Agra Crime News: आगरा में ऑनलाइन सीमेंट खरीदने के लिए गूगल पर मिले मोबाइल नंबर पर संपर्क करना एक कारोबारी को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने खुद को कंपनी का एरिया सेल्स मैनेजर बताकर कारोबारी से बातचीत की और व्हाट्स ऐप पर सीमेंट का प्रोफार्मा इनवॉइस भेजकर भुगतान कर लिया। इसके बाद सीमेंट की डिलीवरी नहीं हुई और दोबारा 71 हजार रूपये की मांग की गई। शक होने पर कारोबारी ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।
झांसी साइट के लिए चाहिए थी 350 बोरी सीमेंट
मामला आगरा के पर्ल टावर, गणपति क्लासिक निवासी राजेश सोनी से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक राजेश को 8 अगस्त को झांसी की साइट के लिए करीब 350 बोरी सीमेंट की जरूरत थी। उन्होंने गूगल पर कंपनी का मोबाइल नंबर खोजा और उस पर कॉल कर दिया। कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने खुद को कंपनी का कर्मचारी बताते हुए कहा कि एरिया सेल्स मैनेजर उनसे बात करेंगे। इसके करीब आधे घंटे बाद दूसरे नंबर से उदय मिश्रा नाम के व्यक्ति ने राजेश को फोन किया।
व्हाट्सएप पर भेजा फर्जी इनवॉइस
आरोपी ने खुद को कंपनी का एरिया सेल्स मैनेजर बताया। इसके बाद उसने व्हाट्सएप पर सीमेंट का प्रोफार्मा इनवॉइस भेजा। इनवॉइस में जीएसटी नंबर और बैंक खाते की जानकारी भी दी गई थी। दस्तावेज देखकर कारोबारी को भरोसा हो गया कि वह कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि से ही सौदा कर रहे हैं। इसी भरोसे में राजेश ने एनईएफटी के जरिए 1,01,500 रूपये बताए गए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए।
सीमेंट नहीं पहुंची, फिर मांगे 71 हजार रूपये
भुगतान के बाद आरोपी ने भरोसा दिलाया कि सीमेंट झांसी की साइट पर पहुंचा दी जाएगी। लेकिन तय समय के बाद भी सीमेंट की डिलीवरी नहीं हुई। राजेश ने जब दोबारा फोन किया तो आरोपी ने सीमेंट भेजने के नाम पर 71 हजार रूपये ओर मांग लिए। इस मांग के बाद कारोबारी को शक हुआ कि उसके साथ साइबर ठगी की गई है। राजेश ने 9 अगस्त को साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ठगी में इस्तेमाल हुए बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटा रही है। ठगी की रकम जिन खातों में गई, उन्हें ट्रेस करने का प्रयास भी किया जा रहा है।
गूगल पर मिले नंबर से रहें सावधान (Agra Crime News)
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि गूगल पर किसी कंपनी का मोबाइल नंबर मिलने के बाद उस पर आंख बंद करके भरोसा न करें। सामान का ऑडर देने से पहले कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से नंबर की पुष्टि करनी चाहिए। इसके अलावा किसी अनजान व्यक्ति की ओर से भेजे गए इनवॉइस, बैंक खाते और भुगतान संबंधी जानकारी को अच्छी तरह जांचना जरूरी है। एडवांस भुगतान करने से पहले विक्रेता और कंपनी की पहचान पक्की कर लेना चाहिए। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें और अपने बैंक को भी इसकी जानकारी दें। समय पर शिकायत करने से रकम को रोकने या वापस कराने की संभावना बढ़ सकती है।
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