Cheque Book New Rules: अगर आप बड़े भुगतान के लिए चेक का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। बैंकिंग सिस्टम में चेक से होने वाले फर्जीवाड़े को कम करने और चेक की पहचान व सत्यापन को सुरक्षित बनाने के लिए अल्फा-न्यूमेरिक कोड वाली चेकबुक को लेकर नया अपडेट सामने आया है। कई बैंकों ने ग्राहकों को नई चेकबुक लेने के लिए कहा है।
बैंक ऑफ इंडिया (BOI) ने भी अपनी चेकबुक में अल्फा-न्यूमेरिक कोड को सुरक्षा फीचर के तौर पर लागू किया है। बैंक की नीति के मुताबिक यह सुविधा चेक से जुड़े फर्जीवाड़े को रोकने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
31 दिसंबर 2026 के बाद क्या होगा?
हालिया बैंकिंग अपडेट के अनुसार, 31 दिसंबर 2026 के बाद 50,000 रूपये या उससे अधिक राशि वाले ऐसे चेकों को लेकर खास सावधानी जरूरी होगी, जिनमें जरूरी अल्फ़ा-न्यूमेरिक कोड मौजूद नहीं हैं। बैंक ग्राहकों को पुरानी चेकबुक की जगह नई चेकबुक लेने की सलाह दे रहे हैं। हालांकि, यह धियान रखना जरूरी है कि सभी बैंकों के नियम और शुल्क एक जैसे नहीं हैं। इसीलिए ग्राहक ऐप बैंक से यह जरूर जांच ले की उनके खाते पर नया नियम किस तरह लागू होगा।
अल्फ़ा-न्यूमेरिक कोड क्या है?
अल्फा-न्यूमेरिक कोड अक्षरों और अंकों से मिलकर बना एक विशेष कोड होता है। चेक पर मौजूद इस तरह के सुरक्षा फीचर का इस्तेमाल चेक की पहचान और उसके सत्यापन में मदद के लिए किया जाता है। बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी चेकबुक में यह सुरक्षा सुविधा सितंबर 2022 से लागू की थी। बैंक के अनुसार, नई सीरीज की चेकबुक में अल्फा-न्यूमेरिक कोड पुराने सीरीज के चेक से जुड़े फर्जीवाड़े को कम करने में मदद करता है।
ग्राहकों को अब क्या करना चाहिए?
अगर आप नियमित रूप से चेक का इस्तेमाल करते हैं तो आखिरी समय का इंतजार न करे। सबसे पहले अपनी मौजूद चेकबुक देखे और पता करें कि उसमें अल्फा-न्यूमेरिक कोड मौजूद है या नहीं। नई चेकबुक की जरूरत होने पर आप अपने बैंक की मोबाइल बैंकिंग ऐप, इंटरनेट बैंकिंग या बैंक शाखा के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। कुछ बैंक ग्राहकों को ईमेल और SMS के जरिए भी नई चेकबुक लेने की जानकारी भेज रहे हैं। नई चेकबुक जारी करने का शुल्क बैंक और खाते के प्रकार के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। उदाहरण के तौर पर बैंक ऑफ इंडिया की उपलब्ध नीति में 25 चेक पन्नों की वार्षिक मुफत सीमा और उसके बाद अतिरिक्त पन्नों पर शुक्ल का उल्लेख है।
50 हजार रूपये से ज्यादा के चेक पर विशेष ध्यान
अगर आप संपत्ति, कारोबार, फीस या किसी अन्य बड़े भुगतान के लिए 50,000 रूपये या उससे अधिक का चेक देने वाले हैं तो चेकबुक की वैधता और बैंक की नई शर्तों पहले पुष्टि कर लेना बेहतर है। बैंक ऑफ इंडिया की नीति में बड़े मूल्य के चेक के लिए Positive Pay System का भी प्रावधान है। बैंक की नीति के अनुसार 5 लाख रूपये या उससे अधिक के चेक के लिए Positive Pay अनिवार्य किया गया है।
चेक सुरक्षा क्यों बढ़ाई जा रही है?
चेक से जुड़े फर्जीवाड़े में चेक की जानकारी से छेड़छाड़ या फर्जी चेक का इस्तेमाल जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं। अल्फा-न्यूमेरिक कोड जैसे सुरक्षा फीचर का उद्देश्य चेक की पहचान और सत्यापन को मजबूत करना है। इसके साथ ही बैंकिंग व्यवस्था में Cheque Truncation System (CTS) के जरिए चेक की इलेक्ट्रॉनिक इमेज के आधार पर क्लियरिंग की जाती है। इससे चेक क्लीयरिंग प्रक्रिया को अधिक डिजिटल और तेज बनाने में मदद मिलती है।
ग्राहक रखें इन बातों का ध्यान (Cheque Book New Rules)
- अपनी मौजूदा चेकबुक की जांच करें।
- बैंक से नई चेकबुक की जरूरत की पुष्टि करें।
- बड़े भुगतान के लिए चेक देने से पहले बैंक के नियम जरूर देखें।
- किसी अनजान व्यक्ति के साथ चेक की जानकारी साझा न करें।
- बैंक की ओर से आए SMS या ईमेल में दिए निर्देशों की पुष्टि आधिकारिक माध्यम से करें।
- नई चेकबुक के लिए आवेदन करते समय शुल्क और मुफ्त चेक पन्नों की सीमा जरूर देखें।
31 दिसंबर 2026 की समयसीमा और 50,000 रूपये की शर्त को लेकर अलग अलग बैंकों की व्यवस्था अलग हो सकती है। इसलिए ग्राहक अपने बैंक की अधिकारिक सुरक्षा को अंतिम आधार मानें।




