Agra News: उत्तर प्रदेश की सरकार ने राज्य की सड़क कनेक्टिविटी को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले नए 50 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी दे दी गई। इस परियोजना पर लगभग 4,775 करोड़ रूपये खर्च किए जाएंगे। इसके पूरा होने के बाद आगरा, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज और गाजीपुर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई शहरों के बीच यात्रा पहले से अधिक तेज और आसान हो जाएगी।
सरकार के अनुसार यह लिंक एक्सप्रेसवे शुरुआती चरण में 6 लेन का बनाया जाएगा। भविष्य में यातायात बढ़ाने पर इसे 8 लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। इस मार्ग पर वाहनों की अधिकतम गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक निर्धारित की जायेगी, जिससे लंबी दूरी की यात्रा का समय कम होगा।
लखनऊ शहर के ट्रैफिक को मिलेगी राहत
वर्तमान में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले अधिकांश वाहन लखनऊ शहर के अंदर से गुजरते हैं। इससे शहर में ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाता है। नया लिंक एक्सप्रेसवे बनने के बाद दोनों एक्सप्रेसवे सीधे जुड़ जाएंगे और वाहनों को शहर में प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे लखनऊ में जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है।
पूर्वी और पश्चिमी यूपी के बीच बेहतर कनेक्टिविटी
नई परियोजना से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच सड़क संपर्क और मजबूत होगा। आगरा, मथुरा, कानपुर और लखनऊ से पूर्वांचल के जिलों तक यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी। साथ की दिल्ली से आने-जाने वाले यात्रियों को भी तेज और सुगम मार्ग उपलब्ध होगा। कैबिनेट बैठक में इस लिंक एक्सप्रेसवे के अलावा प्रदेश की अन्य महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई। इनमें प्रयागराज से सोनभद्र तक प्रस्तावित एक्सप्रेसवे तथा विंध्य-पूवंचल लिंक एक्सप्रेसवे जैसी योजनाएं शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य राज्य में आधुनिक सड़क नेटवर्क विकसित कर औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
क्या होगा फायदा? (Agra News)
नई परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली से पूर्वी उत्तर प्रदेश तक सफर तेज होगा। माल परिवहन की लागत और समय दोनों कम होंगे। व्यापार, उद्योग, पर्यटन और निवेश को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। साथ ही लखनऊ शहर के ट्रैफिक दबाव में कमी आने से स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी।
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