Agra News: आगरा में मंगलवार को किसान यूनियन के सैकड़ों किसानों ने अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। किसान आलू की माला पहनकर और बैलगाड़ी- घोड़ी बग्गी से कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों का कहना था कि उन्हें उनकी फसलों का सही मूल्य नहीं मिल रहा है, जबकि लागत लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने करीब तीन घंटे तक नारेबाजी की और जिला प्रशासन को 11 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में लखनऊ में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में शामिल किसानों ने कहा कि प्रदेश सरकार और प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे है।
ईरान-अमेरिका युद्ध का असर बताकर किसानों ने उठाई आवाज
किसान नेताओं का कहना था कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों की वजह से आलू के निर्यात पर असर पड़ा है। इससे किसानों को मंडियों में उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं। किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष हरिनाम सिंह ने कहा कि जब देश में पेट्रोल बचाने की बात की जाती है तो किसान भी उस संदेश को आगे बढ़ाते हुए बैलगाड़ी से कलेक्ट्रेट पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत का सही मूल्य नहीं मिल रहा है। आलू उत्पादक किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं। मंडियों में लगात निकलना मुश्किल हो रहा है। इसी वजह से आलू की माला पहनकर विरोध दर्ज कराया।
NHAI पर मुआवजे में भेदभाव का आरोप
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने NHAI पर भी गंभीर आरोप लगाए। किसानों का कहना है कि आगरा-ग्वालियर हाईवे और इनर रिंग रोड परियोजना में जिन किसानों की जमीन अधिग्रहीत की गई, उनमें कई लोगों को अब तक पूरा मुआवजा नहीं मिला है। किसानों ने आरोप लगाया कि कुछ गांवों में सर्किल रेट से कम मुआवजा दिया गया। वही कई मामलों में फाइलें प्रशासनिक स्तर पर अटकी हुई हैं। किसानों का कहना है कि लंबे समय से अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा।
टूटी सड़कें और सिंचाई की समस्या भी उठाई
किसानों ने गांवों की खराब सड़कों, बंद पड़ी पानी की टंकिया और सिंचाई व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई। फतेहाबाद और एत्मादपुर क्षेत्र के किसानों ने कहा कि कई गांवों में सड़के वर्षों से खराब हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है।
इसके अलावा किसानों ने बिजली कटौती, नहरों में पानी की कमी और कृषि विभागीय जुड़ी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। किसानों ने प्रशासन से सभी विभागों की संयुक्त बैठक बुलाकर समाधान करने की मांग की।
फसल खराब होने से बढ़ी परेशानी
किसानों का कहना है कि इस बार मौसम की मार से गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है। दूसरी तरफ सरकारी खरीद प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है, जिसके कारण किसान मजबूरी में कम दाम पर फसल बेच रहे है। प्रदर्शन में शामिल कई किसानों ने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है लेकिन आमदनी कम हो रही है। ऐसे में छोटे और मध्यम किसान सबसे ज्यादा आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
प्रशासन को दी आंदोलन की चेतावनी (Agra News)
प्रदर्शन के अंत में किसान नेताओं ने कहा कि यदि मांगो पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो लखनऊ में विधानसभा घेराव किया जाएगा। किसानों ने साफ कहा है कि अब केवल आश्वाशन से काम नहीं चलेगा। जमीन, फसल और मुआवजे से जुड़े मुद्दों पर ठोस निर्णय लेने होंगे। कलेक्ट्रेट परिसर में हुए इस प्रदर्शन को लेकर पूरे दिन हलचल बनी रही। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और किसानों से बातचीत कर ज्ञापन लिया।
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