आगरा। नौकरीपेशा लोगों के लिए प्रोविडेंट फंड से जुड़ी सेवाओं को आसान और तेज बनाने की दिशा में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO लगातार अपने डिजिटल सिस्टम में बदलाव कर रहा है। नए सेंट्रलाइज्ड आईटी सिस्टम के जरिए क्लेम प्रोसेसिंग को ज्यादा तेज, पारदर्शी और कम मानवीय हस्तक्षेप वाला बनाया जा रहा है। सबसे बड़ी राहत उन कर्मचारियों को मिली है जिन्हें बीमारी, शिक्षा, शादी या मकान जैसी जरूरतों के लिए PF से एडवांस निकालना पड़ता है। EPFO ने एडवांस क्लेम के ऑटो-सैटलमेंट की सीमा बढ़ाकर रु 5 लाख कर दी है। पात्र क्लेम को सिस्टम अपने स्तर पर प्रोसेस कर सकता है और EPFO के अनुसार ऐसे क्लेम का निपटारा करीब तीन दिनों में किया जा सकता है।
रु 5 लाख तक के एडवांस क्लेम का ऑटो-सेटलमेंट
EPFO ने जून 2025 में एडवांस क्लेम के ऑटो-सैटलमेंट की सीमा रु 1 लाख से बढ़ाकर रु 5 लाख कर दी थी। इसका मतलब है कि पात्र सदस्य को हर छोटे-बड़े एडवांस क्लेम के लिए अधिकारी के मैनुअल सत्यापन पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। बीमारी, शिक्षा, शादी और मकान से जुड़े पात्र एडवांस ऑटो-सैटलमेंट के दायरे में आता हैं। सिस्टम उपलब्ध रिकॉर्ड और जरूरी जानकारी का डिजिटल सत्यापन करके क्लेम को प्रोसेस करता है। EPFO ने बताया था कि रु 5 लाख तक की सीमा वाले पात्र क्लेम को तीन दिनों के भीतर प्रोसेस करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे जरूरत के समय कर्मचारियों को PF का पैसा पहले की तुलना में जल्दी मिलने की उम्मीद है।
EPFO का सेंट्रलाइज्ड सिस्टम हुआ लागू
EPFO की डिजिटल व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव Centralised IT Enabled System यानी CITES के रूप में किया गया है। पहले अलग-अलग क्षेत्रीय कार्यालयों से जुड़े डेटाबेस और सिस्टम की वजह से कामकाज में देरी आती थी। अब डेटाबेस को सेंट्रलाइज्ड प्लैटफॉर्म पर लाने की दिशा में बड़ा काम किया गया है। अगस्त 2026 में EPFO के कोच्चि क्षेत्र की रिपोर्ट में बताया गया कि CITES के जरिए बड़ी संख्या में Form-31 यानी एडवांस क्लेम ऑटो सेटल किए जा रहे है। वहां 81.9 प्रतिशत Form-31 क्लेम ऑटो सेटल हुए, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर Form-31 में 84 प्रतिशत ऑटो सेटलमेंट दर्ज किया गया।
UPI से PF क्लेम सेटलमेंट की तैयारी
PF खाताधारकों के लिए एक और महत्वपूर्ण बदलाव UPI से जुड़ा है। EPFO के डिजिटल आधुनिकीकरण प्रोजेक्ट के तहत PF क्लेम के पैसे को UPI प्लेटफॉर्म के जरिए सीधे बैंक खाते में क्रेडिट करने की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है। EPFO की बैठक से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज में SBI और NPCI के साथ API और सिस्टम इंटीग्रेशन के जरिए UPI आधारित क्लेम सेटलमेंट की तैयारी का उल्लेख किया गया था। हालांकि इसे अभी इस तरह नहीं समझना चाहिए कि हर PF खाताधारक अपने खाते से किसी भी UPI ऐप या ATM के जरिए PF की पूरी रकम निकाल सकता है। UPI से जुड़ी सुविधाओं का इस्तेमाल पात्रता और EPFO द्वारा लागू व्यवस्था के अनुसार ही होगा।
KYC अपडेट रहना होगा जरूरी
नए डिजिटल सिस्टम का पूरा फायदा लेने के लिए PF खाताधारकों के लिए अपना KYC सही रखना बेहद जरूरी है। UAM में आधार PAN और मोबाइल नंबर जैसी जरूरी जानकारी सही और लिंक होने से क्लेम प्रोसेसिंग आसान हो सकती है। EPFO की एक हालिया क्षेत्रीय रिपोर्ट में भी बताया गया कि साफ सुधरा KYC और UAN का आधार, PAN तथा मोबाइल नंबर से लिंक होना ऑटो सेटलमेंट का लाभ लेने में महत्वपूर्ण है। इसीलिए अगर आपके PF खाते में नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर या बैंक खाते से जुड़ी जानकारी में कोई गलती है, तो उसे समय रहते ठीक करना बेहतर है।
तीन दिन में क्लेम सेटलमेंट का लक्ष्य
EPFO की मौजूदा डिजिटल व्यवस्था में पात्र क्लेम को तेजी से निपटने पर जोर है। अगस्त 2026 की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक CITES के जरिए पात्र क्लेम को तीन दिनों के भीतर सेटल करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर PF क्लेम निश्चित रूप से तीन दिन में खाते में पहुंच जाएगा। क्लेम की पात्रता, KYC, बैंक विवरण और अन्य जरूरी जांच सही होने पर ही ऑटो-सेटलमेंट संभव होगा।
ध्यान रखें, हर PF निकासी ऑटोमैटिक नहीं होगी
यह समझना जरूरी है कि रु 5 लाख तक की सीमा का मतलब यह नहीं है कि कोई भी सदस्य कभी भी रु 5 लाख निकाल सकता है। ऑटो सेटलमेंट केवल पात्र एडवांस क्लेम पर लागू होगा है और निकासी के लिए EPFO के नियमों तथा सदस्य की पात्रता का पालन करना जरूरी है। इसी तरह UPI या ATM से PF निकालने की खबरों को लेकर भी खाताधारकों को आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए। केवल सोशल मीडिया या वायरल मैसेज देखकर अपनी PF जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
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