Agra News: आगरा में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ( FSDA ) की टीम ने बाह क्षेत्र में स्थित राधिका इंटरप्राइजेज मानिकपुर पर छापेमारी की। छापा इतना अचानक था कि दुकान मालिक और आसपास के लोग समझ नहीं पाए। छापेमारी में टीम को यहां से करीब 2,000 लीटर मिलावटी दूध, 81 किलो पनीर, 60 लीटर रिफाइंड पामोलिन ऑयल ( अपमिश्वक ) का स्टॉक पाया गया। कार्रवाई के दौरान टीम ने जगह-जगह गंदगी, खराब स्टोरेज व्यवस्था और खुले में पड़े पनीर पर बैठी मक्खियां भी देखी। निरीक्षण के बाद टीम ने मौके से कई सैंपल लिए, जिन्हें जांच के लिय लैब भेजा जाएगा। वहीं नियमों के तहत खराब और असुरक्षित पाए गए 81 किलो पनीर को तुरंत नष्ट कर दिया।
छापेमारी कैसे हुई
यह पूरे छापेमारी खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर सहायक आयुक्त महेंद्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम मानिकपुर पहुंची। दुकान पर अचानक अधिकारी पहुंचते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। विभाग टीम जल्दी-जल्दी दुकान के कोने-कोने की जांच की गई, जहां बड़ी संख्या में दूध के कंटेनर और पनीर के पैकेट पड़े मिले।
टीम में मौजूद अधिकारी
- राकेश कुमार यादव
- कृष्ण चंद्र पटेल
- राकेश कुमार
- गजेंद्र सिंह
इन सभी अधिकारियों ने मिलकर दूध, रिफाइंड और पनीर के नमूने लिए, सभी नमूने को जांच के लिए लैब भेजे गए है।
रिफाइंड ऑयल भी मिला संदिग्ध, 58-60 लीटर को किया सीज
पनीर और दूध के साथ-साथ दुकान से रिफाइंड पामोलिन ऑयल ( अपमिश्वक ) के बड़े कनस्तर भी मिले। लभभग 60 लीटर रिफाइंड को टीम ने तत्काल सील कर लिया। एक सैंपल जांच के लिय गया, ताकि पता चल सके कि तेल खाने योग है कि नहीं, खाद्य विभाग ये पता करने में लगा कि इस गोदाम से कितने लोग जुड़े है और कहाँ-कहां सप्लाई किया जाता थी।

Agra News: क्या-क्या सैंपल लिए गए ?
- मिश्रित दूध के – 2 सैंपल
- पनीर के – 2 सैंपल
- रिफाइंड पामोलिन ऑयल के – 1 सैंपल
- घी के – 1 सैंपल
- अलग प्रतिष्ठान से – 1 अतिरिक्त सैंपल
इन सभी को नियम अनुसार लैब भेजा गया है।
FSDA क्या करता है और यह कार्रवाई क्यों जरूरी ?
FSDA यानी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, ऐसे प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करता है जो:
- मिलावटी खाद्य सामग्री बेचते है
- स्वच्छता लोगो का पालन नहीं करते
- एक्सपायरी या खराब सामग्री बेचते है
- बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार चलाते है
खराब पनीर, गंदा दूध और मिलावटी तेल से लोगो के स्वास्थ्य पर फूड पॉइजनिंग, लीवर डैमेज, आंतों के संक्रमण, जैसी बीमारी पैदा होती है। और बच्चों में पोषण की कमी जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती है। इसी वजह से FSDA समा-समय पर छापेमारी करता है ताकि आम जनता को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री मिल सके।
कार्रवाई के बाद क्षेत्र में बढ़ी
इस छापेमारी की चर्चा पूरे दिन लोगों में बनी रही। स्थानीय लोगों ने कहा कि ऐसी दुकानों पर कार्रवाई बेहद जरूरी है, क्योंकि गंदे और मिलावटी खाद्य पदार्थ सीधे आम आदमी की सेहत से खिलवाड़ करते है। ऐसे में लोगों ने खाद्य विभाग के अधिकारियों से अपील की है कि ऐसे मिलावटखोर को सख्त कार्रवाई की जाए।
दुकान का लाइसेंस रद्द करने की संस्तुति, संचालन बंद कराया गया
खाद्य सुरक्षा विभाग ने दुकान की खाद्य स्वच्छता को देखते हुए प्रतिष्ठान का संचालन तत्काल बंद करा दिया है। ताकि सबूत को न मिटाया जाए, साथ ही लाइसेंस निलंबन की संस्तुति भी भेज दी गई है। टीम ने पास ही संचालित में राज-संस का भी निरीक्षण किया, जहां उन्हें विष्णु पचौरी पुत्र राजकुमार पचौरी मिले। यहां भी दूध में मिलावट की आशंका पर सैंपल लिया गया।
आगे केया होगा ?
अब सभी सैंपल की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है। अगर रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होती है, तो
- दुकान मालिक पर कड़ी कानूनी कार्रवाई
- भारी जुर्माना
- लाइसेंस रद्द
- आवश्यकता पड़ने पर एफ़आईआर भी दर्ज हो सकती है।







