Agra News: बदायूं में मृत घोषित किए जाने के बाद अंतिम संस्कार से ठीक पहले शरीर में हलचल महसूस होने पर दुबारा जिंदगी की उम्मीद उम्मीद शीला देवी ने आखिरकार नौ दिन बाद दम तोड़ दिया। परिवार उन्हें बेहतर इलाज की उम्मीद में आगरा लेकर आये थे। जहां निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। रविवार सुबह शीला देवी की मौत की खबर मिलते ही परिवार में एक बार फिर मातम छा गया।
अंतिम संस्कार से पहले शरीर में हुई थी हलचल
जानकारी के मुताबिक बदायूं निवासी शीला देवी की तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान 30 जुलाई को चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गया। परिजनों के मुताबिक अंतिम विदाई से पहले जब दामाद अपनी सास के पैर छूने पहुंचे, तभी उन्हें शरीर में हलचल महसूस हुई। इसकी जानकारी परिवार के अन्य लोगों को दी गई। अचानक शरीर में हलचल महसूस होने के बाद परिजनों को फिर से उम्मीद जगी कि शीला देवी की जिंदगी बच सकती है।
मौत के बाद फिर जगी ज़िंदगी की उम्मीद
शीला देवी के शरीर में हलचल की जानकारी मिलते ही परिजनों ने उन्हें तुरंत निजी अस्पताल पहुंचाया। यह डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू किया। परिवार के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं था। जिस महिला को कुछ समय पहले मृत मानकर अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही थी, उसे इलाज के लिए दोबारा अस्पताल ले जाया गया।
बड़े बेटे सुनील ने भी मां को बचाने की पूरी कोशिश की। वह उन्हें बेहतर इलाज की उम्मीद में बदायूं से आगरा लेकर पहुंचे। आगरा के निजी अस्पताल में चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया। परिवार को उम्मीद थी कि इलाज के बाद शीला देवी की हालत में सुधार होगा।
नौ दिन तक जिंदगी और मौत के बीच चल संघर्ष (Agra News)
आगरा में भर्ती होने के बाद शीला देवी करीब नौ दिन तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करती रहीं। इस दौरान परिवार के लोग उनके ठीक होने की उम्मीद लगाए बैठे थे। परिजन लगातार उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित रहे और इलाज के दौरान उनके स्वास्थ्य होने की प्रार्थना करते रहे। परिवार के लिए यह समय बेहद मुश्किल रहा। एक तरफ कुछ दिन पहले अंतिम संस्कार की तैयारी तक हो चुकी थी, वहीं शरीर में हलचल मिलने के बाद फिर से जिंदगी की उम्मीद जगी थी। परिजनों ने इलाज में कोई कसर नहीं छोड़ी।
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