Agra News: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ताजमहल पर तिरंगा फहराने की कोशिश को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने नाकाम कर दिया। तिरंगा लेकर ताजमहल पहुंचे हिंदूवादी नेताओं को सुरक्षा जांच के दौरान ही रोक दिया गया। इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर पुलिस के हवाले कर दिया गया। 15 अगस्त को ताजमहल पर तिरंगा फहराने का ऐलान के तहत संगठन से जुड़े कुछ हिंदूवादी नेता तिरंगा लेकर ताजमहल पहुंचे।
ताजमहल की सुरक्षा में तैनात CISF जवान पहले से ही सतर्क थे। नेताओं को स्मारक परिसर में प्रवेश से पहले ही रोक लिया गया। सुरक्षा बलों ने उनकी जांच की और तिरंगा लेकर अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
CISF की मुस्तैदी से नाकाम हुई कोशिश
ताजमहल देश के सबसे महत्वपूर्व संरक्षित स्मारकों में शामिल है। यहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण मौकों पर विशेष सतर्कता बरती जाती है। इसी के चलते CISF ने तिरंगा लेकर पहुंचे लोगों को प्रवेश से पहले ही रोक दिया। हिरासत में लिए गए लोगों को बाद में पुलिस के हवाले कर दिया गया। इस दौरान ताजमहल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।
हिंदू महासभा ने कहा – कोशिश जारी रहेगी
हिरासत की कार्रवाई के बाद हिंदू महासभा की ओर से कहा गया कि ताजमहल पर तिरंगा फहराने की कोशिश आगे भी जारी रहेगी। संगठन पहले भी ताजमहल में धार्मिक गतिविधियों और ध्वज फहराने को लेकर चर्चा में रहा है। मामले को लेकर सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस सतर्क रहीं। ताजमहल परिसर में किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।
गणतंत्र दिवस पर भी तिरंगा फहराने का मामला
इससे पहले 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के मौके पर भी ताजमहल परिसर में तिरंगा फहराने का मामला सामने आया था। अखिल भारत हिन्दू महासभा के पदाधिकारियों ने ताजमहल परिसर में तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान गाने का दावा किया था। संगठन की ओर से समय दावा किया गया था कि वर्ष 1632 में ताजमहल बनने के बाद पहली बार मुख्य मकबरे पर तिरंगा फहराया गया। इस दौरान तिरंगा फहराने का वीडियो भी सामने आया था। इस कार्यक्रम की जिम्मेदारी संगठन के शहर अध्यक्ष विशाल कुमार, जिला अध्यक्ष मीरा राठौर और मंडल अध्यक्ष मनीष पंडित ने संभाली थी।

सुरक्षा व्यवस्था (Agra News)
ताजमहल जैसे संरक्षित स्मारक में किसी भी गतिविधि को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पहले से सतर्क रहती है। स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने की कोशिश को रोकने के लिए CISF की सक्रियता से यह स्पष्ट है कि स्मारक की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई जोखिम नहीं लिया गया। फिलहाल तिरंगा फहराने की कोशिश के बाद हिरासत में लिए गए नेताओं के खिलाफ पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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