आगरा: जिले के खंदौली थाना क्षेत्र उस्मानपुर गांव में शराब के ठेकों को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। शनिवार को बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और ग्रामीण हाथों में लाठियां लेकर गांव में स्थित अंग्रेजी और देसी शराब के ठेकों के बाहर एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने ठेकों के बाहर नारेबाजी की और सड़क पर बैठकर विरोध जताया। कुछ महिलाओं ने सड़क पर लेटकर भी प्रदर्शन किया, जिससे आगरा-जलेसर मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में शराब की खुलेआम बिक्री से सामाजिक माहौल बिगड़ रहा है। महिलाओं का आरोप है कि शराब की वजह से घरेलू विवाद बढ़ रहे हैं और युवाओं पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है। इसी कारण वे लंबे समय से गांव से शराब के ठेके हटाने की मांग कर रही हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नही निकला है।
दूसरे दिन भी जारी रहा विरोध
शनिवार सुबह से ही करीब 40 से 50 महिलाएं और बच्चे गांव में स्थित शराब ठेकों के बाहर लगे साइन बोर्ड और होर्डिग्स को नुकसान पहुंचाने का भी प्रयास किया। मौके पर मौजूद ग्रामीण लगातार प्रशासन से ठेके हटाने की मांग करते रहे। महिलाओं का कहना है कि जब तक गांव में शराब के ठेके नहीं हटाए जाएंगे, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान कई ग्रामीण भी महिलाओं के समर्थन में शामिल दिखाई दिए ।
सड़क जाम होने से राहगीरों को हुई परेशानी
प्रदर्शन के दौरान महिलाएं आगरा-जलेसर मार्ग पर पहुंच गई और सड़क पर बैठ गई। करीब काफी देर तक यातायात प्रभावित रहा और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पे पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो सकी।
पुलिस और आबकारी विभाग ने संभाली स्थिति
घटना की जानकारी मिलते ही आबकारी विभाग के अधिकारी और खंदौली थाना पुलिस मॉल पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रही महिलाओं से बातचीत की और उन्हें शांत करने का प्रयास किया। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगो को संबंधित विभाग तक पहुंचाया जाएगा। स्थितियों को देखते हुए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। एसपी पूर्वी देवेश कुमार सिंह ने बताया कि महिलाओं ने शराब के ठेके हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया है।
ग्रामीणों की मांग (आगरा)
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में शराब की ब्रिकी बंद होने से सामाजिक वातावरण बेहतर होगा और युवाओं को नशे से दूर रखा जा सकेगा। महिलाओं ने प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की मांग करते हुए कहा कि यदि उनकी बात नहीं सुनी गई तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
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