Agra News: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। एक्सप्रेसवे पर अत्याधुनिक एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) का कंट्रोल रूम तैयार कर लिया गया है। इसके शुरू होने के बाद पूरे एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी की जाएगी। किसी भी दुर्घटना, ओवरस्पीड, ब्रेकडाउन या अन्य आपात स्थिति की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी, जिससे राहत और बचाव दल को बिना देरी मौके पर भेजा जा सकेगा।
यूपी एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) का उद्देश्य इस नई तकनीक के जरिए सड़क सुरक्षा को और मजबूत बनाना है ताकि दुर्घनाओं में कमी लाई जा सके और यात्राओं को सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिल सके।
100 किलोमीटर तक होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग
नए एटीएमएस कंट्रोल रूम के संचालन के बाद एक्सप्रेसवे के करीब 100 किलोमीटर क्षेत्र की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। कंट्रोल रूम में आधुनिक एलईडी वीडियो वॉल लगाई गई है, जहां से हाल लें की लाइव मॉनिटरिंग संभव होगी। यदि किसी वाहन की रफ़्तार तय सीमा से अधिक होगी है, कोई वाहन दुर्घनाग्रस्त होता है या सड़क पर अचानक कोई बाधा आती है, तो उसकी सूचना तुरंत कंट्रोल रूम में दर्ज होगी। इसके बाद संबधित टीम को तुरंत करवाई के लिए भेजा जाएगा।
रॉन्ग साइड वाहनों की तुरंत होगी पहचान
एक्सप्रेसवे पर होने वाले गंभीर हादसों का बड़ा कारण रॉन्ग साइड से आने वाले वाहन होते है। इसे रोकने के लिए व्हीकल इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम लगाया गया है। यह तकनीक गलत दिशा से प्रवेश करने वाले वाहन की पहचान करते ही कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देगी। इसके बाद संबधित अधिकारियों को तुरंत सूचना मिलेगी और समय रहते कार्रवाई कर वाहन को रोका जा सकेगा। इससे बड़े हादसों की आशंका काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
हर किलोमीटर पर सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए एक्सप्रेसवे पर हर एक किलोमीटर की दूरी पर हाई क्वालिटी नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे है। अधिकांश स्थानों पर कैमरे लगाए जा चुके है, जबकि बाकी के बचे हुए स्थानों पर कनेक्टिविटी का कार्य अंतिम चरण में है। पहले कैमरे पांच किलोमीटर की दूरी पर लगाए गए थे, लेकिन नई व्यवस्था के बाद निगरानी पहले की तुलना में कई गुना अधिक प्रभावी हो जाएगी।
हर दो किलोमीटर पर इमरजेंजी कॉल बॉक्स: (Agra News)
यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे पर हर दो किलोमीटर की दूरी पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स भी स्थापित किए गए है। यदि किसी वाहन में खराबी आ जाए, दुर्घटना हो जाए या किसी यात्री को तत्काल सहायता की जरूरत पड़े, तो वह सीधे कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकेगा। इस सुविधा से पुलिस, एबुलेंस और रेस्क्यू टीम को तुरंत सूचना मिलेगी, जिससे सहायता पहुंचने में लगने वाला समय कम होगा।
कंट्रोल रूम से जुड़े वेरिएबल मैसेज साइन (VMS) बोर्डों के माध्यम से वाहन चालकों को मौसम, ट्रैफिक जाम, दुर्घटना, डायवर्जन और अन्य जरूरी सूचनाएं भी समय-समय पर उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे चालक पहले से सतर्क रहेगे और सुरक्षित तरीके से यात्रा कर सकेंगे।
Agra Crime: आगरा में पत्नी ने पति की हत्या कर बाथरूम में दफनाया, टाइल्स लगवाकर 45 दिन तक छिपाया राज








