Agra Crime: आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में ग्रीन गैस बिल के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने एक बुजुर्ग को बकाया बिल और गैस कनेक्शन बंद होने का डर दिखाकर निशाना बनाया। इसके बाद व्हाट्सऐप के जरिए फर्जी लिंक और APK फाइल भेजकर उनके दो बैंक खातों से करीब 5.96 लाख रूपये निकाल लिए गए।
बताया गया है कि ठगों ने पहले उपभोक्ता से ग्रीन गैस के बकाया बिल का भुगतान करने के नाम पर महज 13 रूपये का ट्रांजेक्शन कराया। इसके बाद साइबर अपराधियों ने व्हाट्स ऐप पर बिल अपडेट करने के नाम पर लिंक और APK फाइल भेजी। फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल होने के बाद मोबाइल में मौजूद बैंकिंग से जुड़ी जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंचने की आशंका है।
दो बैंक खातों से निकली रकम (Agra Crime)
सिकंदरा निवासी बुजुर्ग के केनरा बैंक खाते से करीब 5 लाख 46 हजार रूपये और बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से 49 हजार 680 रूपये निकाल लिए गए। इस तरह दोनों खातों से करीब 5 लाख 96 हजार रूपये की रकम पार कर दी गई। इसी तरह दयालबाग क्षेत्र में भी ग्रीन गैस बिल के नाम पर करीब दो लाख रूपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार एक सप्ताह के भीतर ग्रीन गैस बिल के नाम पर साइबर ठगी की 12 वारदातें सामने आ चुकी है।
साइबर सेल ने लोगों को किया अलर्ट
लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के निर्देशन में साइबर सेल ने लोगों को सावधान किया है। पुलिस ने कहा है कि ग्रीन गैस का बिल बकाया होने या कनेक्शन बंद करने की धमकी देकर आने वाली कॉल और व्हाट्सऐप मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें। किसी भी अंजान लिंक पर क्लिक करने या APK फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल करने से बचें इसके अलावा OTP, UPI, PIN, CVV और बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ शेयर न करें।
पुलिस ने लोगों से कहा है कि ग्रीन गैस बिल से जुड़ी किसी भी समस्या की जानकारी अधिकृत माध्यम से ही जांचें। यदि साइबर ठगी हो जाती है तो बिना देर किए संबधित बैंक और साइबर अपराध हेल्पलाइन पर शिकायत करें। पुलिस की ओर से इस मामले में रविवार शाम करीब साढ़े चार बजे जानकारी साझा की गई।
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