद्ध स्मारकों के कारण यहां देश-विदेश से लाखों पर्यटक आते है। अब हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के जरिए आगरा की कनेक्टिविटी सीधे नई दिल्ली, वाराणसी, लखनऊ और जेवर एयरपोर्ट से जुड़ जाएगी। अब तक आगरा से जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक सीधी ट्रेन सेवा नहीं थी। हाई स्पीड रेल शुरू होने के बाद यात्री सीधे रेल मार्ग से एयरपोर्ट तक पहुंच सकेंगे। जिससे हवाई यात्रा करना और भी आसान हो जाएगा।

हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का रूट यमुना नदी के किनारे-किनारे होकर गुजरेगा। यह कॉरिडोर मथुरा से आगरा में प्रवेश करेगा और यमुना एक्सप्रेसवे तथा इनर रिंग रोड के आसपास से होकर गुजरेगा। आगरा में यह रेल ट्रैक एत्मादपुर मदरा गांव के पास से होते हुए इनर रिंग रोड को क्रॉस करेगा। इसी क्षेत्र में एक नया हाई स्पीड रेलवे स्टेशन बनने की संभावना है, जिससे आसपास के ग्रामीण और शहरी इलाकों को सीधा फायदा मिलेगा।

हाई स्पीड रेल कॉरिडोर में यात्राओं को हर एक घंटे के अंतराल पर बुलेट ट्रेन उपलब्ध होगी। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वालों को समय के साथ-साथ आराम और विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेगी।

250 किमी प्रति घंटा होगी औरत रप्तार

  • अधिकतम गति: 350 किमी प्रति घंटा
  • परिचालन गति: 320 किमी प्रति घंटा
  • औसत गति: 250 किमी प्रति घंटा
  • ट्रैक गेज: 1435 मिलीमीटर ( स्टैंडर्ड गेज )
  • एक ट्रेन में यात्री की क्षमता: करीब 750 यात्री

इसके अलावा, ट्रेनों में 25 केवी एसी ओवर हेड कैटेनरी सिस्टम, अत्याधुनिक सिग्नलिंग, भूकंप पहचान प्रणाली और आपात स्थिति में ब्रेक सिस्टम भी होगा, जिससे यात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

खंदौली से अलीगढ़ के मध्य प्रस्तावित न्यू आगरा अर्बन सेंटर भी इस परियोजना से लाभ होगा। इसके अलावा, रहनकलां गांव में 1058 एकड़ में विकसित हो रहा मेगा मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर भी हाई स्पीड रेल से जुड़ जाएगा। इन क्षेत्रों में अगले एक से पांच किलोमीटर के दायरे में सबसे ज्यादा विकास देखने को मिलेगा। इनर रिंग रोड का तीसरा चरण भी इसी वर्ष पूरा होने की उम्मीद है, जिससे कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।

हाई स्पीड रेल कॉरिडोर आगरा के पर्यटन उद्योग के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। दिल्ली और वाराणसी जैसे बड़े शहरों से पर्यटक कम समय में आगरा पहुंच सकेंगे। इससे होटल, ट्रैवल, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यापार को बड़ा फायदा होगा। साथ ही, औद्योगिक निवेश बढ़ने से आगरा में नए उद्योग, विकास रोजगार सृजन, आर्थिक वृद्धि और व्यापार में सुगमता को बढ़ावा देगा। 

दिल्ली–वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर केवल एक परिवहन परियोजना नहीं है, बल्कि यह आगरा के विकास की रीढ़ बनने जा रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी, रोजगार के अवसर, पर्यटन विस्तार और रियल एस्टेट में उछाल—ये सभी कारक मिलकर आगरा को उत्तर भारत के प्रमुख शहरों को जोड़ने में और मजबूत स्थान दिलाएंगे। आने वाले वर्षों में जब बुलेट ट्रेन आगरा से होकर फर्राटा भरेगी, तब यह शहर केवल ऐतिहासिक नामों के लिए ही नहीं, बल्कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और तेज रफ्तार विकास के लिए भी जाना जाएगा।

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Manoj Sharma

मनोज शर्मा एक डिजिटल न्यूज़ राइटर हैं, जो आगरा और उत्तर प्रदेश की ताज़ा खबरें, क्राइम अपडेट्स और स्थानीय मुद्दों पर लिखते हैं। इनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है।

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