Agra Ki News: आगरा रेलवे की पार्सल बोगी के जरिए माल भेजने के नाम पर जीएसटी चोरी के एक बड़े मामले का विजिलेंस जांच में खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि करीब 42 लाख रूपये के माल को सिर्फ दो लाख रूपये का दर्शाकर पार्सल के माध्यम से भेजा गया। मामले में आरोपों की पुष्टि होने के बाद तत्कालीन सहायक आयुक्त वाणिज्यकर संदीप कुमार सिंह, वाणिज्यकर अधिकारी देवेश पांडेय, सतीश चंद्र और ट्रांसपोर्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया गया है।
42 लाख के माल को दो लाख रूपये का दिखाने का आरोप
शासन में वर्ष 2023 में रेलवे की पार्सल बोगी से माल भेजने के दौरान जीएसटी चोरी की शिकायत पहुंची थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि माल की वास्तविक कीमत और दस्तावेजों में दर्ज कीमत में बड़ा अंतर है। इसके बाद शासन की ओर से मामले की जांच विजिलेंस को सौंपी गई। जांच के दौरान पता चला कि फोर्ट रेलवे स्टेशन पर माल को पार्सल बोगी के जरिए दूसरे स्थान पर भेजा गया था। शिकायतकर्ता की ओर से अधिकारियों को इसकी जानकारी दिए जाने के बावजूद मामले में तत्काल कार्रवाई नहीं किए जाने का भी आरोप सामने आया।
ट्रांसपोर्टर और जीएसटी अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप
विजिलेंस जांच में सामने आया कि ट्रांसपोर्ट असलम कुरैशी ने पार्सल बोगी से भेजे गए माल का मूल्य करीब दो लाख रूपये दर्शाया था, जबकि जीएसटी विभाग की जांच में माल की कीमत करीब 42 लाख रूपये पाई गई। इस तरह माल की कीमत में करीब 40 लाख रूपये का अंतर सामने आया। जांच में यह भी आरोप सामने आया कि माल की जांच और कार्रवाई में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध रही। आरोप है कि ट्रांसपोर्टर को लाभ पहुंचाने के लिए जरूरी चेकिंग नहीं की गई और शिकायत के बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया।
रेलवे रिकॉर्ड में माल लॉर्ड होने की पुष्टि
विजिलेंस जांच के दौरान रेलवे से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले गया। जांच में सामने आया कि पार्सल बोगी में 29 सितंबर 2022 को सुबह करीब 9:15 बजे से रात 11:40 बजे तक माल लोड़ किया गया था। रिकॉर्ड और मौके से सामने आई जानकारी के बीच अंतर मिलने के बाद जांच आगे बढ़ाई गई। शिकायतकर्ता की ओर से तत्कालीन सहायक आयुक्त संदीप कुमार सिंह और वाणिज्यकर अधिकारी देवेश पांडेय को बताया गया था कि माल बांद्रा टर्मिकल रेलवे स्टेशन भेजा जा रहा है। इसके बावजूद शिकायत के अनुसार माल की जांच और कार्रवाई नहीं की गई।
विजिलेंस जांच में खुला पूरा मामला (Agra Ki News)
जांच आगे बढ़ने पर विजिलेंस को माल की कीमत, पार्सल दस्तावेजों और जीएसटी रिकॉर्ड में अंतर मिला। आरोप है कि अधिकारियों और ट्रांसपोर्टर की मिलीभगत से सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद मामले में तत्कालीन सहायक आयुक्त वाणिज्यकर संदीप कुमार सिंह, वाणिज्यकर अधिकारी देवेश पांडेय, सतीश चंद्र और ट्रांसपोर्टर असलम कुरैशी के खिलाफ भ्रष्टाचार से संबंधित मुकदमा दर्ज किया गया है।
मामले में अब जांच एजेंसी की ओर से आरोपों से जुड़े दस्तावेज, माल की वास्तविक कीमत, जीएसटी रिकॉर्ड और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
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