Agra News: आगरा में परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की लगातार कार्रवाई के विरोध में स्कूल वैन चालकों का आंदोलन तेज हो गया है। गुरुवार को 400 से अधिक स्कूल वैन चालकों ने हड़ताल कर दी, जिससे शहर के कई निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई माता-पिता को सुबह स्वयं बच्चों को स्कूल छोड़ना पड़ा, जबकि दोपहर में छुट्टी के समय उन्हें लेने के लिए भी दौड़-भाग करनी पड़ी। अब वैन चालकों ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ वार्ता के नतीजे पर आगे की रणनीति तय करने की बात कही है। यदि समाधान नहीं निकला तो चक्का जाम की चेतावनी भी दी गई है।
आरटीओ कार्यालय और यातायात पुलिस के खिलाफ जताया विरोध
स्कूल वैन चालक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने गुरुवार को आरटीओ कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल पुलिस आयुक्त कार्यालय में डीसीपी ट्रैफिक से मिलने भी पहुंचे। चालकों का कहना है कि परिवहन विभाग और यातायात पुलिस लगातार चालान काट रही है और कई वाहनों को सीज भी किया गया है, जिससे उनका कामकाज प्रभावित हो रहा है। चालकों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में बड़ी संख्या में स्कूल वाहनों पर कार्रवाई की गई है। इसी के विरोध में हड़ताल का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारियों के साथ वार्ता सफल नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
अभिभावकों को उठानी पड़ी अतिरिक जिम्मेदारी
अचानक हुई हड़ताल का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों को देखने को मिला। कई वैन चालक सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ने पहुंचे, लेकिन अभिभावकों को दोपहर में बच्चों को लेने के लिए स्वयं स्कूल जाना पड़ा। इससे स्कूल के बाहर वाहनों की संख्या बढ़ और कई स्थानों पर यातायात का दबाव भी देखने को मिला। विशेष रूप से सेंट पीटर्स कॉलेज सहित कई प्रमुख स्कूलों में विद्यार्थियों के अभिभावकों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ा। स्कूलों के बहार सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ रही।
इन स्कूलों पर अधिक दिखाई दिया असर
हड़ताल का असर शहर के कई प्रमुख निजी स्कूलों में देखने को मिला। इनमें सेंट पीटर्स, सेंट जॉर्जेज, सेंट फ्रांसिस और सेंट पोल्स चर्च कॉलेज जैसे संस्थानों के वैन चालक शामिल रहे। हालांकि सभी स्कूल पूरी तरह प्रभावित नहीं हुआ, लेकिन कई स्थानों पर बच्चों के आवागमन की व्यवस्था प्रभावित रही। स्कूल वैन चालक एसोसिएशन ने प्रशासन के सामने कई मांगे रखी हैं। उनका कहना है कि बिना परमिट या अन्य कारणों से लगाए गए जुर्मानों पर राहत दी जाए। इसके साथ ही अनावश्यक जांच और लगातार कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।
चालकों ने यह भी मांग की है कि परिवहन विभाग में उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अलग हेल्प डेस्क बनाई जाए, ताकि परमिट और अन्य कार्यों के लिए उन्हें अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके अलावा चालकों ने वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वाइलटिडी) और पैनिक बटन लगाने की प्रक्रिया को आसान और कम खर्चीला बनाने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से यह व्यवस्था महंगी पड़ रही है।
प्रशासन का क्या है पक्ष: (Agra News)
आरटीओ प्रशासन का कहना है कि स्कूल वाहनों की जांच अभियान शासन के निर्देशों के तहत चलाया जा रहा है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वैध परमिट, आवश्यक दस्तावेजों, वीएलटीडी और पैनिक बटन जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य हैं। अधिकारियों ने चालक प्रतिनिधियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी हैं और नियमों के दायरे में समाधान का भरोसा दिया है। अब सभी की नज़र प्रशासन और स्कूल वैन चालक एसोसिएशन के बीच होने वाली वार्ता पर टिकी है। यदि सहमति बनती है तो स्कूल परिवहन व्यवस्था सामान्य हो सकते है, अन्यथा आंदोलन और चक्का जाम की स्थिति शहर के यातयात को प्रभावित कर सकती है।
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