Agra News: आगरा के कागारौल थाना क्षेत्र के बेरी चाहर गांव में पूर्व प्रधान शिव सिंह चाहर के बेटे राजेश चाहर की शिकायत पर 43 दिन बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। मामला घर में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी देने से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस आयुक्त के निर्देश के बाद कागारौल थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पूरा मामला 43 दिन बाद दर्ज हुई एफआईआर
पीड़ित राजेश चाहर का आरोप है कि 2 मई को एक शादी समारोह के बाद कुछ लोग उनके घर में जबरन घुस आए। आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और घर की खिड़कियों के शीशे सहित अन्य सामान में तोड़फोड़ की। उनका कहना है कि घटना के बाद स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने पुलिस आयुक्त से शिकायत की। इसके बाद मामला दर्ज किया गया।
राजेश चाहर ने आरोप लगाया है कि उदयवीर, अंकु उर्फ अंकित और रामू नामक ये आरोपी पहले भी कई घटनाओं को अंजाम दे चुके है और कई बार बार जेल भी कट चुके है, साथ ही उन्होंने फर्जी तरीके से नौकरी भी लगा रखी है। उनका कहना है कि ये विपक्षी लोग 24 जून 2026 को पुलिस उपायुक्त पश्चिमी आगरा से मिलकर उनके खिलाफ झूठा मुकदमा लिखवाना चाहते है, जिसे राजेश चाहर पूरी तरह से निराधार और गलत बताते है।
राजेश का यह भी कहना हैऐ की आरोपी दो सगे भाइयों में जन्म का अंतर 2-3 महीने का बता रहे है, जबकि यह अंतर 9 महीने का होना चाहिए; ऐसा अंतर अन्य जानवरों में मिलता है। राजेश चाहर के पास वीडियो और ऑडियो भी मौजूद है, जिनमें ये विपक्षी लोग मां बहन की गंदी गालियां देते और जान से मारने की धमकी देते हुए नजर आ रहे है।
राजेश चाहर ने मांग की है कि ऐसे दंबगों के खिलाफ योगी सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए, क्योंकि ये दंबग लोग कभी भी पूर्व प्रधान शिव सिंह चाहर के बेटे राजेश के साथ कोई बड़ी घटना कर सकते है। उनका कहना है कि विपक्षी लोग उन पर जो गलत मुकदमा लिखवाना चाहते है, वह पूरी तरह गलत है और राजेश चाहर इस बात का पूरी तरह खंडन करते है।
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