Agra Railway News: अछनेरा रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से एंटी सबोटेज चेक की मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान एक संदिग्ध लावारिस बैग मिलने की सूचना पर पूरे स्टेशन परिसर में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी की टीमों ने मौके पर पहुंचकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच शुरू की।
संदिग्ध बैग मिलने से मचा हड़कंप
मॉक ड्रिल के दौरान प्लेटफॉर्म नंबर 1 स्थित सामान्य श्रेणी बैठक सीट में एक काले रंग का पिट्ठू बैग लावारिस हालत में रखा होने की सूचना दी गई। सुरक्षा मिलते ही ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद स्टेशन पर मौजूद सुरक्षा बलों ने तत्परता दिखाई हुए पूरे क्षेत्र को घेर लिया। यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और बैठक सीट के आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई। फ्लोरोसेंट टेप और रस्सियों की मदद से क्षेत्र को सील कर दिया गया ताकि कोई भी व्यक्ति बैग के करीब न जा सके।
सुरक्षा एजेंसियों की तुरंत कार्रवाई
सूचना के बाद आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। ड्यूटी अधिकारी के आदेश पर बम निरोधक को तुरंत बुलाया गया। लगभग 16:40 बजे एंटी सबोटेज चेक टीम मौके पर पहुंची और जांच प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने सभी आवश्यक उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए बैग की बारीकी से जांच की। स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया और यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया।

जांच में नहीं मिली कोई संदिग्ध सामग्री
करीब एक घंटे तक चली जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि संदिग्ध बैग में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं है। जांच पूरी होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली और स्थिति को सामान्य घोषित किया। इसके बाद स्टेशन परिसर को फिर से यात्रियों के लिए खोल दिया गया। मॉक ड्रिल के जरिए सुरक्षा एजेंसियों ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी आपात स्थिति में किस तरह तेजी और सतर्कता के साथ कार्रवाई करनी है।
यात्रियों को किया गया जागरूक
ड्रिल के दौरान यात्राओं को भी जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि अगर कहीं भी कोई लावारिस सामान दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना रेलवे हेल्पलाइन 139 या फिर आरपीएफ, जीआरपी या नजदीकी रेलवे कर्मचारी को दें। अधिकारियों ने कहा कि यात्राओं की सतर्कता भी सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है। छोटी सी लापरवाही भी बड़े खतरे का कारण बन सकती है, इसलिए हर यात्री को जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
अधिकारियों और स्टाफ की रही मौजूदगी
इस मॉक ड्रिल में आरपीएफ, जीआरपी और अन्य रेलवे स्टाफ की सक्रिय भागीदारी रही। जिसमें मॉक ड्रिल में प्रभारी निरीक्षक आरपीएफ जीपी मीना, उप निरीक्षक आरपीएफ तेजेंद्र सिंह चाहर, अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर पूरी प्रक्रिया की निगरानी की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। ड्रिल के दौरान सभी टीमों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला, जो किसी भी वास्तविक आपात स्थिति से निपटने के लिए बेहद जरूरी है। अछनेरा स्टेशन पर आयोजित यह ड्रिल भी इसी कड़ी का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सुरक्षा मानकों को परखना और उनमें सुधार करना है।

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