Agra News: आगरा जिले के एत्मादपुर क्षेत्र स्थित रहनकलां टोल प्लाजा पर बिना अनुमति प्रदर्शन करने के मामले में पुलिस ने समाजवादी पार्टी (सपा) नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में सपा के प्रदेश सचिव समेत छह नामजद नेताओं और 15 से 20 अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई जिले में लागू निषेधाज्ञा के उल्लंघन के आधार पर की गई है।
बिना अनुमति प्रदर्शन बना कार्रवाई की वजह
दो मई की दोपहर करीब ढाई से तीन बजे सपा कार्यकर्ता रहनकलां टोल प्लाजा पर पहुंचे थे। वहां उन्होंने पार्टी के झंडे लहराते हुए प्रदर्शन किया और स्थानीय लोगों से टोल टैक्स न लिए जाने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने टोल पर वाहनों को रोकने की कोशिश भी की, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस का कहना है कि उस समय जिले में निषेधाज्ञा लागू थी और किसी भी तरह की भीड़ जुटाने या प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं थी। इसके बावजूद सपा नेताओं ने नियमों को नजरअंदाज करते हुए प्रदर्शन किया, जिसके चलते मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने दी थी चेतावनी (Agra News)
छलेसर चौकी प्रभारी कपिल कुमार के अनुसार, प्रदर्शन से पहले सपा नेताओं से अनुमति के बारे में पूछा गया था, लेकिन उन्होंने किसी भी तरह की अनुमति होने से इनकार कर दिया। चौकी प्रभारी ने उन्हें निषेधाज्ञा लागू होने की जानकारी भी दी थी और चार से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक का हवाला दिया था। इसके बावजूद प्रदर्शन जारी रहा। पुलिस का आरोप है कि चेतावनी के बाद भी कार्यकताओं ने नारेबाजी की और भीड़ को नियंत्रित करने में सहयोग नहीं किया। ऐसे में प्रशासन ने इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए कानूनी कार्रवाई की।
इन नेताओं को किया गया नामजद
मामले में महानगर उपाध्यक्ष मधुकर आरोड़ा, पूर्व महानगर उपाध्यक्ष देवेंद्र यादव, प्रदेश सचिव लल्ला गुर्जर, जिला महासचिव संतोष पाल, नितिन वर्मा और भरत सिंह को नामजद किया गया है। इसके अलावा 15 से 20 अज्ञात कार्यकर्ताओं को भी आरोपी बनाया गया है। इंस्टेक्टर एत्मादपुर आलोक सिंह ने बताया कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने और अवैध जमावड़ा व उपद्रव की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और CCTV फुटेज के आधार पर अन्य लोगों की पहचान भी की जाएगी।
प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने स्थानीय वाहनों से टोल टैक्स वसूली बंद करने की मांग रखी। उनका कहना था कि क्षेत्र के लोगों को राहत दी जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर कार्यकर्ता टोल प्लाजा पर पहुंचे थे और ज्ञापन देने की बात कह रहे थे। हालांकि प्रशासन का कहना है कि किसी भी मांग को लेकर प्रदर्शन करने के लिए पहले अनुमति लेना जरूरी है।
Agra News: रावली पुल पर चलती कार में लगी आग, तीन युवकों ने कूदकर बचाई जान







