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Agra Income Tax: आगरा में आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई, 5000 करोड़ के बेनामी संपत्ति सौदे की जांच तेज

Published On: January 7, 2026
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Agra Income Tax: आगरा में आयकर विभाग की बेनामी संपति जांच
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Agra Income Tax: आयकर विभाग ने आगरा में भूखंड, आवास और फ्लैट में निवेश करने वालों की गहन जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई का केंद्र बैनामा संपत्तियां है, जिसके माध्यम से बड़े पैमाने पर नगद लेन-देन और आय छिपाने की आशंका जताई जा रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार जांच के दायरे में लगभग 5000 करोड़ रूपये के बेनामों की जानकारी सामने आने का अनुमान है। प्रारंभिक पड़ताल में कई ऐसे दस्तावेज और रिकॉर्ड मिले है, जिनमें पेन नंबर का उल्लेख नहीं किया गया है, जबकि नगद लेन-देन की राशि काफी अधिक बताई जा रही है।

आयकर विभाग की टीम ने मंगलवार को सदर तहसील स्थित उपनिबंधक पंचम राजीव सक्सेना के कार्यालय में जांच की। टीम के पहुंचते ही संपत्ति से जुड़े रिकॉर्डों को खंगालना शुरू कर दिया गया। विभाग को 30 लाख रूपये से अधिक के बेनामों की जानकारी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जानी होती है, साथ ही प्रत्येक दस्तावेज में पेन नंबर का उल्लेख आवश्यक है। लेकिन जांच के दौरान सामने आया कि कई मामलों में इन नियमों का पालन नहीं किया गए।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बेनामों में बड़ी मात्रा में नकद लेन-देन किया गया है। नियमों के अनुसार 20 हजार रूपये से अधिक का नगद लेन-देन प्रतिबंधिक है, इसके बावजूद कई सौदों में इस प्रावधान की अनदेखी की गई। आयकर विभाग ने वित्तीय वर्ष 2019-20 से लेकर 2025 के अंत तक किए गए संपत्ति संबंधी लेन-देन का रिकॉर्ड खंगालना शुरू किया है। जांच देर शाम तक चली और अधिकारियों ने कई अहम दस्तावेज अपने कब्जे में लिए

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि उपनिबंधक कार्यालयों से आयकर विभाग को दी जाने वाली सूचनाओं में कट-छांट कर जानकारी भेजी गई। अधिकारियों का अनुमान है कि करीब पांच हजार करोड़ रूपये के बेनामों की पूरी जानकारी विभाग को उपलब्ध नहीं कराई गई है। कुछ रजिस्ट्रियों में जानबूझकर पेन नंबर दर्ज नहीं किया गया, ताकि लेन-देन की वास्तविकता छिपाई जा सके।

टीम अपने साथ उपनिबंधक कार्यालय से जांच से जुड़े कई रिकॉर्ड लेकर लौटी है। साथ ही बचा हुआ रिकॉर्ड उपलब्ध करने के निर्देश भी दिए गए है। आयकर विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय सीमा में सभी दस्तावेज और सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई गई, तो संबधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

आयकर विभाग की इस कार्रवाई से रियल एस्टेट क्षेत्र में हलचल मच गई है। भूखंड और फ्लैट की खरीद-फरोख्त से जुड़े कारोबारी और निवेशक सतर्क हो गए है। जानकारों का कहना है कि बीते कुछ वर्षों में रियल एस्टेट में बड़े पैमाने पर नकद निवेश हुआ है, जिसे अब विभाग सख्ती से खंगाल रहा है।

पूर्व में भी आयकर विभाग ने किरावली तहसील और उपनिबंधक द्वितीय सदर तहसील कार्यालय में जांच की थी। वहां से जुटाए गए रिकॉर्ड के आधार पर दोनों उपनिबंधकों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग आगे कार्रवाई करेगा। अधिकारियों का कहना है कि यदि बेनामी संपत्ति अधिनियम और आयकर कानून के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

जांच टीम में आयकर अधिकारी वरुण गोयल, आयकर निरीक्षक संतोष केसरी, शुभम जसवाल, कार्यालय अधीक्षक राजकुमार सोनी और कर सहायक प्रखर दीक्षित शामिल रहे। टीम ने दस्तावेजों की बारीकी से जांच की और संदिग्ध मामलों को चिह्नित किया। और बड़े स्तर से जांच में जुटा है साथ ही किसी भी वस्तु या कागज़ों पर विशेष नजर बनाए हुए है।

कुल मिलाकर, आगरा में शुरू हुई यह जांच केवल एक कार्यालय तक सीमित नहीं रहेगी। विभाग अन्य तहसीलों और उपनिबंधक कार्यालयों के रिकॉर्ड भी खंगाल सकता है। रिपोर्ट आने के बाद बड़े खुलासों और करवाई कि संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। आयकर विभाग की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि बेनामी। निवेश और कर चोरी के मामलों में अब कोई दिलाई नहीं बरती जाएगी।

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Manoj Sharma

मनोज शर्मा एक डिजिटल न्यूज़ राइटर हैं, जो आगरा और उत्तर प्रदेश की ताज़ा खबरें, क्राइम अपडेट्स और स्थानीय मुद्दों पर लिखते हैं। इनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है।

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