Agra News: यूजीसी के प्रस्तावित रेगुलेशन के विरोध में मंगलवार को आगरा में प्रदर्शन के दौरान जमकर हंगामा हुआ। स्वर्ण समाज और करणी सेना से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हो गई। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया।
प्रदर्शन के दौरान एक इंस्पेक्टर धक्का-मुक्की के बीच सड़क पर गिर गए। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने की कोशिश की। हंगामे के बीच कुछ प्रदर्शनकारी वकीलों के चैंबर में भी घुस गए। पुलिस ने चैंबर का गेट बंद कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
300 प्रदर्शनकारियों की रैली को पुलिस ने रोका
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, करीब 300 लोगों की रैली एसडीएम कार्यालय की ओर जा रही थी। एत्मादपुर क्षेत्र में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। इसे लेकर प्रदर्शनकारी नाराज हो गए। आरोप है कि पुलिस की सख्ती के बाद मौके पर विवाद की स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से रैली निकालकर एसडीएम को ज्ञापन देना चाहते थे। इसी दौरान पुलिस से उनकी कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई।
इंस्पेक्टर पर लाठीचार्ज का आरोप (Agra News)
करणी सेना के जिलाध्यक्ष शिवम राठौर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने रैली को रोकने की कोशिश की। उनके अनुसार, पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोगों के साथ मारपीट की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश को हटाया नहीं जाता, तब तक वे आंदोलन जारी रखेंगे। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई।
आगरा-कानपुर हाईवे पर धरने से लगा जाम
हंगामे के बाद प्रदर्शनकारी आगरा-कानपुर नेशनल हाईवे पर धरने पर बैठ गए। बड़ी संख्या में लोगों के हाईवे पर बैठने से यातायात प्रभावित हुआ और लंबा जाम लग गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर बाद स्थिति शांत हुई और प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना समाप्त किया।
तहसील पहुंचकर दिया ज्ञापन
प्रदर्शनकारी बाद में तहसील मुख्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। प्रशासन की ओर से मामले की जांच और जांच के आधार पर कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यूजीसी रेगुलेशन के मुद्दे पर उनका आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है।
आगे बड़े आंदोलन की चेतावनी
सिस्टम सुधार संगठन से जुड़े अंशुमान ठाकुर ने कहा कि यूजीसी के नए मसौदे को लेकर उनकी आपत्तियां बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था में सामाजिक और संवैधानिक न्याय से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही साथियों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। जरूरत पड़ने पर बड़े स्तर पर आंदोलन करने की चेतावनी भी दी गई। स्वर्ण समाज के नेता गजेंद्र परमार ने भी पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ज्ञापन देने के दौरान पुलिसकर्मियों का व्यवहार उचित नहीं था। उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मी को तत्काल निलंबित करने की मांग की और कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
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