Agra News: दिल्ली, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के बीच यमुना नदी का जलस्तर आगरा में तेजी से बढ़ रहा है। शनिवार शाम नदी का जलस्तर 149.30 मीटर तक पहुंच गया। यमुना का खतरे का निशान 152 मीटर है। जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया है। प्रशासन की ओर से तहसील सदर और`फतेहाबाद क्षेत्र के 23 गांवों में विशेष निगरानी बढ़ाई गई है। ग्रामीणों को यमुना के किनारे जाने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। बाढ़ चौकियों को भी सक्रिय कर दिया गया है।
लगातार बढ़ रहा यमुना का जलस्तर
लगातार बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण यमुना में पानी तेजी से बढ़ रहा है। पिछले सप्ताह पूर्व यमुना का जलस्तर करीब 144 मीटर था। इसके बाद बारिश का सिलसिला जारी रहने और बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण नदी का स्तर लगातार ऊपर पहुंचता गया। रिपोर्ट के अनुसार, गोकुल बैराज से पहले करीब 15 हजार क्यूसेक और हथिनी कुंड बैराज से करीब 20 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था।
72 घंटे के भीतर गोकुल से पानी छोड़े जाने की मात्रा बढ़कर करीब 20 हजार क्यूसेक, जबकि हथिनी कुंड से करीब 43 हजार क्यूसेक तक पहुंच गई। पानी की बढ़ती आवक का असर यमुना के जलस्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
11 अगस्त को आगरा पहुंच सकता है छोड़ा गया पानी
हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए पानी का असर आने वाले दिनों में और दिखाई देने की संभावना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, छोड़ा गया पानी 11 अगस्त तक आगरा पहुंच सकता है। ऐसे में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के और करीब पहुंचने की आशंका है। जिला प्रशासन और तहसील स्तर के अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। ग्रामीणों को नदी से पर्याप्त दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

नलों का पानी रुकने से शहर में बढ़ सकती है परेशानी
यमुना का जलस्तर यदि 152 मीटर के खतरे के निशान तक पहुंचता है तो इसका असर नदी से जुड़े नलों पर भी पड़ सकता है। इससे शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव कि समस्या बढ़ने की आशंका है। मंटोला, जीवनी मंडी, हाथी घाट, बल्केश्वर और दयालबाग समेत कई क्षेत्रों में नालों के जरिए पानी की निकासी प्रभावित हो सकती है। लगातार बारिश के बीच यदि नालों का पानी ठीक से बाहर नहीं निकल पाया तो शहर के निचले इलाकों में परेशानी बढ़ सकती है।
इन क्षेत्रों और गांवों पर प्रशासन की नजर
लो फ्लड लेवल से प्रभावित होने वाले संभावित क्षेत्रों में तहसील सदर और फतेहाबाद क्षेत्र के कई इलाके शामिल हैं।
- तहसील सदर क्षेत्र: नगला बूढ़ी, अमर विहार, दयालबाग, मोतीमहल, कटरा वजीर खां, रामबाग, अप्सरा टॉकीज और यमुना किनारा रोड से वेदांत मंदिर होते हुए आगरा फोर्ट तक के आसपास के क्षेत्र।
- प्रभावित हो सकने वाले गांव: तनोरा, नूरपुर, मेहरा, नाहरगंज, विसारना, कैलाश और स्वामीबाग।
- तहसील फतेहाबाद क्षेत्र: भरपूर, बमरौली, इटौरा, मेवलीकलां, गुडा, मेवली खुर्द और हिमायुपुर समेत अन्य गांव पर भी नहर रखी जा रही है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी (Agra News)
यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तहसील प्रशासन की ओर से लगातार मुनादी कराई जा रही है। लोगों को नदी के किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गया हैं। प्रशासन का मुख्य फोकस नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर है। जलस्तर में आगे होने वाली बढ़ोतरी के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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